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Hwasong-20 ICBM: नॉर्थ कोरिया ने दुनिया को नई इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल (ICBM) Hwasong-20 की झलक दिखाई है. सॉलिड फ्यूल इंजन, मल्टीपल वॉरहेड और मिनटों में लॉन्च की क्षमता इसे दुनिया का सबसे एडवांस न्यूक्लियर हथियार बना देती है! हालांकि, अभी इसका फ्लाइट टेस्ट बाकी है.
Hwasong-20 : उत्तर कोरिया की वो मिसाइल जो मिनटों में लॉन्च होकर डिफेंस सिस्टम को बना सकती है बेअसर. (Photo : KCNA)Hwasong-20 ICBM: उत्तर कोरिया की राजधानी प्योंगयांग में शुक्रवार रात मिलिट्री परेड हुई. इस परेड में किम जोंग उन ने अपने देश का अब तक का ‘सबसे पावरफुल’ न्यूक्लियर हथियार दिखाया – Hwasong-20. यह इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल (ICBM) सॉलिड फ्यूल इंजन से लैस है और इसमें मल्टीपल वॉरहेड्स लगाने की क्षमता है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह मिसाइल कुछ ही मिनटों में फायर की जा सकती है और हजारों किलोमीटर दूर तक न्यूक्लियर वारहेड पहुंचा सकती है.इस ऐतिहासिक परेड में रूस, चीन, वियतनाम और लाओस के टॉप अधिकारी मौजूद थे. यह इवेंट नॉर्थ कोरिया के 80 साल पूरे होने के मौके पर वर्कर्स पार्टी के अधीन आयोजित किया गया था. किम जोंग उन ने इसे ‘न्यूक्लियर डिफेंस पावर की चोटी’ बताया और इसे अमेरिका सहित दुनिया के सभी प्रतिद्वंद्वियों के लिए ‘सीधा संदेश’ करार दिया.
नॉर्थ कोरिया की सरकारी एजेंसी KCNA ने Hwasong-20 को देश का ‘सबसे पावरफुल न्यूक्लियर स्ट्रैटेजिक वेपन सिस्टम’ बताया है. रिपोर्ट में कहा गया कि जब Hwasong-20 की मिसाइलें परेड में दाखिल हुईं, तो भीड़ ने जोरदार उत्साह से उसका स्वागत किया. यह मिसाइल Hwasongpho-19 सीरीज का एडवांस वर्जन है. ‘Hwasong’ का मतलब कोरियन में ‘Mars’ यानी मंगल ग्रह होता है, जबकि ‘Pho’ का अर्थ ‘आर्टिलरी’ यानी तोपखाना.
मिसाइल का इंजन पूरी तरह सॉलिड फ्यूल बेस्ड है और कार्बन-फाइबर कंपोजिट मटीरियल से बना है. इसे अब तक जमीन पर नौ बार टेस्ट किया जा चुका है. सॉलिड फ्यूल मिसाइलों का फायदा यह है कि इन्हें तेजी से मूव और फायर किया जा सकता है, यानी फ्यूल भरने का लंबा प्रोसेस नहीं होता. यही कारण है कि इन्हें डिटेक्ट करना और इंटरसेप्ट करना बेहद मुश्किल हो जाता है.
क्यों डर रहा है वॉशिंगटन? मिनटों में लॉन्च, मल्टी वॉरहेड्स की क्षमता
- Hwasong-20 का सबसे खतरनाक पहलू इसका ‘मल्टीपल वॉरहेड सिस्टम’ है. इसका मतलब है कि एक मिसाइल कई टारगेट्स पर एक साथ वार कर सकती है.
- अमेरिकी थिंक टैंक ‘Carnegie Endowment for International Peace’ के विशेषज्ञ अंकित पांडा के मुताबिक, यह मिसाइल नॉर्थ कोरिया की लॉन्ग-रेंज न्यूक्लियर डिलीवरी एम्बिशन की चोटी को दर्शाती है.
- उन्होंने कहा, ‘इस सिस्टम को इस साल के अंत तक टेस्ट किया जा सकता है. इसके मल्टीपल वॉरहेड्स अमेरिकी मिसाइल डिफेंस सिस्टम पर सीधा प्रेशर बढ़ाएंगे और किम जोंग उन के लिए डिटरेंस यानी डर पैदा करने का असली असर देंगे.’
- CNN की रिपोर्ट के मुताबिक, यह मिसाइल कुछ ही मिनटों में लॉन्च की जा सकती है, जो इसे दुनिया की सबसे तेज न्यूक्लियर अटैक कैपेबिलिटी वाली मिसाइल बनाती है.
रूस-चीन का समर्थन और एशिया में नई रेस का संकेत
परेड में रूस और चीन के टॉप अधिकारी शामिल होना भी एक बड़ा संकेत है. यह बताता है कि नॉर्थ कोरिया अपने सैन्य प्रदर्शन को अब सिर्फ घरेलू प्रोपेगेंडा तक सीमित नहीं रखना चाहता, बल्कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी मौजूदगी मजबूत करना चाहता है. वहीं दक्षिण कोरिया और जापान में इस मिसाइल को लेकर चिंता बढ़ गई है. दोनों देशों की खुफिया एजेंसियों ने दावा किया है कि Hwasong-20 की रेंज इतनी लंबी है कि यह आसानी से अमेरिकी बेस तक पहुंच सकती है.

Deepak Verma is a journalist currently employed as Deputy News Editor in News18 Hindi (Digital). Born and brought up in Lucknow, Deepak’s journey began with print media and soon transitioned towards digital. He…और पढ़ें
Deepak Verma is a journalist currently employed as Deputy News Editor in News18 Hindi (Digital). Born and brought up in Lucknow, Deepak’s journey began with print media and soon transitioned towards digital. He… और पढ़ें
October 12, 2025, 03:50 IST





