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US India Tariff War: ट्रंप टैर‍िफ पर वार, स्‍वदेशी पर फोकस, PM मोदी की बड़ी बैठक, RSS के साथ भी होगी मीटिंग

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नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें शीर्ष केंद्रीय मंत्री, सचिव और अर्थशास्त्री शामिल थे. इस बैठक में अगली पीढ़ी के सुधारों के मसौदे पर विचार-विमर्श किया गया, जो उनके स्वतंत्रता दिवस के संबोधन में की गई प्रमुख घोषणाओं में से एक थी. बैठक में केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह, अमित शाह, नितिन गडकरी, निर्मला सीतारमण, शिवराज सिंह चौहान, पीयूष गोयल और ललन सिंह शामिल हुए. इसी सिलसिले में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के साथ भी मंगलवार को एक बैठक होनी है.

प्रधानमंत्री मोदी ने 15 अगस्त को लाल किले के प्राचीर से अपने संबोधन में डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ पर वार करते हुए ‘अगली पीढ़ी के सुधारों’ और जीएसटी कानूनों में संशोधन के लिए एक कार्यबल बनाने की घोषणा की थी. उन्होंने अपने 103 मिनट के भाषण का एक बड़ा हिस्सा सेमीकंडक्टर से लेकर उर्वरकों तक कई क्षेत्रों में भारत को आत्मनिर्भर बनाने पर केंद्रित किया था.

प्रधानमंत्री मोदी ने देशवासियों को संबोधित करते हुए कहा था कि जब हम टेक्नोलॉजी के विभिन्न आयामों की बात करते हैं, तो मैं आपका ध्यान सेमीकंडक्टर की ओर आकर्षित करना चाहता हूं. 50-60 साल पहले भारत में सेमीकंडक्टर निर्माण के विचार शुरू हुए थे, फाइलें भी बनीं, लेकिन वे अटक गईं, लटक गईं. सेमीकंडक्टर के विचार की ही भ्रूण हत्या हो गई. इस दौरान कई देश सेमीकंडक्टर में महारत हासिल कर वैश्विक ताकत बन गए. उन्होंने बताया कि अब भारत मिशन मोड में इस दिशा में आगे बढ़ रहा है. छह सेमीकंडक्टर यूनिट्स की नींव रखी जा चुकी है. इस साल के अंत तक ‘मेड इन इंडिया’ चिप्स यानी भारत में बनी हुई, भारत के लोगों द्वारा बनी हुई चिप्स बाजार में आ जाएंगी.

पीएम मोदी ने कहा कि भारत को अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए अभी भी कई देशों पर निर्भर रहना पड़ता है, जिसके लिए पेट्रोल, डीजल और गैस पर लाखों-करोड़ों रुपए खर्च होते हैं. उन्होंने कहा कि अगर हम ऊर्जा में आत्मनिर्भर होते, तो ये धन देश के युवाओं और गरीबी दूर करने में लगाया जा सकता था.

उन्होंने बताया कि पिछले 11 वर्षों में सौर ऊर्जा उत्पादन में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है, नए बांधों के जरिए हाइड्रो पावर का विस्तार हो रहा है और मिशन ग्रीन हाइड्रोजन के तहत हजारों करोड़ रुपए का निवेश हो रहा है. इसके साथ ही, 10 नए परमाणु रिएक्टर कार्यरत हैं और 2047 तक परमाणु ऊर्जा क्षमता को 10 गुना से अधिक बढ़ाने का लक्ष्य है. इसके लिए प्राइवेट सेक्टर के लिए भी परमाणु ऊर्जा के द्वार खोल दिए गए हैं.

प्रधानमंत्री मोदी ने आगे कहा कि हमने यह तय किया कि हम 2030 तक हम क्लीन एनर्जी लाएंगे. हम अपने संकल्प को 50 प्रतिशत पूरा कर चुके हैं. बजट का एक बड़ा हिस्सा पेट्रोल, गैस लाने में खर्च होता है. अगर हम ऊर्जा में निर्भर न होते तो वो धन देश के युवाओं, गरीबी दूर करने के लिए काम आता. अब हम आत्मनिर्भर बनने की दिशा में बढ़ रहे हैं. हम अब समुद्र मंथन की ओर जा रहे हैं. हम समुद्र के भीतर तेल और गैस भंडार खोजने की दिशा में काम कर रहे हैं. भारत नया मिशन शुरू करने जा रहा है.

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