किसानों की एकजुट आवाज
भारतीय किसान संघ, छत्तीसगढ़ यूथ प्रोग्रेसिव फार्मर्स एसोसिएशन, और चौधरी चरण सिंह संगठन के नेताओं ने खुलकर कहा – यह फैसला सिर्फ खेती नहीं, बल्कि भारत की आत्मनिर्भरता की रक्षा का प्रतीक है.
भारतीय किसान संघ के धर्मेंद्र चौधरी ने कहा, ‘PM मोदी ने साफ संदेश दिया है कि किसानों, पशुपालकों और मछुआरों के हितों पर कोई समझौता नहीं होगा. यह घोषणा करोड़ों अन्नदाताओं के लिए राहत लेकर आई है. इससे आने वाली पीढ़ियों को भी आत्मनिर्भर कृषि की प्रेरणा मिलेगी.’
छत्तीसगढ़ के किसान नेता वीरेन्द्र लोहान ने कहा, ‘अमेरिकी कंपनियों को हमारे एग्रीकल्चर और डेयरी सेक्टर में घुसने न देने का साहसिक फैसला हर खेत और हर गौशाला में गूंज रहा है. आपने साबित किया कि भारतीय किसान सिर्फ अन्नदाता नहीं, बल्कि इस देश की आत्मा हैं. और इस आत्मा को कोई विदेशी ताकत नहीं खरीद सकती.’
आज पूसा परिसर, नई दिल्ली में अपने अन्नदाता भाइयों-बहनों से संवाद का सौभाग्य मिला। मेरे घर और दिल के दरवाजे अपने किसान साथियों के लिए हमेशा खुले हैं।
हमारे किसान आत्मनिर्भर भारत की नींव हैं। ‘स्वदेशी’ का संकल्प इन्हीं की समृद्धि और भारत की प्रगति का संकल्प है।





