व्यापार » NCR का छोटा सा गांव, आज बना अरबपतियों का शहर, हर साल घरों की बढ़ रहीं 20% कीमतें

NCR का छोटा सा गांव, आज बना अरबपतियों का शहर, हर साल घरों की बढ़ रहीं 20% कीमतें

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Gurugam city: 1950 के दशक तक खेती पर निर्भर एक छोटा सा गांव आज न केवल एनसीआर बल्कि पूरे उत्तर भारत का एक प्रमुख शहर बन गया है. अब इस शहर में आए दिन करोड़ों रुपये के घर खरीदे जाते हैं. यहां की हर तीसरी लग्जरी और अल्ट्रा लग्जरी सोसायटी में अरबपति रहते हैं. सबसे खास बात है कि इतना महंगा होने के बाद भी इस शहर में घरों की कीमतें रुकने का नाम नहीं ले रहीं और हर साल कीमतों में करीब 20 फीसदी की बढ़ोत्तरी हो रही है. यह शहर है गुरुग्राम.

हाल ही में आई रिपोर्ट एनारॉक की रिपोर्ट इस शहर के बारे में बताती है कि गुरुग्राम अब प्रीमियम रियल एस्टेट का गढ़ बन चुका है.गुरुग्राम का प्रीमियम रियल एस्टेट सेगमेंट 6.65 लाख करोड़ रुपये के अनुमानित बाजार को चला रहा है. यहां आवास बिक्री की कीमतों में सालाना 20% वृद्धि की उम्मीद जताई जा रही है. रिपोर्ट कहती है कि प्रीमियम घरों का बड़ा प्रतिशत गुरुग्राम में बेचा और खरीदा गया है.
ये 1947 का गांव है जब यह स‍िर्फ एनसीआर का छोटा गांव था, लेक‍िन आज अरबपत‍ियों का शहर है.
ये 1947 का गांव है जब यह स‍िर्फ एनसीआर का छोटा गांव था, लेक‍िन आज अरबपत‍ियों का शहर है. photo-You tube.

पूरे एनसीआर में सबसे महंगे फ्लैटों से लेकर करोड़पतियों और अरबपतियों के रहने की सबसे बड़ी संख्या भी गुड़गांव में ही है. यह लगातार ऊंची कीमतों वाले क्षेत्र के रूप में बदल रहा है. एनारॉक समूह के हालिया आंकड़े कहते हैं कि इस शहर में बाजार मूल्य रिकॉर्ड तोड़ने के कगार पर है, हालांकि इकाई बिक्री में स्थिरता बनी रहने की संभावना है.

गुरुग्राम बना इन 4 तरह के लोगों की पसंद
रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 की पहली छमाही में लॉन्च हुए नए प्रोजेक्ट्स में से 42 फभ्सदी लक्जरी और अल्ट्रा-लक्जरी श्रेणी के हैं. अब बड़े घरों की मांग बढ़ रही है, जिनमें उच्च सुरक्षा, आधुनिक तकनीक और स्वास्थ्य सुविधाएं शामिल हैं. इस तरह के घर आमतौर पर हाई नेट वर्थ इंडीविजुअल्स (HNIs), एनआरआई (NRIs), स्टार्टअप के संस्थापक और कॉर्पोरेट जगत के धनी लोग खरीदते हैं. यह बदलाव खरीदारों की बढ़ती आय और जीवनशैली की पसंद के कारण हुआ है. साथ ही, सरकारी नीतियां, शेयर बाजार में बढ़त और नए प्रोजेक्ट लॉन्च इस प्रवृत्ति को और बढ़ावा दे रहे हैं.

