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डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका वेनेजुएला पर सैन्य हमला नहीं करेगा. हालांकि, कैरेबियन में अमेरिकी सेना की तैनाती बढ़ी है. अमेरिका ने हाल में ड्रग्स तस्करी के ठिकानों पर कार्रवाई की थी, जबकि वेनेजुएला के राष्ट्रपति मादुरो ने अमेरिका पर युद्ध की साजिश का आरोप लगाया है.
अमेरिकी राष्ट्रपति ने बताया कि क्या वे वेनेजुएला पर हमला करने की सोच रहे हैं.अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार (स्थानीय समय) को साफ किया कि उनकी सरकार वेनेजुएला पर किसी भी तरह का सैन्य हमला करने की योजना नहीं बना रही है. यह बयान ऐसे वक्त आया जब कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि अमेरिका वेनेजुएला के अंदर ड्रग्स कार्टेल के ठिकानों पर हमला कर सकता है. एयरफोर्स वन में सफर के दौरान पत्रकारों के सवाल पर ट्रंप ने दो टूक कहा, ‘No’ यानी नहीं. अमेरिकी एजेंसी AFP के मुताबिक उन्होंने इन रिपोर्ट्स को पूरी तरह नकार दिया.
हालांकि ट्रंप का यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिका ने हाल के महीनों में कैरेबियन सागर (Caribbean Sea) में अपनी सैन्य मौजूदगी को तेजी से बढ़ाया है. अमेरिका के युद्धपोत, फाइटर जेट्स और हजारों सैनिक अब इस क्षेत्र में तैनात हैं. जल्द ही दुनिया के सबसे बड़े एयरक्राफ्ट कैरियर USS गेराल्ड फोर्ड के पहुंचने की भी उम्मीद है.
कैरेबियन में क्यों बढ़ी हलचल?
अमेरिका ने हाल में वेनेजुएला के पास ड्रग्स तस्करी रोकने के नाम पर कई एयर और मरीन ऑपरेशन चलाए थे. इन अभियानों में 62 लोगों की मौत हुई और 14 नावें व एक सबमरीन तबाह कर दी गईं. ट्रंप प्रशासन का दावा है कि ये जहाज ‘कार्टेल ऑफ द सन्स’ से जुड़े ड्रग नेटवर्क का हिस्सा थे, जिसका संचालन वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो के करीबी सैन्य अधिकारियों के हाथ में है. वहीं निकोलस मादुरो ने अमेरिका पर ‘युद्ध की झूठी कहानी गढ़ने’ और उनकी सरकार को अस्थिर करने का आरोप लगाया है. उन्होंने कहा कि वॉशिंगटन ‘शासन परिवर्तन की साजिश’ रच रहा है.
विपक्ष भी बंटा
इस बढ़ते तनाव के बीच वेनेजुएला के विपक्ष में भी मतभेद गहराए हैं. नोबेल शांति पुरस्कार विजेता, मारिया मचाडो ने ट्रंप के समर्थन में बयान दिया है. वहीं पूर्व राष्ट्रपति उम्मीदवार हेनरिक कैप्रिल्स ने सैन्य दखल के खिलाफ आवाज उठाई है और मादुरो सरकार के साथ बातचीत का आह्वान किया है.
त्रिनिदाद-टोबैगो भी अलर्ट पर
तनाव के मद्देनजर वेनेजुएला का पड़ोसी त्रिनिदाद एंड टोबैगो डिफेंस फोर्सेस (TTDF) को सबसे ऊंचे ऑपरेशनल रेड अलर्ट स्तर पर रखा गया है. रिपोर्ट्स के मुताबिक सभी सैनिकों को शाम 6 बजे तक बेस पर लौटने का आदेश दिया गया है. वहीं उन्हें वास्तविक स्थिति के लिए तैयार रहने को कहा गया है. अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भी मीडिया रिपोर्ट्स को ‘फेक स्टोरी’ बताते हुए खारिज किया. उन्होंने कहा कि किसी भी तरह की हमले की खबर ‘गलत और भ्रामक’ है.

योगेंद्र मिश्र ने इलाहाबाद यूनिवर्सिटी से जर्नलिज्म में ग्रेजुएशन किया है. 2017 से वह मीडिया में जुड़े हुए हैं. न्यूज नेशन, टीवी 9 भारतवर्ष और नवभारत टाइम्स में अपनी सेवाएं देने के बाद अब News18 हिंदी के इंटरने…और पढ़ें
योगेंद्र मिश्र ने इलाहाबाद यूनिवर्सिटी से जर्नलिज्म में ग्रेजुएशन किया है. 2017 से वह मीडिया में जुड़े हुए हैं. न्यूज नेशन, टीवी 9 भारतवर्ष और नवभारत टाइम्स में अपनी सेवाएं देने के बाद अब News18 हिंदी के इंटरने… और पढ़ें
November 01, 2025, 06:01 IST





