प्रधानमंत्री ने लाल किले की प्राचीर से कहा, “आज से 100 साल पहले एक संगठन का जन्म हुआ, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ… . 100 साल की राष्ट्र की सेवा एक बहुत ही गौरवपूर्ण कार्य है. व्यक्ति निर्माण से लेकर राष्ट्र निर्माण का लक्ष्य लेकर मां भारती के कल्याण के लिए लाखों स्वयंसेवकों ने अपना जीवन समर्पित किया.”
कांग्रेस ने पीएम मोदी को घेरा
संभवत: यह पहली बार था जब प्रधानमंत्री मोदी ने अपने स्वतंत्रता दिवस संबोधन में आरएसएस का इस तरह विस्तृत उल्लेख किया. आरएसएस की तारीफ करने को लेकर कांग्रेस और कुछ अन्य विपक्षी दलों ने प्रधानमंत्री पर निशाना साधा. कांग्रेस ने दावा किया कि प्रधानमंत्री मोदी पद पर बने रहने के लिए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और सरसंघचालक मोहन भागवत की ‘कृपा’ पर निर्भर हैं, इसलिए उन्होंने लाल किले की प्राचीर से इस संगठन को खुश करने की हताशा भरी कोशिश की है.
नेहरू ने संघ को ‘देशभक्तों का संगठन’ कहा
बीजेपी ने भी विपक्ष पर पलटवार करते हुए 1963 की बात याद दिलाई, जब तत्कालीन पीएम जवाहरलाल नेहरू ने आरएसएस को गणतंत्र दिवस परेड में शामिल होने के लिए न्योता दिया था. अमित मालवीय ने ‘एक्स’ पर एक वीडियो पोस्ट कर कहा, “1963 में, प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को गणतंत्र दिवस परेड में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया और इसे ‘देशभक्तों का संगठन’ कहा. आरएसएस के 100 वर्ष पूरे होने पर, यह उचित ही है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लाल किले से इसका उल्लेख करें. आज भारत का सार्वजनिक विमर्श आरएसएस की विचारधारा से प्रभावित है – जबकि कांग्रेस न केवल हमारे समय की वास्तविकताओं से, बल्कि स्वयं नेहरू से भी अलग-थलग है.”
In 1963, Prime Minister Jawaharlal Nehru invited the Rashtriya Swayamsevak Sangh to join the Republic Day parade and called it “an organisation of patriots.”
As the RSS marks 100 years, it is fitting that Prime Minister Narendra Modi mentions it from the Red Fort.





