विदेश » List of Nobel Prize Winners 2025| Current Affairs| Nobel prize news: नोबेल पुरस्कार में गणित क्यों गायब है? 120 साल की ये पहेली आज भी अनसुलझी

List of Nobel Prize Winners 2025| Current Affairs| Nobel prize news: नोबेल पुरस्कार में गणित क्यों गायब है? 120 साल की ये पहेली आज भी अनसुलझी

Facebook
Twitter
WhatsApp

Last Updated:

Nobel Prize 2025: नोबेल पुरस्‍कारों में गणित शामिल नहीं है. अक्‍सर ये सवाल उठता है कि नोबेल पुरस्‍कारों से गणित क्‍यों गायब है? तो आइए आपको बताते हैं इसके पीछे की पूरी कहानी…

ख़बरें फटाफट

नोबेल पुरस्कार में गणित क्यों गायब है? 120 साल की ये पहेली आज भी अनसुलझीList of Nobel Prize Winners 2025, Check the List: नोबेल पुरस्‍कारों में क्‍यों नहीं है मैथ्‍स?
Nobel Prize 2025: दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित पुरस्‍कारों में से एक नोबेल पुरस्‍कारों की घोषणा शुरू हो गई है. 2025 का नोबेल पुरस्कार मेडिसिन (चिकित्सा) में अमेरिका की मैरी ई. ब्रंकॉ, अमेरिका के फ्रेड राम्सडेल और जापान के शिमोन सकागुची को दिया गया है. हर साल हम सुनते हैं कि भौतिकी, रसायन विज्ञान, चिकित्सा, साहित्य और शांति के क्षेत्र में किसने कमाल किया. लेकिन इन पुरस्‍कारों में गणित कहीं नजर नहीं आता. अल्फ्रेड नोबेल ने 120 साल पहले ये पुरस्कार शुरू किए, लेकिन गणित को क्यों छोड़ दिया? क्या कोई दुश्मनी थी या वजह कुछ और? आइए इसे समझने की कोशिश करते हैं…

नोबेल की सोच: सिर्फ वो काम जो दुनिया को सीधा फायदा दे

अल्फ्रेड नोबेल का वसीयतनामा पढ़ें तो यह बात साफ हो जाती है. उन्होंने पुरस्कार उन खोजों के लिए दिए जो इंसानियत को सबसे ज्यादा फायदा पहुंचाएं. वो भी ऐसा फायदा जो देखा जा सके. नोबेल को लगता था कि गणित बुनियादी चीज है, लेकिन ये ज्यादा कल्पना वाली बातें करता है. जैसे चिकित्सा में नई दवा से लाखों लोग ठीक होते हैं.भौतिकी से नई मशीनें बनती हैं जो जीवन आसान करती हैं, लेकिन गणित? वो पीछे रहकर दूसरे विषयों की मदद करता है, सीधा असर नहीं दिखाता. शायद इसलिए नोबेल ने सोचा कि गणित को अलग पुरस्कार की जरूरत नहीं.

दुश्मनी वाली कहानी: सिर्फ अफवाह

लोगों में एक मजेदार किस्सा चलता है कि नोबेल का स्वीडिश गणितज्ञ गोस्टा मिटाग-लेफ्लर से झगड़ा था. कोई कहता है प्यार की वजह से, कोई काम की वजह से. लेकिन इतिहासकारों ने इसे झूठा बताया है.इसका कोई ठोस सबूत नहीं मिला. ये बस एक अफवाह है जो गणित वालों के बीच सालों से घूम रही है, जैसे कोई फिल्मी कहानी.

गणित को पहले से अपना ‘नोबेल’ मिला हुआ था

एक और वजह ये कि नोबेल को लगा गणित पहले से ही मशहूर है.उस जमाने में गणित के लिए अच्छे इनाम थे. जैसे 1936 में शुरू हुआ फील्ड्स मेडल.ये गणित का सबसे बड़ा पुरस्कार है, लेकिन इसमें एक शर्त है.ये सिर्फ 40 साल से कम उम्र वालों को मिलता है और वो भी हर चार साल बाद. नोबेल ने शायद उन क्षेत्रों को बढ़ावा देना चाहा जो कम ध्यान पाते थे और जिन्हें पैसे की ज्यादा जरूरत थी.

फिर भी गणित वाले नोबेल जीतते रहे

गणित का अलग पुरस्कार न होने से गणितज्ञ रुके नहीं. कई ने नोबेल के दूसरे वर्गों में जगह बनाई. मिसाल के तौर पर जॉन नैश को उनकी ‘गेम थ्योरी’के लिए 1994 में अर्थशास्त्र का नोबेल मिला . ये दिखाता है कि जब गणित का काम असल जिंदगी में इस्तेमाल होता है. जैसे अर्थव्यवस्था या विज्ञान में, तो वो नोबेल पा सकता है. लेकिन शुद्ध गणित? वो अभी भी लिस्ट से बाहर है.

गणित का योगदान सबसे अधिक

नोबेल की ये कमी असल में उनकी सोच को बताती है.सिर्फ वो काम जो सीधा फायदा दिखाएं, लेकिन आज हम जानते हैं कि गणित की खोजें सबसे गहरी और लंबे समय तक चलने वाली होती हैं. कंप्यूटर, AI, कोड ब्रेकिंग- सब गणित पर टिके हैं. शायद आने वाले समय में बदलाव हो, लेकिन अभी ये राज बना हुआ है.नोबेल में गणित की कमी महसूस होती है.

authorimg

Dhiraj Raiअसिस्टेंट एडिटर

न्यूज़18 हिंदी (Network 18) डिजिटल में असिस्टेंट एडिटर के तौर पर कार्यरत. करीब 13 वर्ष से अधिक समय से मीडिया में सक्रिय. हिन्दुस्तान, दैनिक भास्कर के प्रिंट व डिजिटल संस्करण के अलावा कई अन्य संस्थानों में कार्य…और पढ़ें

न्यूज़18 हिंदी (Network 18) डिजिटल में असिस्टेंट एडिटर के तौर पर कार्यरत. करीब 13 वर्ष से अधिक समय से मीडिया में सक्रिय. हिन्दुस्तान, दैनिक भास्कर के प्रिंट व डिजिटल संस्करण के अलावा कई अन्य संस्थानों में कार्य… और पढ़ें

homecareer

नोबेल पुरस्कार में गणित क्यों गायब है? 120 साल की ये पहेली आज भी अनसुलझी

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Share Market

Share Market

Gold & Silver Price

Should NEET exam be conducted again?

टॉप स्टोरी