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Panipat property rates increased after UER in delhi न सोनीपत न गुरुग्राम, दूर के इस शहर में रॉकेट बन गई प्रॉपर्टी की कीमतें, UER का सबसे ज्यादा हुआ फायदा

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Panipat property news: दिल्ली में बन रहे अर्बन एक्सटेंशन रोड से दिल्ली-एनसीआर में ट्रैफिक जाम से बहुत हद तक निजात मिल जाएगी. दिल्ली के भीड़-भाड़ वाले इलाकों जैसे रोहिणी, मुंडका, नजफगढ़ और द्वारका से होते हुए गुजरने वाले इस रिंग रोड से घंटों की दूरी मिनटों में सिमट जाएगी, लेकिन इस रोड के उद्घाटन के बाद सबसे ज्यादा फायदा अगर किसी को हुआ है तो वह एनसीआर का दूर का एक शहर है, जहां प्रॉपर्टी के दामों में एकदम उछाल आया है.
अर्बन एक्सटेंशन रोड (यूईआर-II) दिल्ली में एक नई 76 किलोमीटर लंबी छह-लेन की सड़क है जो शहर के यातायात को कम करने के लिए बनाई गई है. यह दिल्ली के अलीपुर में NH-44 से शुरू होकर, रोहिणी, मुंडका, नजफगढ़ और द्वारका से गुजरती है और महिपालपुर के पास NH-48 पर पूरी होती है. यह द्वारका एक्सप्रेसवे से भी जुड़ती है और दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे को भी जोड़ती है. इस सड़क के बनने से दिल्ली और गुरुग्राम के बीच यात्रा का समय काफी कम हो जाएगा और जाम से राहत मिलेगी. लेकिन सबसे खास बात है कि इस रोड के बनने से गुरुग्राम या सोनीपत में नहीं बल्कि सोनीपत के भी आगे पड़ने वाले शहर पानीपत में प्रापर्टी में बूम आ गया है.

प्रॉपर्टी लेनदेन के फाउंडर और रियल एस्टेट एनालिस्ट भूपेंद्र सिंह बताते हैं कि यूईआर सिर्फ दिल्ली, गुड़गांव और द्वारका एक्सप्रेसवे के लिए ही फायदेमंद नहीं है बल्कि इस रोड की वजह से एनसीआर के सोनीपत, पानीपत, करनाल और कुरुक्षेत्र के अलावा हिमाचल प्रदेश और आगे जम्मू-कश्मीर तक की यात्रा न केवल कम समय में बल्कि जाम के झंझट से मुक्त और आसान होने वाली है. यही वजह है कि अब रेजिडेंस के लिए भी लोग सोनीपत, पानीपत और करनाल की ओर बढ़ रहे हैं.
भूपेंद्र आगे बताते हैं कि पिछले कुछ महीनों की कीमतों पर नजर डालें तो यूईआर के उद्घाटन के बाद से ही इन शहरों में डेवलपर्स और निवेशक दोनों ने ही अवसर तलाशना शुरू कर दिया है. दिलचस्प है कि दिल्ली के पास सोनीपत है लेकिन प्रॉपर्टी रेट्स में बढ़ोत्तरी बता रही है कि लोग पानीपत की तरफ इन्वेस्ट करने में रूचि ले रहे हैं. यहां जमीन के दाम सोनीपत के मुकाबले ज्यादा बढ़े हैं. सबसे खास बात है कि पानीपत में अभी फ्लैटों के बजाय प्लॉटिंग पर ज्यादा जोर है, ऐसे में जो लोग एनसीआर के करीब रहना चाहते हैं और फ्लैट के बजाय अपनी जमीन पर अपना घर बनाना चाहते हैं, वे पानीपत की ओर रुख कर रहे हैं. इस शहर की ओर बढ़ने की एक वजह यह भी है कि पानीपत एनसीआर के साथ-साथ पंजाब व हरियाणा की राजधानी चंडीगढ़ के भी पास है.
सिंह बताते हैं कि इंडस्ट्रीज के हब और जीटी रोड से जुड़े इस शहर में हाइवे के आसपास एक से दो करोड़ रुपये में 100 वर्ग मीटर के प्लॉट मिल रहे हैं. जबकि सोनीपत में रेट इससे थोड़े कम या लगभग ऐसे ही हैं. वहीं करनाल की बात करें तो यहां 60 लाख रुपये तक की कीमत में भी इतना बड़ा प्लॉट सड़क किनारे मिल रहा है. वहीं कुरुक्षेत्र अभी इन सभी से सस्ता है. यहां 50 लाख रुपये तक में बढ़िया प्रॉपर्टी मिल सकती है.

बता दें कि पानीपत में कई बड़े र‍ियल एस्‍टेट ब्रांड और डेवलपर्स भी पहुंचना शुरू हो गए हैं. यहां तक कि एनआरआई भी यहां इन्वेस्ट करने में पीछे नहीं हैं, इसकी वजह है कि एंबेसी के माध्यम से डॉक्यूमेंट आते हैं और सगे संबंधियों के पास पॉवर ऑफ अटॉर्नी आ जाती है. ऐसे में वह दिन दूर नहीं जब पहले से ही इंडस्ट्रियल प्रॉपर्टी वाला पानीपत रेजिडेंशियल और कमर्शियल प्रॉपर्टी और रियल एस्टेट का नया हॉट-स्पॉट बनकर उभरेगा.

डेवलपर्स को भी है इस शहर से उम्‍मीद 

जिंदल रियल्टी के प्रेसिडेंट एंड सीईओ अभय कुमार मिश्रा कहते हैं कि आरआरटीएस, यूईआर-II और आगामी दिल्ली मेट्रो विस्तार जैसी प्रमुख बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के साथ अब दिल्ली से आगे के सोनीपत, पानीपत आदि यह क्षेत्र कनेक्टिविटी क्रांति के मुहाने पर हैं. इन शहरों से दिल्ली आईजीआई हवाई अड्डा, गुरुग्राम के सेंट्रल बिजनेस हब्स तक यात्रा का समय काफी घट जाएगा. जिससे ये दोनों ही शहर घर खरीदारों और उद्योगों के लिए आकर्षक साबित होंगे. जैसे-जैसे पहुंच में सुधार होगा, मांग भी बढ़ेगी, और दीर्घकालिक विकास और मूल्यवृद्धि को बढ़ावा मिलेगा.

वहीं हीरो रियल्टी के सीईओ रोहित किशोर ने कहा कि टियर-2 और टियर-3 शहर अब रियल एस्टेट डेवलपर्स के लिए काफी आकर्षक बनते जा रहे हैं क्योंकि इन जगहों पर घरों की मांग और निवेशकों की रुचि लगातार बढ़ रही है. बेहतर सड़कों और मेट्रो नेटवर्क के विस्तार जैसे बुनियादी ढांचे ने इन शहरों की आकर्षकता को और बढ़ाया है. सोनीपत और पानीपत दोनों ही शहरों में प्लॉट वाले घरों की मांग तेजी से बढ़ रही है क्योंकि लोग अब बड़े और अपनी पसंद के हिसाब से बनने वाले घरों को पसंद कर रहे हैं. दिल्ली-एनसीआर और चंडीगढ़ के बीच में के पास होने और आने वाले इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स से पानीपत और सोनीपत की बाजार स्थिति और मजबूत हो रही है.

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