Agency:एजेंसियां
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वेनेजुएला में विपक्षी नेता जुआन पाब्लो गुआनिपा को जेल से रिहा होने के कुछ घंटों बाद ही हथियारबंद लोगों ने अगवा कर लिया. विपक्ष ने इसे सरकार प्रायोजित कार्रवाई बताया है. यह घटना अमेरिका के लिए एक झटका है, क्योंकि उसके दबाव में ही राजनीतिक कैदियों की रिहाई चल रही है. वहीं इसे निकोलस मादुरो को उठाए जाने के बदले के तौर पर देखा जा रहा है.

निकोलस मादुरो को अमेरिका ने घर में घुसकर पकड़ा था.
कराकस: अमेरिका की ओर से पिछले महीने वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो का अपहरण कर लिया गया था. इसके बाद से ही वेनेजुएला की राजनीति में हलचल मची हुई है. अब इसी राजनीतिक उथल-पुथल के बीच देश में एक और हाई-प्रोफाइल अपहरण हो गया है, जिसने अमेरिका की रणनीति को हिला दिया है. देश के प्रमुख विपक्षी नेता और ‘प्रिमेरो जस्टिसिया’ पार्टी के प्रमुख जुआन पाब्लो गुआनिपा (Juan Pablo Guanipa) को जेल से रिहा किए जाने के कुछ ही घंटों बाद रविवार रात अगवा कर लिया गया. यह घटना ऐसे समय पर हुई है जब सरकार अमेरिका के दबाव में राजनीतिक बंदियों की रिहाई की प्रक्रिया शुरू करने का दावा कर रही है.
मारिया कोरिना माचाडो (बाएं) और जुआन पाब्लो गुआनिपा (दाएं).
परिवार और विपक्षी नेताओं के मुताबिक, गुआनिपा को कराकास के लॉस चोरोस इलाके से भारी हथियारों से लैस लोगों ने जबरन उठा लिया. विपक्षी नेता मारिया कोरिना माचाडो ने सोशल मीडिया पर कहा कि चार गाड़ियों में आए हथियारबंद लोग, जो सादे कपड़ों में थे, गुआनिपा को जबरन अपने साथ ले गए. गुआनिपा के बेटे रामोन ने एक वीडियो संदेश में बताया कि उनके पिता रात करीब 11:45 बजे एक कार्यक्रम में मौजूद थे, तभी लगभग 10 हथियारबंद लोगों ने उन्हें घेर लिया. रामोन के अनुसार, हमलावरों के पास कोई पहचान पत्र नहीं था और उन्होंने बंदूक के बल पर गुआनिपा को अगवा कर लिया. उन्होंने सरकार से सबूत देने की मांग की कि उनके पिता जीवित हैं.
क्या ट्रंप को दिखाने के लिए रिहाई का नाटक किया गया?
वेनेजुएला में सरकार ने गुआनिपा को आठ महीने की कैद के बाद रिहा किया था. यह कदम ऐसे वक्त पर उठाया गया जब अमेरिका लगातार वेनेजुएला पर राजनीतिक कैदियों को छोड़ने का दबाव बना रहा है. माना जा रहा था कि यह रिहाई ट्रंप को यह दिखाने की कोशिश थी कि कराकास ‘सुलह और सुधार’ की राह पर है. लेकिन उसी रात गुआनिपा का अपहरण हो जाना इस दावे की पोल खोलता नजर आ रहा है. गुआनिपा के बेटे के मुताबिक, करीब 10 हथियारबंद लोग बिना किसी पहचान के चार गाड़ियों में पहुंचे, बंदूकें तानीं और उनके पिता को अपने साथ ले गए. अब तक यह साफ नहीं है कि उन्हें कहां रखा गया है और उनकी हालत क्या है.
वेनेजुएला में दूसरे नेता भी किए गए रिहा
इसी दिन विपक्ष से जुड़े वकील पर्किन्स रोचा और कई अन्य नेताओं को भी रिहा किया गया, हालांकि कुछ को सख्त शर्तों के साथ रिहाई मिली है. मानवाधिकार संगठन ‘फोरो पेनाल’ के अनुसार, रविवार को कम से कम 30 राजनीतिक कैदियों को रिहा किया गया, जबकि सैकड़ों अब भी जेल में हैं. सरकार का दावा है कि देश में कोई राजनीतिक कैदी नहीं है, लेकिन मानवाधिकार समूह लंबे समय से आरोप लगाते रहे हैं कि असहमति की आवाजों को दबाने के लिए मनमानी गिरफ्तारियां की जाती हैं.
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योगेंद्र मिश्र ने इलाहाबाद यूनिवर्सिटी से जर्नलिज्म में ग्रेजुएशन किया है. 2017 से वह मीडिया में जुड़े हुए हैं. न्यूज नेशन, टीवी 9 भारतवर्ष और नवभारत टाइम्स में अपनी सेवाएं देने के बाद अब News18 हिंदी के इंटरने…और पढ़ें
February 09, 2026, 12:09 IST





