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North Korea Missile Launch: उत्तर कोरिया ने 48 घंटे के अंदर दो बैलिस्टिक मिसाइलों का परीक्षण कर बता दिया है कि वह अमेरिका के आगे किसी भू हालत में झुकेगा नहीं. डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में कहा था कि वह किम जोंग उन से मुलाकात करेंगे, लेकिन किसी वजह से ऐसा नहीं हो सका.
उत्तर कोरिया ने 48 घंटे में दूसरा मिसाइल परीक्षण किया है. (फाइल फोटो)सोल. उत्तर कोरिया और अमेरिका के रिश्तों में उतार-चढ़ाव आते रहे हैं. हालांकि, अब भी जाहिर नहीं है कि दोनों देश किस दिशा में आगे बढ़ रहे हैं. खासकर तब जबकि उत्तर कोरिया लगातार बैलिस्टिक मिसाइलों का परीक्षण कर रहा है. अब उत्तर कोरिया ने शुक्रवार को पूर्वी सागर की ओर कम दूरी वाली बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्च की है. बता दें, इससे ठीक एक दिन पहले उत्तर कोरिया ने अमेरिका की ओर से लगाए गए प्रतिबंधों को लेकर चेतावनी भी दी थी. दरअसल, अमेरिका ने दो नॉर्थ कोरियाई कंपनियों और आठ लोगों पर प्रतिबंध लगाने का ऐलान किया. अमेरिका का आरोप है कि इन कंपनियों और व्यक्तियों ने अवैध साइबर गतिविधियों के जरिए पैसों की धोखाधड़ी करके उसे वैध बनाने का काम किया.
अमेरिका के ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ (जेसीएस) ने कहा कि यह मिसाइल उत्तरी फ्योंगान के ताएगवान काउंटी के पास से दोपहर 12:35 बजे लॉन्च की गई थी. हालांकि, जेसीएस ने इस मामले से जुड़ी ज्यादा जानकारी साझा नहीं की. जेसीएस ने कहा कि मिसाइल समुद्र में गिरने से पहले लगभग 700 किलोमीटर तक उड़ी. वहीं, मिसाइल की क्या खासियत है, इसे लेकर अभी डिटेल्स पर काम किया जा रहा है.
जेसीएस ने कहा कि दक्षिण कोरियाई और अमेरिकी खुफिया अधिकारियों को उत्तर कोरिया की मिसाइल लॉन्चिंग की तैयारियों के बारे में पहले से ही जानकारी मिल गई थी. ऐसे में अधिकारियों ने उत्तर कोरिया पर पहले से ही अपनी कड़ी निगरानी रखी थी. इस लॉन्चिंग से जुड़ी संबंधित जानकारी अमेरिका और जापान के साथ साझा की गई है.
बता दें, नॉर्थ कोरिया ने शुक्रवार को इस साल का छठा बैलिस्टिक मिसाइल प्रक्षेपण किया है. दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे म्युंग ने इसी साल जून में पदभार ग्रहण किया है. ऐसे में उनके राष्ट्रपति बनने के बाद से उत्तर कोरिया का यह दूसरा मिसाइल प्रक्षेपण था.
वहीं दूसरी ओर उत्तर कोरिया ने अमेरिकी प्रतिबंधों की निंदा करते हुए कहा था कि ये प्रतिबंध प्योंगयांग के प्रति वाशिंगटन की नफरत वाली नीति की पुष्टि करते हैं. इसके साथ ही उत्तर कोरिया ने धैर्य के साथ उचित कदम उठाने की चेतावनी भी दी थी.
बता दें, उत्तर कोरिया और अमेरिका के बीच कूटनीतिक संबंध को शुरू करने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति लगातार अपनी इच्छा जाहिर कर रहे हैं. ट्रंप ने इससे पहले दक्षिण कोरिया के दौरे के समय किम जोंग उन से मुलाकात की इच्छा जाहिर की थी. हालांकि, वह मुलाकात नहीं हो सकी थी, जिसके बाद अमेरिकी राष्ट्रपति की प्रतिक्रिया भी सामने आई थी. ऐसे में उत्तर कोरिया के खिलाफ अमेरिका की इस कार्रवाई ने बुझती हुई चिंगारी को हवा दे दिया है.
राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें
राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h… और पढ़ें
November 07, 2025, 16:40 IST





