जिनेवा: दुनिया के कई देशों में एक बार फिर ऐसी बीमारी ने हाहाकार मचा दिया है, जिसका प्रकोप सालों पहले कुछ ऐसा होता था कि गांव के गांव खत्म हो जाते थे. गंदगी और लापरवाही से होने वाली इस बीमारी को लेकर हड़कंप इसलिए मचा हुआ है क्योंकि पिछले 8 महीने में इसके लाखों मामले 31 देशों में आ चुके हैं. विश्व स्वास्थ्य संगठन ने बताया है कि संघर्ष और गरीबी के कारण इसका प्रकोप कई देशों में बढ़ रहा है.
हम जिस बीमारी के बारे में बता रहे हैं, यह वैश्विक स्तर पर एक महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्वास्थ्य चुनौती बन गया है. लेटेस्ट डिजीज आउटब्रेक न्यूज के मुताबिक 1 जनवरी से 17 अगस्त 2025 के बीच 31 देशों में हैजा के 4,09,000 मामले और 4,738 मौतें दर्ज की गईं. इनमें से 6 देशों में मृत्यु दर 1 फीसदी से अधिक रही. आंकड़ों के मुताबिक पूर्वी भूमध्यसागरीय क्षेत्र में हैजा के सबसे अधिक मामले दर्ज किए गए, जबकि अफ्रीकी क्षेत्र में सबसे अधिक मौतें हुईं.
WHO ने दी वॉर्निंग
रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि संघर्ष, बड़े पैमाने पर विस्थापन, प्राकृतिक आपदाएं और जलवायु परिवर्तन की वजह से ग्रामीण और विशेष रूप से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में इस महामारी ने पांव पसारा है. खासतौर पर जहां बुनियादी ढांचा कमजोर है और स्वास्थ्य सेवा की पहुंच सीमित है, वहां हैजा के प्रसार को बढ़ावा मिला है. इन चुनौतियों ने हैजा प्रकोप को और अधिक जटिल और नियंत्रित करना कठिन बना दिया है. विश्व स्वास्थ्य संगठन की मानें तो हैजा आपातकाल को खत्म करने और भविष्य में ऐसी महामारियों को रोकने का एकमात्र स्थायी और दीर्घकालिक समाधान पीने का साफ पानी और साफ सफाई है.
तेजी से फैलती है महामारी
समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक हैजा के मामलों की संख्या और गंभीरता को देखते हुए इसके एक देश से दूसरे देश और साथ ही देश के भीतर भी फैलने का जोखिम बहुत अधिक है. इसके प्रसार को रोकने के लिए WHO ने निगरानी को मजबूत करने, मामलों के प्रबंधन में सुधार लाने, जल, स्वच्छता और स्वास्थ्य हस्तक्षेपों को बढ़ाने, टीकाकरण अभियान चलाने और जन स्वास्थ्य उपायों को लागू करने के लिए सीमा पार समन्वय बढ़ाने की सिफारिश करता है.
क्या है हैजा की बीमारी?
विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक हैजा एक गंभीर बीमारी है, जो विब्रियो कोलेरा नामक जीवाणु से फैलती है. यह जीवाणु दूषित खाने या पानी में पाया जाता है. यह एक वैश्विक स्वास्थ्य का खतरा है. हैजा और ऐसी बीमारियों से बचने के लिए, साफ पानी, बेहतर साफ-सफाई और अच्छी स्वच्छता बहुत जरूरी है. हैजा से पीड़ित मरीजों को हल्का या मध्यम दस्त होता है और उनका इलाज ओरल रिहाइड्रेशन सॉल्यूशन से किया जा सकता है. हालांकि यह बीमारी तेजी से बढ़ सकती है, इसलिए जान बचाने के लिए जल्दी से इलाज शुरू करना जरूरी है. गंभीर बीमारी वाले मरीजों को नसों में तरल पदार्थ, ओआरएस और एंटीबायोटिक दवाओं की आवश्यकता होती है वरना उनकी मौत हो सकती है.
कुछ देशों में हैजा का प्रकोप नियमित रूप से होता रहता है. अन्य देशों में इस पर काफी हद तक काबू पाया जा चुका है. हाल के वर्षों में विश्व स्वास्थ्य संगठन को सूचित किए गए हैजे के मामलों की संख्या में लगातार वृद्धि हुई है. साल 2023 में 45 देशों से डब्ल्यूएचओ को कुल 535,321 मामले और 4007 मौतों की सूचना मिली.