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Ecuador News : Emergency Declared Over Fuel Subsidy, Diesel Prices Skyrocket, Protests Erupt | डीजल पर ‘धमाका’, साउथ अमेरिका में खौल उठा गुस्सा! इक्वाडोर में इमरजेंसी लागू

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Ecuador News: इक्वाडोर में डीजल सब्सिडी खत्म होने पर जनता भड़क उठी है. राष्ट्रपति डेनियल नोबोआ ने 60 दिन की इमरजेंसी लगाई है. सात प्रांतों में सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं.

डीजल पर ‘धमाका’, साउथ अमेरिका में खौल उठा गुस्सा! इक्वाडोर में इमरजेंसी लागूसरकार के खिलाफ सड़कों पर जनता. (Photo : Reuters)
नई दिल्ली/क्विटो: दक्षिण अमेरिकी देश इक्वाडोर इन दिनों आग की तरह भड़क रहे प्रदर्शनों से जूझ रहा है. राष्ट्रपति डेनियल नोबोआ ने मंगलवार को 60 दिन की इमरजेंसी लागू कर दी. दरअसल, इक्वाडोर की सरकार ने अचानक डीजल सब्सिडी खत्म कर दी, जिससे रातों-रात दाम आसमान पर पहुंच गए और लोग सड़कों पर उतर आए. सरकार के आदेश के मुताबिक राजधानी क्विटो समेत सात प्रांतों में सुरक्षा बलों की तैनाती हुई है. अमेरिकी दूतावास ने कहा कि कदम सार्वजनिक सेवाओं में बाधा रोकने और लोगों की आवाजाही सुरक्षित रखने के लिए उठाया गया है. इमरजेंसी में कर्फ्यू नहीं होगा, लेकिन फ्रीडम ऑफ असेंबली यानी भीड़ जुटाने का अधिकार स्थगित रहेगा.

कैसे भड़का गुस्सा?

पिछले हफ्ते सरकार ने ऐलान किया कि दशकों से जारी डीजल सब्सिडी खत्म होगी. शनिवार से लागू हुए फैसले के बाद डीजल का दाम $1.80 प्रति गैलन से बढ़कर $2.80 हो गया. यानी रातों-रात 1 डॉलर की छलांग. सरकार का दावा है कि यह सब्सिडी $1.1 बिलियन सालाना का बोझ थी और इसका फायदा गरीबों को कम, अमीर बिजनेस सेक्टर को ज्यादा मिल रहा था.

लेकिन जनता का मानना है कि झटका सीधे उनकी जेब पर पड़ा है. खासकर गरीब वर्ग और ट्रांसपोर्ट सेक्टर पर असर गहरा है. यही वजह है कि सोमवार से हजारों लोग सड़कों पर उतर आए, बैरिकेड तोड़े, पुलिस से भिड़ गए. पुलिस ने आंसू गैस से भीड़ को तितर-बितर करने की कोशिश की.

सरकार ने क्या फॉर्म्युला निकाला?

नोबोआ प्रशासन कह रहा है कि सब्सिडी हटाने से जो पैसा बचेगा, उसमें से $220 मिलियन ट्रांसपोर्ट सेक्टर को दिए जाएंगे, ताकि बस-टैक्सी किराया न बढ़े. इसके अलावा 11 दिसंबर से प्राइस स्टेबिलाइजेशन मेकैनिज्म लागू करने का वादा किया गया है, जिससे ग्लोबल मार्केट में उतार-चढ़ाव का बोझ जनता पर सीधे न पड़े. हालांकि, इस फॉर्मूले की डिटेल्स अभी साफ नहीं हैं.

इक्वाडोर में ईंधन सब्सिडी दशकों से राजनीति का संवेदनशील मुद्दा रही है. पिछली सरकारों ने भी इसे हटाने की कोशिश की थी, लेकिन जनता के विरोध के चलते कदम पीछे खींचना पड़ा था. नोबोआ की सरकार कह रही है कि देश की खस्ताहाल अर्थव्यवस्था को बचाने के लिए कड़े फैसले जरूरी हैं.

इक्वाडोर सरकार मान रही है कि हालात फिलहाल नियंत्रण में है. लेकिन अगर प्रदर्शन और हिंसा इसी तरह बढ़ती रही, तो देश की राजनीति और अर्थव्यवस्था दोनों के लिए बड़ा संकट खड़ा हो सकता है.

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Deepak Verma

Deepak Verma is a journalist currently employed as Deputy News Editor in News18 Hindi (Digital). Born and brought up in Lucknow, Deepak’s journey began with print media and soon transitioned towards digital. He…और पढ़ें

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