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Luxury homes| affordable flats| 15000 swamih fund benefits| budget 2026-27| real estate news| रियल एस्टेट में नए अवसर, स्वामीह फंड 2.0 से अटकी परियोजनाओं को राहत

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Swamih Fund for Luxury homes or Affordable Houses: आम बजट 2026–27 में इंफ्रास्ट्रक्चर को जिस प्राथमिकता के साथ पेश किया गया है, उसने रियल एस्टेट सेक्टर के लिए नए अवसरों के द्वार खोल दिए हैं. रेलवे कॉरिडोर, राष्ट्रीय राजमार्ग, लॉजिस्टिक्स हब, औद्योगिक क्लस्टर, ग्रीन मोबिलिटी और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर पर बढ़ा सरकारी निवेश आने वाले साल में शहरी और अर्ध-शहरी इलाकों में घरों, फ्लैटों और प्लॉटों की मांग को मजबूत आधार देगा. वहीं सबसे ज्यादा फायदा उन लोगों को होने वाला है जिनके फ्लैट किन्हीं कारणों से अटके हुए हैं. हालांकि यह फायदा लग्जरी फ्लैट खरीदारों को होगा या अफोर्डेबल खरीदने वाले मिडिल क्लास को आइए जानते हैं…

प्रॉपर्टी से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं के आसपास आवासीय टाउनशिप, ग्रेड-ए ऑफिस स्पेस, वेयरहाउसिंग और रिटेल प्रोजेक्ट्स की मांग अब तेज होगी. साथ ही, अटकी हुई परियोजनाओं को गति देने, पूंजी प्रवाह बढ़ाने और निवेशकों व होमबायर्स का भरोसा मजबूत करने वाले प्रावधानों से सेक्टर में स्थिर और टिकाऊ विकास की उम्मीद बढ़ी है. बजट ने रियल एस्टेट को केवल निर्माण उद्योग नहीं, बल्कि आर्थिक विकास के प्रमुख इंजन के रूप में स्थापित किया है.

15 हजार का स्वामीह फंड है निर्णायक
क्रेडाई वेस्टर्न यूपी के अध्यक्ष दिनेश गुप्ता कहते हैं कि बजट में 15,000 करोड़ रुपये के स्वामीह फंड-2 की घोषणा रियल एस्टेट सेक्टर के लिए एक निर्णायक मोड़ साबित होगी. अफोर्डेबल और मिड-इनकम हाउसिंग के लिए बने स्पेशल विंडो के पहले चरण से करीब 50,000 आवासीय इकाइयों का निर्माण पूरा हो चुका है और आने वाले समय में लगभग 40,000 और इकाइयों के पूरा होने की उम्मीद है. इससे लंबे समय से अटकी परियोजनाओं में घर खरीदारों का भरोसा काफी मजबूत होगा. नए स्वामीह फंड-2 का लक्ष्य अतिरिक्त 1 लाख आवासीय इकाइयों का निर्माण करना है, जिससे करीब 40,000 से 60,000 करोड़ रुपये मूल्य की अटकी इन्वेंट्री को गति मिलेगी और पूरे रियल एस्टेट इकोसिस्टम में तरलता बढ़ेगी.

वहीं दिनेश जैन ऍमडी एक्सटिका हाउसिंग कहते हैं कि संगठित रिटेल क्षेत्र का मजबूत होना, जिसमें अनुमानित 15-18% की वार्षिक वृद्धि है, वाणिज्यिक रियल एस्टेट के लिए एक बड़ा अवसर बनने वाला है. प्राइवेट लेबल्स और फ्रैंचाइजी मॉडल्स का विस्तार मिश्रित उपयोग परियोजनाओं, शॉपिंग सेंटर्स और खुदरा स्थानों की मांग को धीरे-धीरे बढ़ाएगा.इसके अलावा, बजट में प्रस्तावित एआई और डीप टेक्नोलॉजी पहल संपत्ति प्रबंधन, स्मार्ट घरों और ग्राहक अनुभवों में डिजिटलीकरण को तेज करेंगी.

