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Explainer: इज़राइल-हमास समझौते के बाद अब आगे क्या होगा, कब रिहा होंगे बंधक और लौटेगी सेना

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डोनाल्ड ट्रंप की गाजा में युद्ध समाप्त करने की 20 सूत्री योजना के बाद इजरायल और हमास शांति के लिए सहमत हो गए हैं. दुनिया के अधिकांश देशों ने इसका स्वागत किया है. अब इस समझौते में कब और क्या होगा. गाजा पर इजरायल के युद्ध में 67,000 से अधिक लोग मारे गए हैं, जिसे कई अंतर्राष्ट्रीय अधिकार संगठनों और संयुक्त राष्ट्र आयोग ने नरसंहार बताया है.

सवाल – समझौते पर कब सहमति बनी?

– ये सहमति बुधवार को बनी. मिस्र में इजरायल और हमास युद्धविराम योजना के पहले चरण के लिए सहमत हो गए. अब उम्मीद है कि इस समझौते की शर्तें लागू होनी शुरू हो जाएंगी. इजराइल और हमास दोनों ने शांति योजना के पहले चरण पर हस्ताक्षर कर दिए हैं

सवाल – पहले चरण में समझौते की मुख्य शर्तें क्या हैं?

– सभी बंदियों को “बहुत जल्द” रिहा कर दिया जाएगा. यानि हमास इजरायल के बंधकों को रिहा करेगा और इजरायल उन सभी बंधकों को छोड़ेगा, जिन्हें उसने गाजा शहर से पकड़ा था. साथ ही समझौते के हिस्से के रूप में इजरायल अपने सैनिकों को सहमत रेखा पर वापस बुला लेगा.

सवाल – ये सहमत रेखा कहां है, जहां तक इजरायल अपनी सेनाओं को वापस बुला लेगा?

– इजरायल और गाजा शहर के बीच जो सहमत रेखा के सटीक स्थान को अभी सार्वजनिक तौर पर पूरी तरह स्पष्ट नहीं किया गया है. लेकिन लग रहा इजरायल के सैनिक गाजा शहर से बाहर निकल जाएंगे और उसकी सीमा की ऐसी पर रहेंगे, जहां से वो गाजा शहर की गतिविधियों पर नजर रख सकें.

9 अक्टूबर, 2025 को दक्षिणी गाजा के खान यूनिस में, इजरायल और हमास के बीच युद्ध विराम समझौते के पहले चरण पर सहमति बनने की खबर के बाद फिलिस्तीनी सड़क पर जश्न मनाते हुए (रॉयटर्स)

सवाल – क्या इस समझौते में सबकुछ साफ हो गया है और दोनों पक्ष पूरी तरह सहमत हैं?

– अल जज़ीरा की एक रिपोर्ट के अनुसार, इज़राइल और हमास के बीच “कुछ गंभीर मतभेद” बने हुए हैं. महत्वपूर्ण विवरणों पर अभी सहमति बननी बाकी है. इनमें इज़राइल की वापसी का समय और सीमा, गाजा पट्टी के लिए युद्ध के बाद फिर से बनाना और हमास का भविष्य शामिल हैं. आप कह सकते हैं कि शुरुआती चरण की तैयारी चल रही है. दोनों पक्ष बंदी-कैदी की अदला-बदली के लिए “कुछ मानदंडों” पर सहमत होते दिख रहे हैं.
ये कहा जा रहा है कि ट्रंप की योजना के अनुसार, जैसे ही हमास बंदियों को सौंप देगा, तब युद्ध खत्म हो जाना चाहिए. हालांकि इजरायल पक्ष का कहना है कि युद्ध तभी खत्म होगा जब हमास हथियार छोड़ देगा.

सवाल – बंदियों को कितनी जल्दी रिहा किया जा सकता है?

– ट्रम्प ने बुधवार को फॉक्स न्यूज के सीन हैनिटी को बताया कि बंदियों को, जिनमें मृत लोगों के शव भी शामिल हैं, उन्हें आने वाले सोमवार यानि 13 अक्टूबर को रिहा किया जा सकता है.
अल जजीरा ने हमास के एक सूत्र के जरिए बताया, बचे हुए बंदियों को इज़राइली सरकार द्वारा समझौते को मंज़ूरी मिलने के 72 घंटों के भीतर रिहा कर दिया जाएगा. इज़राइली अधिकारियों का संकेत है कि ये प्रक्रिया शनिवार से शुरू हो सकती है.

सवाल – इस पर गाजा में लोगों की प्रतिक्रिया क्या थी?

– अल जजीरा संवाददाता के अनुसार, फिलीस्तीनियों, विशेषकर गाजा में रहने वालों ने खुशी भी जाहिर की लेकिन वो सतर्क भी हैं.

सवाल – इजरायल की संसद इसमें क्या करेगी?

– इजरायल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू का कहना है कि वह इस समझौते को गुरुवार को मंजूरी के लिए अपने मंत्रिमंडल के सामने लागएंगे. वहां से मंजूरी मिलने के बाद इज़राइली सेना पीछे हट जाएगी. उसके 72 घंटे बाद हमास द्वारा बंदियों को रिहा करना शुरू करने की उम्मीद है. यानि पहले इजरायल की संसद से सेना को पीछे करने का प्रस्ताव पारित होगा. इसके बाद हमास बंधकों को रिहा करेगा.

सवाल – इस समय गाजा का हाल कैसा है?

– संयुक्त राष्ट्र के विशेषज्ञों और नरसंहार एक्सपर्ट्स के अंतर्राष्ट्रीय संघ ने कहा है कि इजरायल ने गाजा में जीवन के लगभग हर स्रोत को नष्ट कर दिया है, अस्पतालों, विश्वविद्यालयों और पूरे पड़ोस को ध्वस्त करके 90 प्रतिशत इमारतों को क्षतिग्रस्त या नष्ट कर दिया है.

इज़राइल में कम से कम 67,160 लोग मारे गए हैं और 169,000 घायल हुए हैं. हज़ारों लाशें अब भी मलबे के नीचे दबी हुई हैं. इसमें कोई शक नहीं कि गाजा में फिलिस्तीनियों को अपनी मातृभूमि और समुदायों के पुनर्निर्माण के लिए चुनौतीपूर्ण काम का सामना करना पड़ेगा.

संयुक्त राष्ट्र का अनुमान है कि गाजा के पुनर्निर्माण के लिए 50 बिलियन डॉलर से अधिक की आवश्यकता होगी. गाजा शहर को फिर रहने लायक बनाने में कम से कम 15 साल लग जाएंगे. गाजा में कम से कम 17,000 बच्चे अकेले हैं. ये साफ नहीं है कि उन्हें कभी सुरक्षित और स्थिर वातावरण मिलेगा या नहीं.

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