10 अक्टूबर को युद्ध विराम पर सहमति होने के बावजूद गाजा में इजरायली हमले जारी हैं.तब से अब तक इजरायल ने गाजा में करीब 100 फिलिस्तिनियों को मार डाला. पिछले 24 घंटों में अस्पतालों में 13 शव पहुंचे हैं. घायल फिलिस्तिनियों में बच्चे भी शामिल हैं. कतर के अमीर ने संघर्ष विराम समझौते के निरंतर उल्लंघन की निंदा करते हुए कहा कि गाजा पर इजरायल का युद्ध नरसंहार के अलावा कुछ नहीं है. इसके बाद ये कहा जाने लगा है कि गाजा युद्ध विराम खतरे में पड़ गया है. कुछ लोग तो ये सवाल भी उठाने लगे हैं कि क्या ये टूट गया है.
अंतर्राष्ट्रीय संगठनों और संयुक्त राष्ट्र आयोग द्वारा नरसंहार के रूप में बताए जा रहे गाजा पर इजरायल के युद्ध में अक्टूबर 2023 से 68,000 से अधिक लोग मारे गए और 170,200 घायल हुए. 7 अक्टूबर, 2023 को हमास के नेतृत्व वाले हमलों के दौरान इजरायल में कुल 1,139 लोग मारे गए. करीब 200 लोगों को बंदी बना लिया गया.
तो, युद्धविराम किसने तोड़ा? क्या अब भी युद्धविराम है? क्या फ़िलिस्तीनी लोगों को आखिरकार शांति और सहायता मिल रही है? आखिर स्थिति क्या है. क्यों कहा जा रहा है कि युद्ध विराम टूट गया.
लोगों ने क्यों कहा कि युद्धविराम टूट गया?
इजरायली सेना ने रविवार को कहा कि हमास ने समझौते का उल्लंघन किया है. उसके दो लड़ाकों ने राफा में दो इजरायली सैनिकों की हत्या कर दी है. इसके बाद इजरायल ने गाजा पट्टी पर “बड़े पैमाने पर और व्यापक हमले” किए. वहीं हमास की सशस्त्र शाखा, कसम ब्रिगेड्स ने कहा कि उन्हें किसी भी झड़प की जानकारी नहीं है.
उन्होंने बताया कि राफा क्षेत्र पर इजरायल का नियंत्रण है. ब्रिगेड्स का राफा में किसी भी फिलिस्तीनी लड़ाके से कोई संपर्क नहीं है. ये पहली बार नहीं है जबकि हमास पर युद्ध विराम का उल्लंघन करने का आरोप लगाया गया है. इजराइल ने कहा है कि हमास गाजा पर इजराइल की बमबारी के दौरान मारे गए 28 बंदियों के शवों को लौटाने में आनाकानी कर रहा है. खबरों में भी ये आया है कि हमास ने इन शवों को लौटाने में और समय मांगा है.
हमास ने शुरू से ही कहा है कि उसे सभी बंदियों के शवों को खोजने के लिए भारी खुदाई उपकरणों की आवश्यकता है. साथ ही उन 10,000 फिलिस्तीनियों के शवों को भी खोजने की जरूरत, जिनके बारे में माना जाता है कि वे इजरायल की बमबारी के मलबे के नीचे मर गए.

4 वर्षीय फिलिस्तीनी अहमद वेशाह का शव उसकी मां अफाफ अबू जहजौह (28) के शव के बगल में रखा गया है. दोनों रविवार को इजरायली सैन्य हमले में मारे गए. (एपी फोटो)
युद्ध विराम की शर्तें क्या थीं?
युद्ध विराम एक 20 सूत्री प्रस्ताव है जिसे अमेरिका ने सितम्बर के आखिर में पेश किया था. कतर, मिस्र और तुर्की की सहायता से इसमें मध्यस्थता की गई थी.
शर्तों में शामिल हैं-
– गाजा में इजरायल और हमास दोनों की शत्रुता समाप्त होगी
– इजराइल गाजा में प्रवेश करने वाली सभी सहायता पर अपनी नाकाबंदी हटा लेगा. इसके वितरण में हस्तक्षेप नहीं करेगा
– हमास गाजा में बंद सभी कैदियों को रिहा कर देगा, चाहे वो जीवित हों या मृत.
– इज़राइल करीब 2,000 फ़िलिस्तीनी कैदियों और लापता लोगों को रिहा कर देगा.
– हमास खुद को गाजा के शासन से हटा लेगा और इस क्षेत्र को एक तकनीकी सरकार के हाथों में दे दिया जाएगा
– इज़रायली सेनाएं गाज़ा से चरणबद्ध तरीके से हट जाएगी.
