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India-Canada relations : NSA Ajit Doval Ottawa | Mark Carney India Visit | India-Canada Khalistan Issue

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ओटावा: ट्रंप ने जब से यूरोपीय देशों पर नजरें टेढ़ी की हैं तब से जियो पॉलिटिक्स में एक नई सड़क बनाती दिखाई दे रही है, जिसके केंद्र में भारत है. यूरोपियन यूनियन ने तो भारत के साथ ‘मदर और ऑल डील्स’ को अंजाम देना शुरू कर दिया है. इसके बीच कनाडा के नए प्रधानमंत्री मार्क कार्ने भी भारत के साथ अलग से रिश्ते मजबूत करना चाहते हैं, जिसके लिए वो भारत दौरे पर आने वाले हैं. हालांकि, चर्चाएं ये भी हैं कि कार्ने के आने से पहले NSA अजीत डोभाल कनाडा जाएंगे और इस दौरान खालिस्तानियों को निपटाने की प्लानिंग होगी.

भारत और कनाडा के बीच जमी बर्फ अब तेजी से पिघल रही है. अब खालिस्तानियों की खैर नही है क्योंकि अजीत डोभाल ओटावा यात्रा पर जाने वाले हैं. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबित अजीत डोभाल ‘मिशन ओटावा’ के लिए अगले महीने यानी फरवरी 2026 को निकलने वाले हैं और उनकी यात्रा का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच रणनीतिक सहयोह को पटरी पर लाना होगा.

NSA के कनाडा दौरे के 3 बड़े मिशन कौन से होंगे?

  • डोभाल, आतंकवाद के मुद्दे पर भारत का रुख साफ करेंगे कि कनाडा की सरकार, भारत विरोधी गतिविधियों खासकर खालिस्तानी अलगाववादियों को अपनी धरती का इस्तेमाल ना करने दे.
  • NSA का ओटावा दौरान केवल डिप्लोमेसी तक सीमित नहीं है; इसमें भारत की NIA और कनाडा की RCMP के बीच सीधा तालमेल बिठाने पर जोर होने वाला है.
  • डोभाल की ओटावा यात्रा एक ‘रोडमैप’ तैयार करेगी ताकि जब पीएम कार्ने भारत आएं, तो सुरक्षा चिंताओं के बजाय सिर्फ व्यापार और भविष्य की तकनीक पर चर्चा हो सके.

Canada India एक साथ उठाएंगे आतंकवाद के खिलाफ कदम

कनाडा ने एक बड़ा कदम उठाते हुए लॉरेंस बिश्नोई गैंग को ‘आतंकवादी इकाई’ घोषित कर दिया है. कनाडा में हाल के महीनों में रंगदारी और हिंसा की घटनाओं में भारी बढ़ोतरी हुई थी, जिसका सीधा संबंध इस गैंग से पाया गया.

कनाडा के इस कदम से भारत को यह साबित करने में मदद मिली है कि संगठित अपराध और आतंकवाद एक ही सिक्के के दो पहलू हैं. अब दोनों देश इन नेटवर्क्स को तोड़ने के लिए खुफिया जानकारी साझा करेंगे.

कार्ने का भारत दौरा क्यों होगा खास?

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्ने मार्च 2026 के पहले हफ्ते में भारत आ सकते हैं.

वो दिल्ली में होने वाले Artificial Intelligence Summit में हिस्सा लेंगे.

आर्थिक लक्ष्य: दोनों देशों ने 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को $50 बिलियन तक ले जाने का लक्ष्य रखा है. इसके लिए ‘कॉम्प्रेहेंसिव इकोनॉमिक पार्टनर एग्रीमेंट’ (CEPA) पर बातचीत फिर से शुरू होगी.

कार्ने की यात्रा के दौरान ऊर्जा और महत्वपूर्ण खनिजों (Critical Minerals) को लेकर बड़े समझौतों पर हस्ताक्षर होने की उम्मीद है

क्या खालिस्तानी का काम तमाम?

जस्टिन ट्रूडो के दौर में जो दोनों देशों के बीच जो अविश्वास पैदा हुआ था, उसे कार्ने प्रशासन सुधारने की कोशिश कर रहा है. सितंबर 2025 में खालिस्तानी चरमपंथी इंद्रजीत सिंह गोसल की गिरफ्तारी को इसी ‘नए दौर’ की शुरुआत माना जा रहा है. भारत का दबाव है कि अभिव्यक्ति की आजादी के नाम पर हिंसा फैलाने वालों को शरण न मिले.

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