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Muslim Jobs Mohan Bhagwat Statement: अपने मुसलमानों को नौकरी दो… संघ प्रमुख मोहन भागवत ने ऐसा क्यों कहा? 3 बच्चे पैदा करने की सलाह

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Muslim Jobs Mohan Bhagwat Statement: मोहन भागवत ने आरएसएस समारोह में धर्मांतरण, अवैध प्रवास और जनसंख्या संतुलन पर विचार रखे, मुसलमानों को नौकरी देने और तीन बच्चों की सलाह दी.

अपने मुसलमानों को नौकरी दो… संघ प्रमुख मोहन भागवत ने ऐसा क्यों कहा?मोहन भागवत.
आरएसएस पर मुस्‍ल‍िम विरोधी होने का ठप्‍पा लगाया जाता है. लेकिन गुरुवार को संघ प्रमुख मोहन भागवत ने ऐसी बात कही, जो मुसमलानों को भी पसंद आएगी. धर्मांतरण और अवैध घुसपैठ‍ियों से जुड़े सवाल पर भागवत ने कहा, धर्म व्यक्तिगत पसंद का विषय है, इसमें किसी तरह का लालच या दबाव नहीं होना चाहिए. जहां तक घुसपैठ रोकने का मसला है, सरकार अवैध प्रवासियों पर लगाम लगाने की कोशिश कर रही है, लेकिन समाज को भी अपना हिस्सा निभाना होगा. हमें अवैध प्रवासियों को नौकरी नहीं देनी चाहिए. हमें अपने ही लोगों को, अपने यहां के मुसलमानों को नौकरी देनी चाहिए. साथ ही उन्होंने तीन बच्चों को जन्म देने की सलाह दी.

संघ के 100 साल पूरे होने के मौके पर समारोह में भागवत ने कहा, भारत में जनसंख्या संतुलन बदलने के पीछे तीन कारण जिम्मेदार हैं. पहला, धर्मांतरण, जो परंपरा के ख‍िलाफ है. कुछ मुस्लिम उलेमा ने भी मुझसे कहा कि इस्लाम में भी जबरन धर्मांतरण वर्जित है. दूसरा अवैध प्रवास, जिसके चलते रोजगार और सामाजिक तनाव की स्थिति पैदा होती है. और तीसरा जनसंख्या वृद्धि दर, जिस पर संतुलन जरूरी है. उन्होंने मेडिकल स्टडी का हवाला देते हुए कहा कि कम से कम तीन बच्चों का जन्म होना चाहिए ताकि रिप्लेसमेंट रेट बनी रहे और समाज में असंतुलन न हो.

अवैध प्रवासियों को नौकरी क्यों नहीं?
भागवत ने साफ कहा कि सरकार अवैध प्रवास को रोकने की कोशिश कर रही है, लेकिन समाज को भी अपनी भूमिका निभानी चाहिए. अवैध प्रवासियों को नौकरी नहीं देनी चाह‍िए. समाज को बाहरी लोगों के बजाय अपने देशवासियों पर भरोसा करना चाहिए और सबको समान अवसर देना चाहिए.

कभी नहीं कहा-इस्‍लाम नहीं रहेगा

भागवत ने कहा, हमने ये कभी नहीं कहा क‍ि भारत में इस्‍लाम नहीं रहेगा. जात‍िवाद हमारे विकास में बाधक है. जात‍िवाद सिर्फ हमारे मन का अहंंकार है. सभी के घरों में आना जाना चाह‍िए. सभी का डीएनए एक है. शोषण मुक्‍त समाज होना चाह‍िए. स्‍वयंसेवक कभी अत्‍याचार नहीं कर सकता. हमें डेमोग्राफी पर विचार करना होगा, क्योंकि इसमें बदलाव के गंभीर असर होते हैं. यह सिर्फ आबादी की संख्या का मामला नहीं है, बल्कि इसके पीछे की नीयत का भी सवाल है.

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Gyanendra Mishra

Mr. Gyanendra Kumar Mishra is associated with hindi.news18.com. working on home page. He has 20 yrs of rich experience in journalism. He Started his career with Amar Ujala then worked for ‘Hindustan Times Group…और पढ़ें

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