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भारत में मौसम ने रंग बदलना शुरू कर दिया है. पारा लगातार चढ़ रहा है. फरवरी मार्च में ही कई इलाकों का तापमान चढ़कर 35 से 37 डिग्री सेल्सियस तक हुंच गया है. मगर, यहां के मौसम विभाग ने बाढ़ की चेतावनी जारी की है. दो शहर का तो बुरा हाल है. पूरा शहर पानी से लबालब भर गया है. पिछले छह घंटों के अंदर 100 मिलीमीटर तक भयंकर बारिश होने की चेतावनी दी गई है. नदियां उफान पर हैं और 20 से ज्यादा जलाशयों के ओवरफ्लो होने का खतरा मंडरा रहा है. मौसम विभाग ने इमरजेंसी रेड अलर्ट जारी कर दिया है.

भारी बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट जारी.
मेलबर्न: भारत में मौसम बदलना शुरू हो गया है. दिन के समय धूप और गर्मी से लोगों का बुरा हाल है. कई जगहों पर तापमान 35-37 डिग्री तक पहुंच गया. मौसम विभाग ने भीषण गर्मी की चेतावनी अभी से जारी करना शुरु कर दिया है. हालांकि, एक जगह मौसम ने इस प्रकार से रंग बदला है कि मौसम ने इमरजेंसी रेड अलर्ट जारी कर दिया है. कई इलाके बाढ़ग्रस्त हो गए हैं. पिछले कई घंटों से लगातार बारिश हो रही है. कई शहर बाढ़ की पानी में डूब गए हैं. मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की चेतावनी जारी की है. दक्षिण-पूर्वी ऑस्ट्रेलिया के राज्य विक्टोरिया और न्यू साउथ वेल्स (NSW) जैसे प्रमुख राज्यों में मौसम का मिजाज इतना खौफनाक हो गया है कि प्रशासन को ‘जानलेवा बाढ़’ (Life-threatening floods) की इमरजेंसी चेतावनी जारी करनी पड़ी है. हालात यह हैं कि आसमान से पानी नहीं, बल्कि साक्षात आफत बरस रही है.
ऑस्ट्रेलिया के मौसम विभाग (Bureau of Meteorology) ने सोमवार को एक बेहद गंभीर अलर्ट जारी करते हुए बताया कि विक्टोरिया के मध्य और उत्तरी हिस्सों के साथ-साथ न्यू साउथ वेल्स के दक्षिण और दक्षिण-पश्चिमी इलाकों में विनाशकारी बारिश होने वाली है. इस चेतावनी का दायरा कोई छोटा-मोटा नहीं है. मौसम विभाग के अनुसार, सेंट्रल विक्टोरिया के शहर सिमोर से लेकर पश्चिमी न्यू साउथ वेल्स के ब्रोकन हिल तक फैले लगभग 650 किलोमीटर के विशाल क्षेत्र में कुदरत का सबसे भयंकर रूप देखने को मिलेगा. सबसे डरावनी बात यह है कि इस पूरे इलाके में मात्र छह घंटे के भीतर 100 मिमी तक मूसलाधार बारिश होने का अनुमान है.
खतरनाक बाढ़ और आंधी-तूफान का अलर्ट
मौसम विभाग ने अपने कड़े बयान में साफ कहा है, “इस दौरान बारिश की तीव्रता इतनी भयानक होगी, जो रातों-रात खतरनाक और जानलेवा फ्लैश फ्लड (अचानक आने वाली बाढ़) का कारण बन सकती है. इसके साथ ही बहुत तेज आंधी-तूफान आने की भी पूरी संभावना है.” जब इतने कम समय में इतना ज्यादा पानी गिरेगा, तो जाहिर है कि ड्रेनेज सिस्टम और नदियां पूरी तरह से जवाब दे देंगी.
बाढ़ के पानी में गाड़ियां न उतारें!
हैरानी की बात यह है कि इतनी भयानक चेतावनी के बावजूद कुछ लापरवाह लोग अपनी जान जोखिम में डालने से बाज नहीं आते. यही वजह है कि विक्टोरिया और न्यू साउथ वेल्स की ‘स्टेट इमरजेंसी सर्विस’ (SES) शाखाओं को सख्त लहजे में निर्देश जारी करने पड़े हैं. प्रशासन ने लोगों से अपील ही नहीं बल्कि चेतावनी दी है कि वे किसी भी हाल में बाढ़ वाले इलाकों या पानी से भरी सड़कों पर अपनी गाड़ी न चलाएं और उफनती नदियों से पूरी तरह दूर रहें.
20 से ज्यादा जलाशयों पर मंडरा रहा खतरा
यह संकट केवल बारिश तक सीमित नहीं है. मौसम विभाग द्वारा रविवार को जारी किए गए फ्लड वॉच अपडेट्स के मुताबिक, इस लगातार हो रही भारी बारिश के कारण इलाके के 20 से अधिक प्रमुख जलाशय (Reservoirs) बुरी तरह प्रभावित हो सकते हैं. अगर ये जलाशय ओवरफ्लो हुए, तो रिहायशी इलाकों में पानी घुसने से कोई नहीं रोक पाएगा.
साउथ ऑस्ट्रेलिया पहले से ही है बेहाल
आपको बता दें कि यह तबाही कोई रातों-रात नहीं आई है. इससे पहले 27 फरवरी को भी साउथ ऑस्ट्रेलिया में भीषण बारिश के कारण खतरनाक फ्लैश बाढ़ के लिए ऐसी ही आपातकालीन चेतावनी जारी की गई थी. मौसम विभाग ने उस वक्त भी कहा था कि राज्य के उत्तर और उत्तर-पूर्व में होने वाली भारी बारिश सप्ताह के अंत तक राजधानी एडिलेड (Adelaide) की ओर बढ़ सकती है. (आईएएनएस से इनपुट)
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दीप राज दीपक 2022 में न्यूज़18 से जुड़े. वर्तमान में होम पेज पर कार्यरत. राजनीति और समसामयिक मामलों, सामाजिक, विज्ञान, शोध और वायरल खबरों में रुचि. क्रिकेट और मनोरंजन जगत की खबरों में भी दिलचस्पी. बनारस हिंदू व…और पढ़ें
March 02, 2026, 15:33 IST