लग्जरी प्रॉपर्टी का है केंद्र
देश के सभी 7 शहरों में एनसीआर लक्ज़री-आधारित बाजार का मुख्य केंद्र बनकर उभरा है, जबकि एनसीआर में भी प्रमुख केंद्र गुरुग्राम है. रिपोर्ट बताती है कि एनसीआर ने चेन्नई के साथ वित्त वर्ष 26 की पहली छमाही में अन्य शहरों की तुलना में बेहतर प्रदर्शन किया और केवल छह महीनों में अपने पूरे वित्त वर्ष 25 की बिक्री का 74 फीसदी हासिल कर लिया. एनसीआर के भीतर गुरुग्राम ने उत्तर भारत में प्रीमियम रियल एस्टेट का दर्जा प्राप्त कर लिया है. यह शहर उन संपन्न घर खरीदारों के लिए आकर्षण का केंद्र है, जो स्थायित्व, प्रतिष्ठा और गोपनीयता वाले हाई-एंड घरों की तलाश में हैं.

गुरुग्राम में ये हैं उभरते क्षेत्र
. द्वारका एक्सप्रेसवे- अब और आने वाले समय में हाई-एंड घरों के लिए द्वारका एक्सप्रेसवे मुख्य जगह बनने जा रहा है. यहां प्रीमियम सुविधाएं और कामकाजी केंद्रों तक आसान पहुंच है. निवेशक और घर खरीदने वाले लोग इसे पसंद करते हैं क्योंकि यहां नए और आधुनिक प्रोजेक्ट्स बन रहे हैं.

. गोल्फ कोर्स एक्सटेंशन रोड (GCER)- गोल्फ कोर्स रोड पहले से ही गुरुग्राम का प्रीमियम इलाका है वहीं इसको एक्सटेंशन देता गोल्फ कोर्स एक्सटेंशन रोड भी उसी दिशा में बढ़ गया है. यहां ब्रांडेड और खास घर होने के कारण लोग महंगे लेन-देन के लिए आते हैं. इसके पास शॉपिंग सेंटर्स और ऑफिस भी हैं.

. सदर्न पेरिफेरल रोड (SPR)- यह तेजी से विकसित हो रहा इलाका है. यहां बड़ी जमीनें हैं और नए, बड़े प्रोजेक्ट्स बनाए जा रहे हैं.इससे महंगे विला और लक्ज़री अपार्टमेंट्स की बिक्री बढ़ रही है.
ये सभी इलाके सीधे तौर पर घर खरीदने वालों की जीवनशैली और निवेश की प्राथमिकताओं को पूरा करते हैं.

क्या कहते हैं एक्सपर्ट
बीपीटीपी के सीईओ मानिक मलिक कहते हैं कि भारतीय आवास बाजार अब महंगे घरों की ओर बढ़ रहा है. कुल बिक्री की संख्या तो लगभग स्थिर है लेकिन घरों की कीमतों में तेजी आई है, खासकर प्रीमियम और लक्ज़री घरों में. यह बदलाव गुरुग्राम जैसे एनसीआर बाजारों में ज्यादा दिख रहा है, जहां खरीदार सस्ते घरों की बजाय अच्छी क्वालिटी, सही जगह और बेहतर सुविधाओं वाले महंगे घरों को पसंद कर रहे हैं.

न्यूस्टोन के सीईओ रजत बोकोलिया बताते हैं कि भारत के प्रमुख आवास बाजार अब अलग-अलग खंडों में बंट चुके हैं. FY25 में 4.2 लाख से अधिक घरों की बिक्री लगभग 5,59,290 करोड़ रुपये की हुई थी, और FY26 में यह बढ़कर 6.65 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा होने की उम्मीद है. खासतौर पर गुरुग्राम में बाजार अब ज्यादा संख्या में घर बेचने की बजाय महंगे और उच्च-मूल्य वाले घरों पर ध्यान दे रहा है, जिससे यह साफ होता है कि धनी खरीदार अब गुणवत्ता और सुविधाओं को ज्यादा महत्व दे रहे हैं.

ऐसे में साफ है कि गुरुग्राम के प्रीमियम रियल एस्टेट में लोगों का विश्वास बढ़ रहा है.एनारॉक के आंकड़े बताते हैं कि अब भारत के रियल एस्टेट में मुख्य रूप से धनी खरीदार सक्रिय हैं. गुरुग्राम के प्रीमियम इलाके और बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स इस विकास की रफ्तार तय कर रहे हैं, जिससे यह बढ़ोतरी और भी साफ दिखाई दे रही है.

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