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Red Fort Celebration: राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे स्वतंत्रता दिवस समारोह में शामिल नहीं हुए, जिससे बीजेपी ने कांग्रेस पर हमला बोला. बताया जा रहा है कि राहुल गांधी पिछले साल की व्यवस्था से नाराज़ थे.
कांग्रेस के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के साथ पार्टी सांसद राहुल गांधी. (फाइल फोटो) दोनों नेताओं ने सोशल मीडिया पर देश के स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए सभी नागरिकों को शुभकामनाएं दीं. राहुल गांधी ने कहा, “महान स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान से प्राप्त यह स्वतंत्रता, एक ऐसे भारत के निर्माण का संकल्प है जहां न्याय, सत्य और समानता की नींव पर टिका हो और हर दिल सम्मान और भाईचारे से भरा हो. इस अनमोल विरासत के गौरव और सम्मान की रक्षा करना हम सभी का कर्तव्य है. जय हिंद, जय भारत!”
‘राहुल गांधी मोदी विरोध में देश और सेना विरोध कर रहे’
उन्होंने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, “कांग्रेस प्रवक्ता ने अभी-अभी मेरे साथ टीवी पर बहस में पुष्टि की कि ‘विपक्ष के नेता’ राहुल गांधी लाल किले पर 15 अगस्त के कार्यक्रम में शामिल नहीं हुए. यह एक राष्ट्रीय उत्सव था, लेकिन दुख की बात है कि पाकिस्तान प्रेमी राहुल गांधी – मोदी विरोध में देश और सेना विरोध कर रहे हैं! शर्मनाक व्यवहार. क्या यही संविधान और सेना का सम्मान है?”
लाल किले पर स्वतंत्रता दिवस समारोह से राहुल गांधी की गैर-मौजूदगी पर बीजेपी नेता अमित मालवीय ने कहा, “विपक्षी नेता राहुल गांधी लाल किले पर आयोजित समारोह में अनुपस्थित रहे. कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम में वे स्पष्ट रूप से विचलित दिखाई दिए. देश को यह जानने का हक है कि क्या वह स्वस्थ हैं? और उन्होंने आधिकारिक समारोह में भाग क्यों नहीं लिया? उनके पद पर आसीन व्यक्ति के लिए, इस तरह की अनुपस्थिति राष्ट्रीय अवसरों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता के बारे में एक खराब संदेश देती है.”
‘प्रोटोकॉल का पालन नहीं होता’
कांग्रेस सूत्रों ने राहुल गांधी और खरगे की अनुपस्थिति पर सफाई देते हुए कहा, “कांग्रेस पार्टी ने हमेशा संवैधानिक परंपराओं का निर्वहन किया है. शुरू के वर्षों में हम सभी सरकारी कार्यक्रम में सम्मिलित होते थे. परंतु ऐसा देखा गया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इन विशेष मौकों पर भी विपक्ष को अपमानित करने से नहीं चूकते. इसके अलावा प्रोटोकॉल और बैठने की व्यवस्था में भी विपक्ष के नेताओं के साथ भेदभाव किया जाता है और प्रोटोकॉल का पालन नहीं होता है. संवैधानिक पदों पर आसीन लोगों को भी सम्मान नहीं दिया जाता. बैठने का स्थान पहली पंक्ति के बजाय तीसरी पंक्ति में होता है. अतः लगातार अपमानित होने के बजाय विपक्ष ने इन आयोजनों से दूरी बनाना ही उचित समझा.”
राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें
राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h… और पढ़ें
New Delhi,Delhi
August 15, 2025, 18:42 IST





