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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने दोस्त पड़ोसी भूटान के साथ रिश्ते और भी मजबूत कर लिए हैं. चीन के लिए टारगेट बने इस देश को भारत की तरफ से 4000 करोड़ रुपए की परियोजनाओं का तोहफा मिला है. जिसमें हाइड्रो-इलेक्ट्रिसिटी से लेकर भूटानी मंदिर तक शामिल है.
पीएम मोदी ने भूटान को दिए तोहफेथिंपू: जहां एक तरफ भारत, पाकिस्तान और बांग्लादेश जैसे धूर्त पड़ोसियों से परेशान वहीं दूसरी तरफ भूटान जैसे दोस्त पड़ोसी भी हैं. हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारत के दोस्त भूटान के साथ रिश्ते और गाढ़े करने पहुंचे हैं. यहां पर उन्होंने के राजा जिग्मे खेसर नामग्याल वांगचुक से मुलाकात की और इस दौरान ऊर्जा, क्षमता निर्माण, कनेक्टिविटी, तकनीकी, रक्षा और सुरक्षा जैसे मामलों पर बातचीत हुई. इसके बाद भारत और भूटान के बीच 3 एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए. आगे जानें भूटान दौरे पर पीएम मोदी ने कौन सी बड़ी घोषणाएं की हैं.
PM Modi ने भूटान को दिए कौन से तोहफे?
1020 मेगावाट के नए हाइड्रो इलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट ‘पुनात्सांगछू-II’ का उद्घाटन किया, जिसे भारत और भूटान ने मिलकर तैयार किया था, इसकी वजह से भूटान की क्षमता में 40 प्रतिशत तक की बढ़ोत्तरी होगी. पीएम मोदी ने भूटानी मंदिर को लेकर एक बड़ा ऐलान किया है. इस मंदिर के लिए वाराणसी में भूमि का अनुदान किया जाएगा. इसके अलावा पीएम मोदी ने भूटान को 4000 करोड़ रुपये की ऋण सहायता देने का ऐलान किया है, जो इस यात्रा का हाईलाइट माना जा रहा है. पीएम मोदी के बड़े ऐलानों में गेलेफू माइंडफुलनेस सिटी के विकास के लिए आव्रजन जांच चौकी की स्थापना, नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में समझौता, औषधि क्षेत्र में डील, न्यूरो विज्ञान क्षेत्र में समझौता शामिल है.
क्यों जरूरी है भूटान?
पीएम मोदी ने कनेक्टिविटी मुद्दे पर गुड न्यूज देते हुए गेलेफू और समद्रुप जोंगखार को भारत के रेल नेटवर्क से जोड़ने की योजना के बारे में भी बात की है. बता दें कि भारत के लिए भूटान एक बेहद अहम पड़ोसी है, जो भारत-चीन के बीच स्थित है. इस देश को एक बफर जोन के तौर पर भी देखा जाता है, जहां पर कब्जा जमाने के लिए चीन बार-बार कोशिशें करता रहता है. साल 2017 में चीन ने भूटान के डोकलाम में सड़क बनाकर कब्जे की कोशिश की थी, जिसे भारत ने रोका था.
First Published :
November 11, 2025, 21:47 IST





