विदेश » World’s Oldest President: 65 साल में सिर्फ 2 राष्ट्रपति, 40 वर्षों से इस देश में नहीं बदला लीडर!

World’s Oldest President: 65 साल में सिर्फ 2 राष्ट्रपति, 40 वर्षों से इस देश में नहीं बदला लीडर!

Facebook
Twitter
WhatsApp

Agency:एजेंसियां

Last Updated:

World’s Oldest President: कैमरून में राष्ट्रपति सात साल के लिए चुने जाते हैं. साल 1982 से वो लगातार कैमरून के राष्ट्रपति हैं और स्वास्थ्य कारणों से भी उन्होंने कभी सत्ता नहीं छोड़ी. उन्होंने लगातार आठवीं बार राष्ट्रपति पद का चुनाव लड़ा है.

65 साल में सिर्फ 2 राष्ट्रपति, 40 वर्षों से इस देश में नहीं बदला लीडर!पॉल बिया. (Credit- Reuters)

दुनिया के सबसे बुजर्ग राष्ट्रपति कौन हैं? सोच में पड़ गए हों तो चलिए जवाब हम देते हैं. आपने कैमरून देश का नाम सुना होगा और अगर नहीं सुना है तो बता दें कि दक्षिण अफ्रीका में मौजूद ये देश कभी फ्रेंच सत्ता के अधीन था. इसे 1960 यानि हमसे 13 साल बाद आजादी मिली लेकिन तब से यहां सिर्फ दो ही बार राष्ट्रपति बदले हैं. फिलहाल यहां की सत्ता पॉल बिया नाम के नेता के पास है, जिनका नाम सबसे बूढ़े राष्ट्रपति के तौर पर लिया जाता है. दिलचस्प ये है कि 92 साल के पॉल बिया अब भी सत्ता छोड़ने को तैयार नहीं हैं.

कैमरून में रविवार को फिर से चुनाव हुए हैं और अगर एक बार फिर पॉल बिया जीत जाते हैं, तो उनका कार्यकाल 99 साल की उम्र में खत्म होगा. ऐसा इसलिए है क्योंकि कैमरून में राष्ट्रपति सात साल के लिए चुने जाते हैं. साल 1982 से वो लगातार कैमरून के राष्ट्रपति हैं और स्वास्थ्य कारणों से भी उन्होंने कभी सत्ता नहीं छोड़ी. उन्होंने लगातार आठवीं बार राष्ट्रपति पद का चुनाव लड़ा है.

कौन हैं पॉल बिया?

पॉल बिया 92 वर्ष के हैं और वे करीब चार दशकों से कैमरून के राष्ट्रपति हैं. वे कैमरून के पहले राष्ट्रपति अहमदु अहिजो के इस्तीफे के बाद सत्ता में आए थे. बिय्या ने 1975 से 1982 तक कैमरून के प्रधानमंत्री के रूप में भी काम किया. देश की आजादी के बाद से कैमरून में केवल दो ही राष्ट्रपति रहे हैं, जिनमें बिय्या एक हैं. पिछले 20 वर्षों में वे हर चुनाव में 70 प्रतिशत से अधिक वोटों के साथ जीतते आए हैं. बिय्या ने सख्त शासन किया है और सभी राजनीतिक और सशस्त्र विपक्ष को दबाया है. कैथोलिक पादरी बनने की ट्रेनिंग लेने के बाद उन्होंने पेरिस में राजनीतिक विज्ञान की पढ़ाई की. उनकी सेहत को लेकर अक्सर चर्चा रहती है क्योंकि वे ज्यादातर समय यूरोप में बिताते हैं और देश का प्रशासन उनकी पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और परिवार के सदस्य संभाल रहे हैं. उनके महंगे इलाज और जेनेवा में छुट्टियों पर खर्च किए गए सरकारी पैसे पर आरोप भी लगे हैं, जिनकी कुल लागत 2018 में लगभग 65 मिलियन डॉलर बताई गई.

भ्रष्टाचार के लगे हैं आरोप, पर नहीं गई सत्ता

पॉल बिया ने अपनी निष्ठावान मददगारों को महत्वपूर्ण पद दिए हैं, जिसमें संसद अध्यक्ष से लेकर सरकारी तेल कंपनी के प्रमुख तक का पद शामिल है. 2008 में उन्होंने कार्यकाल सीमाओं को खत्म कर दिया. वे सत्ता में बने रहने के लिए विरोधियों पर कठोर दंड की पॉलिसी अपनाते हैं.वे अभी भी सत्ता छोड़ने को तैयार नहीं हैं. उनके राज में कैमरून आर्थिक मंदी, बेरोजगारी और गरीबी की समस्याओं का सामना कर रहा है. हालांकि वो युवाओं के लिए रोजगार और गरीबी खत्म करने का वादा अब भी कर रहे हैं. विश्लेषकों का मानना है कि कैमरून के चुनाव अक्सर धोखाधड़ी वाले होते हैं ताकि बिय्या सत्ता में बने रहें. विश्व बैंक के मुताबिक कैमरून की लगभग 40 प्रतिशत आबादी गरीबी रेखा के नीचे रहती है. लोगों को महंगाई, बेरोजगारी, साफ पानी, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी बुनियादी सुविधाओं की कमी से परेशानी है.

authorimg

Prateeti Pandey

News18 में Offbeat डेस्क पर कार्यरत हैं. इससे पहले Zee Media Ltd. में डिजिटल के साथ टीवी पत्रकारिता भी अनुभव रहा है. डिजिटल वीडियो के लेखन और प्रोडक्शन की भी जानकारी . टीवी पत्रकारिता के दौरान कला-साहित्य के सा…और पढ़ें

News18 में Offbeat डेस्क पर कार्यरत हैं. इससे पहले Zee Media Ltd. में डिजिटल के साथ टीवी पत्रकारिता भी अनुभव रहा है. डिजिटल वीडियो के लेखन और प्रोडक्शन की भी जानकारी . टीवी पत्रकारिता के दौरान कला-साहित्य के सा… और पढ़ें

homeworld

65 साल में सिर्फ 2 राष्ट्रपति, 40 वर्षों से इस देश में नहीं बदला लीडर!

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Share Market

Share Market

Gold & Silver Price

Should NEET exam be conducted again?

टॉप स्टोरी