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RSS @100 LIVE: ‘अब भारत देगा नई गति, नई दिशा पूरी दुनिया को’ बोले मोहन भागवत

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RSS 100 Years LIVE: दिल्ली के विज्ञान भवन में RSS के शताब्दी समारोह की शुरुआत हुई. कार्यक्रम का नाम है ‘100 वर्ष की संघ यात्रा – नए क्षितिज’. तीन दिन का यह आयोजन 26 से 28 अगस्त तक चलेगा. संघ प्रमुख मोहन भागवत हर दिन शाम 5:30 बजे व्याख्यान देंगे. मंगलवार को पहले दिन, भागवत ने कहा कि संघ का निर्माण भारत के लिए हुआ और उसका चलना भी भारत के लिए है. संघ की सार्थकता भारत को विश्वगुरु बनाने में है. भागवत ने कहा कि भारत कभी वैभव के शिखर पर था. हम स्वतंत्र थे, लेकिन बार-बार हुए आक्रमणों ने हमें पराधीन बना दिया. 1857 का युद्ध असफल रहा, पर उसने आत्मचिंतन को जन्म दिया. लोगों ने सोचना शुरू किया कि दूर-दराज से आए आक्रांताओं के सामने हम क्यों हार गए. उस विचारधारा से नई धारा निकली, जिसने स्वतंत्रता आंदोलन को जन्म दिया.

उन्होंने कहा कि केवल सैनिक लड़कर देश को आजाद नहीं करा सकते. समाज को भी जागरूक होना होगा. चरखा चलाने से लेकर सशस्त्र संघर्ष तक, कई धाराओं ने स्वतंत्रता की राह दिखाई. लेकिन आजादी मिलने के बाद जैसी चेतना पैदा होनी चाहिए थी, वैसी नहीं हुई.

सुधार की निरंतरता

भागवत ने कहा कि समाज अंधविश्वासों से भरा था. सुधार आंदोलन चले और उनका असर भी हुआ. लेकिन सब कुछ पूरी तरह ठीक नहीं हुआ. विवेकानंद ने समाज को मूल पर लौटाने का प्रयास किया. उनका प्रभाव आज भी भारत की हर गतिविधि में दिखता है.

उन्होंने कहा कि डॉ. हेडगेवार ने भी चारों धाराओं में काम किया. उनके भीतर बचपन से ही देशभक्ति की भावना थी. यही वजह है कि उन्होंने संघ की स्थापना की.

संवाद और संघ की छवि

भागवत ने कहा कि संघ को लेकर बहुत चर्चाएं होती हैं. अक्सर ये चर्चाएं धारणाओं पर आधारित होती हैं, तथ्यों पर नहीं. 2018 में इसी सभागार में संवाद हुआ था. उद्देश्य किसी को कन्विंस करना नहीं, बल्कि तथ्य सामने रखना था. वही प्रयास अब फिर से हो रहा है.

उन्होंने कहा कि संघ की 100 साल की यात्रा सिर्फ संघ को चलाने के लिए नहीं है. यह यात्रा भारत को अग्रगण्य स्थान दिलाने के लिए है.

भारत का वैश्विक योगदान

भागवत ने कहा कि दुनिया अब एक-दूसरे के करीब आ गई है. वैश्विक दृष्टि से सोचना जरूरी है. हर देश का अपना योगदान है. भारत का योगदान मानवता को दिशा देना है. विवेकानंद का कथन याद करते हुए उन्होंने कहा कि हर राष्ट्र का एक मिशन होता है. भारत का मिशन विश्व को एकता और शांति का मार्ग दिखाना है.

मंगलवार को कार्यक्रम में भाजपा सांसद मनोज तिवारी भी पहुंचे. उन्होंने कहा, मोहन भागवत को सुनना हमारे लिए गर्व की बात है.’ समारोह में बाबा रामदेव मौजूद रहे. केंद्रीय मंत्री एसपी सिंह बघेल भी पहुंचे. अभिनेत्री कंगना रनौत और अनुप्रिया पटेल शामिल हुईं. रेल राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू भी नजर आए. कार्यक्रम में पूर्व सीजेआई रंजन गोगोई की मौजूदगी खास रही. भवन में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और बुद्धिजीवी जुटे.

भाजपा सांसद कंगना रनौत ने कहा, ‘आरएसएस एक बड़ी संस्था है जो देश के विकास और लोगों की प्रगति के लिए काम कर रही है. आज मोहन भागवत से मिलना और इस समारोह में शामिल होना हमारे लिए गर्व की बात है.’

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