सुरेश गर्ग, चेयरमैन एंड मैनेजिंग डायरेक्टर, निराला वर्ल्ड और एसजीआरई फंड के प्रमोटर कहते हैं कि बजट इंफ्रास्ट्रक्चर आधारित आर्थिक लचीलापन का मास्टरक्लास है. कैपेक्स को 12.2 लाख करोड़ तक बढ़ाया गया है जो पिछले साल के मुकाबले 8.8 फीसदी की छलांग है. इससे सरकार नई फ्रेट और पैसेंजर रेल कॉरिडोर के साथ आवासीय मांग को सुपरचार्ज करने वाले मल्टीप्लायर इफेक्ट को बढ़ावा दे रही है. एक शानदार कदम विदेशी क्लाउड प्रदाताओं के लिए भारतीय डेटा सेंटर्स में 2047 तक टैक्स हॉलिडे है, जो 2035 तक 14 जीडब्ल्यू क्षमता के साथ 70 बिलियन डॉलर निवेश आकर्षित करने को तैयार है.जिससे औद्योगिक हबों में हाई-स्पेक कमर्शियल रियल एस्टेट की मांग बढ़ेगी. हालांकि सबसे बेहतर 15,000 करोड़ का स्वामिह फंड 2.0 गेम-चेंजर है, जो 1 लाख से अधिक रुके हुए यूनिट्स को अनलॉक करेगा और 4 लाख होमबायर्स का भरोसा बहाल करेगा.

क्या कहते हैं डेवलपर्स?
इस बारे में विजन बिजनेस पार्क के फाउंडर अतुल विक्रम सिंह कहते हैं कि केंद्रीय बजट में सेमीकंडक्टर, पावर, इंफ्रास्ट्रक्चर और रेल जैसे प्रमुख उद्योगों पर दिया गया जोर यह स्पष्ट करता है कि आने वाले वर्षों में औद्योगिक क्लस्टर्स के आसपास आवासीय विकास की मांग तेजी से बढ़ेगी. इन इंडस्ट्रियल हब्स के विस्तार के साथ कार्यबल के लिए किफायती और सुव्यवस्थित आवास की आवश्यकता भी बढ़ेगी. ऐसे में रियल एस्टेट डेवलपर्स को औद्योगिक टाउनशिप्स के आसपास योजनाबद्ध, टिकाऊ और कनेक्टेड रेजिडेंशियल प्रोजेक्ट्स विकसित करने पर ध्यान देना होगा, ताकि उद्योगों के साथ-साथ आवासीय इकोसिस्टम भी संतुलित रूप से विकसित हो सके.

ले क अश्वनी नागपाल, सीओओ, डिलीजेन्ट बिल्डर्स कहते हैं कि सरकार ने इंफ्रा और रोजगार को ध्यान में रखकर बजट पेश किया है. हाई स्पीड रेल कॉरीडोर, वाटर वे से ट्रेड व कानेक्टिविटी दोनों बढ़ेगी.केडब्ल्यू ग्रुप के निदेशक पंकज कुमार जैन कहते हैं कि दिल्ली-एनसीआर जैसे प्रमुख बाजारों में आवासीय मांग अब धीरे-धीरे स्थिर हो रही है, जबकि हाइब्रिड वर्क कल्चर और ई-कॉमर्स के विस्तार के चलते ग्रेड-ए ऑफिस स्पेस और संगठित रिटेल में भी ऑक्यूपेंसी में सुधार के संकेत मिल रहे हैं.

आरजी ग्रुप के निदेशक हिमांशु गर्ग कहते हैं कि राष्ट्रीय राजमार्गों और ग्रामीण सड़कों के तेजी से हो रहे विस्तार से देश में एक बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर परिवर्तन देखने को मिलेगा. बजट में 7 हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर और 20 नए राष्ट्रीय जलमार्गों से दिल्ली-वाराणसी और वाराणसी-सिलीगुड़ी जैसे कॉरिडोर के आसपास विकास को नई गति मिलेगी.शैलेन्द्र शर्मा, चेयरमैन, रेनॉक्स ग्रुप कहते हैं कि देश में शिक्षा, उद्योग और इंफ्रास्ट्रक्चर के तेज विकास के साथ ही रियल एस्टेट सेक्टर के विकास को गति मिलेगी. नए व स्किल आधारित विश्वविद्यालय के बनने, एआई के उपयोग तथा निर्माण और मेडिकल क्षेत्र में बेहतर निवेश और उनके लिए इंफ्रा देने से रोजगार के बेहतर मौके बनेंगे.

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