Who is KP Sharma Oli: 14 साल की जेल
ओली का सियासी सफर 14 साल की उम्र से शुरू हुआ जब वह 1966 में राजशाही और पंचायत व्यवस्था के खिलाफ आंदोलन में कूद पड़े. 1970 में वह नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी (CPN) में शामिल हुए लेकिन जल्द ही झापा आंदोलन (1970-73)में हिस्सा लेने के लिए गिरफ्तार हो गए. इस आंदोलन का मकसद सामाजिक अन्याय के खिलाफ लड़ना था. इसके बाद 1973 से 1987 तक वह 14 साल जेल में रहे, जिसमें 4 साल सॉलिटरी कॉन्फिनमेंट में गुजरे. जेल से निकलने के बाद वो CPN (ML) में सेंट्रल कमेटी मेंबर बने और 1990 तक लुंबिनी जोन के इंचार्ज रहे.
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KP Sharma Oli Story: 2022 में बनी दूसरी सबसे बड़ी पार्टी
ओली को एक तेज-तर्रार और स्मार्ट लीडर माना जाता है. वह अपने विरोधियों पर तीखे तंज कसते हैं और सियासी गठजोड़ में माहिर हैं. 2022 के चुनाव में उनकी पार्टी CPN-UML दूसरी सबसे बड़ी पार्टी बनी, लेकिन ओली ने चतुराई से गठबंधन बनाकर सत्ता हासिल की. पहले उन्होंने पुष्पा कमल दहाल (प्रचंड) को PM बनवाया, लेकिन बाद में प्रचंड की पार्टी ने नेपाली कांग्रेस का साथ दिया जिससे गठबंधन टूट गया.फिर ओली ने नेपाली कांग्रेस के समर्थन से 15 जुलाई 2024 को चौथी बार PM की कुर्सी हासिल की. उनके प्रशंसक उन्हें एक राष्ट्रवादी और मेहनती लीडर मानते हैं जो दो बार किडनी ट्रांसप्लांट के बावजूद एक्टिव हैं, लेकिन आलोचक कहते हैं कि वह सत्ता के लिए हर हथकंडा अपनाते हैं और सरकार पर पूरा कंट्रोल रखते हैं.
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Nepal Gen Z protests: नेपाल में क्यों हुआ विद्रोह?
नेपाल में इन दिनों विद्रोह की आग लगी हुई है और ये सब केपी शर्मा ओली सरकार की वजह से भड़का है.यहां सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर अचानक से बैन लगा दिया गया जिसके बाद 8 सितंबर 2025 को काठमांडू और दूसरे शहरों में जनरेशन Z (Gen Z)के युवाओं ने बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन किया जो हिंसक हो गया. इसमें कम से कम 19 लोग मारे गए 300 से ज्यादा घायल हुए और पुलिस ने रबर बुलेट्स, वाटर कैनन और टीयर गैस का इस्तेमाल किया. आखिरकार सरकार को झुकना पड़ा और सोशल मीडिया बैन हटा लिया गया, लेकिन प्रदर्शनकारी अब ओली के इस्तीफे की मांग रहे हैं.
Nepal Gen Z protests: कब लगा सोशल मीडिया पर बैन
सब कुछ 4 सितंबर 2025 को शुरू हुआ, जब ओली सरकार ने Facebook, YouTube, X, WhatsApp, Instagram जैसे 26 सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर बैन लगा दिया. वजह बताई गई कि ये कंपनियां नेपाल में रजिस्ट्रेशन के नियमों का पालन नहीं कर रही थीं लेकिन युवाओं ने इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला माना. Gen Z ने ऑनलाइन कैंपेन शुरू किया, जो जल्द ही सड़कों पर उतर आया. काठमांडू में संसद के बाहर हजारों युवा इकट्ठा हुए, नारे लगाए Shut down corruption, not social media! और Unban social media. युवाओं का कहना था कि सोशल मीडिया बैन ने हमें भड़काया, लेकिन ये अकेली वजह नहीं है. PM ओली ने पहले तो इसे Gen Z troublemakers कहा और बैन हटाने से इनकार कर दिया, लेकिन हिंसा के बाद कैबिनेट मीटिंग में बैन वापस ले लिया.सोशल मीडिया बैन के अलावा भ्रष्टाचार (corruption) और कमजोर अर्थव्यवस्था को भी असल मसला बताया जा रहा है.नेपाल में 2008 से 14 सरकारें बदल चुकी हैं, कोई भी अपना 5 साल का टर्म पूरा नहीं कर पाई. ओली की सरकार पर आरोप है कि वो भ्रष्टाचार रोकने के वादे भूल गई. युवा टैक्स देते हैं, लेकिन पैसे का सही इस्तेमाल नहीं दिखता- नौकरियां नहीं, इन्फ्रास्ट्रक्चर खराब और महंगाई आसमान छू रही.