– समझौते के अनुसार हमास हथियार छोड़ देगा, उसके कुछ सदस्यों को आम माफी दी जाएगी. अन्य को अन्य देशों में सुरक्षित प्रवेश की सुविधा दी जाएगी.
– हमास की प्रतिक्रिया में सभी बंदियों को रिहा करने और गाजा का शासन एक “स्वतंत्र फिलिस्तीनी प्रशासन” को सौंपने की शर्त स्वीकार की गई.
जहां तक हमास पर शेष मांगों का सवाल है, तो उन्होंने कहा कि उन्हें “एक समावेशी फिलिस्तीनी राष्ट्रीय ढांचे के भीतर संबोधित करने की जरूरत है, जिसका हम एक अभिन्न अंग होंगे, जिसमें हम योगदान देंगे.”
क्या इजराइल ने शर्तों का पालन किया?
गाजा स्थित सरकारी मीडिया कार्यालय का कहना है कि इजरायल ने इस समझौते का 80 बार उल्लंघन किया है, जिसमें कम से कम 97 फिलिस्तीनी मारे गए हैं. शुक्रवार को इज़रायली सेना ने एक नागरिक वाहन पर गोलीबारी की, जिसमें ज़ितून पड़ोस में अबू शाबान परिवार के 11 सदस्यों की मौत हो गई. कार में सात बच्चे और तीन महिलाएं थीं, ये परिवार अपने घर पहुंचने की कोशिश कर रहा था. रविवार को इजराइल ने गाजा में हवाई हमलों और हमलों में दर्जनों लोगों को मार डाला.
सोमवार को, जब इजरायल ने कहा कि वह फिर से समझौते का पालन करेगा, तो उसने उत्तरी गाजा के शुजायेया पड़ोस में कई फिलिस्तीनियों की हत्या कर दी. तब उसने ये आरोप लगाया कि कि वे इजरायली सैनिकों के लिए “खतरा” थे, क्योंकि उन्होंने अचिह्नित “पीली रेखा” को पार कर लिया था, ये वो रेखा है, जहां तक इजरायल की सेना को पीछे हटना है.
इजराइल ने सहायता पर भी प्रतिबंध लगा दिया. सहायता गाजा पहुंच नहीं पा रही. राफा क्रॉसिंग को बंद रखा है. उसने मंगलवार को संयुक्त राष्ट्र को बताया कि वह केवल 300 सहायता ट्रकों को ही अनुमति देगा, जो कि समझौते में निर्धारित संख्या का आधा है.
क्या हमास ने शर्तों का पालन किया?
हमास ने सभी 20 जीवित बंदियों को रिहा कर दिया है. इजरायल पर बार-बार युद्ध विराम का उल्लंघन करने का आरोप लगाने के बावजूद बंदियों के 28 शवों में 12 को बरामद कर वापस लौटा दिया है.उसने और शवों के बारे में कहा कि ये शव मलबे में दबे हैं, जिसके लिए उसे नए उपकरण और बाहरी सहायता की जरूरत होगी. हमास ने ये भी कहा कि नए उपकरणों और बाहरी सहायता के बिना यह प्रयास धीमा होगा. इसकी गारंटी नहीं दी जा सकती.
हमास द्वारा बंदियों के शवों को वापस लाने के प्रयास ऐसे समय में किए जा रहे हैं, जब गाजा के नागरिक सुरक्षा विभाग ने कहा है कि 10,000 से अधिक मारे गए फिलिस्तीनी अभी भी पूरे क्षेत्र में मलबे के नीचे फंसे हुए हैं. इजरायली बमों के कारण पूरे के पूरे मोहल्ले गायब हो गए हैं, जिससे वहां रहने वाले लोगों के लिए यह पता लगाना लगभग असंभव हो गया है कि उनके घर कहां हैं.
इजरायल सरकार ने गाजा से अपनी सेना को पूरी तरह से वापस बुलाने का वादा नहीं किया है. उसने ये कहा है कि वह तब तक बफर जोन बनाए रख सकती है जब तक कि फिर से कोई आतंकवादी खतरा न हो.
तो क्या युद्धविराम टूट गया है या अभी भी जारी है?
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा है कि युद्धविराम अब भी प्रभावी है. उन्होंने दोहराया कि अमेरिकी अधिकारी यह सुनिश्चित करेंगे कि स्थिति “बहुत शांतिपूर्ण” रहे.
रविवार को इजरायली हमलों में दर्जनों लोगों की मौत के बाद, इजरायली सेना ने कहा कि गाजा में युद्ध विराम फिर से शुरू हो गया है, साथ ही सहायता भी पहुंच रही है. हमास ने कहा है कि वह युद्धविराम की शर्तों का पालन करने तथा स्थायी शांति की दिशा में काम करने के लिए प्रतिबद्ध है.





