Last Updated:
डेनमार्क के पूर्व सैनिकों ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ग्रीनलैंड पर कब्जे की धमकी और डेनमार्क की सैन्य भूमिका को कम आंकने वाले बयानों के खिलाफ कोपेनहेगन स्थित अमेरिकी दूतावास के बाहर मौन प्रदर्शन किया. इन सैनिकों ने अमेरिका के साथ साझा अभियानों में अपने बलिदान को याद दिलाते हुए कहा कि ट्रंप प्रशासन डेनमार्क-अमेरिका साझेदारी को नजरअंदाज कर रहा है.
कोपेनहेगन में चल रहा प्रदर्शन.कोपेनहेगन: डेनमार्क के पूर्व सैनिकों ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस बयान के खिलाफ शनिवार को अमेरिकी दूतावास के बाहर मौन प्रदर्शन किया, जिसमें उन्होंने ग्रीनलैंड पर कब्जे की बात कही थी और युद्ध में डेनमार्क की भूमिका को कमतर आंका था. प्रदर्शन में शामिल कई पूर्व सैनिक ऐसे थे, जिन्होंने अलग-अलग सैन्य अभियानों में अमेरिकी सैनिकों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर लड़ाई लड़ी है. पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों से जुड़े संगठन ‘डेनिश वेटरन्स एंड वेटरन सपोर्ट’ ने एक बयान जारी कर कहा कि डेनमार्क हमेशा अमेरिका का भरोसेमंद साझेदार रहा है.
क्या बोला संगठन?
संगठन ने कहा, ‘जब भी अमेरिका ने मदद मांगी, डेनमार्क ने दुनिया के संकटग्रस्त इलाकों में अपने सैनिक भेजे. इसके बावजूद ट्रंप प्रशासन का रवैया हमारे लिए निराशाजनक और अपमानजनक है, क्योंकि वह जानबूझकर दोनों देशों की साझेदारी को नजरअंदाज कर रहा है.’ बयान में यह भी कहा गया कि लोकतंत्र, शांति और आजादी के लिए संघर्ष में डेनमार्क के योगदान और बलिदान को व्हाइट हाउस में भुला दिया जाना बेहद दुखद है. पूर्व सैनिकों ने कहा कि इस तरह के बयान उन लोगों के बलिदान का अपमान हैं, जिन्होंने अमेरिका के साथ मिलकर जान जोखिम में डालकर सेवा दी.
नाटो के देश हुए नाराज
प्रदर्शन से पहले पूर्व सैनिक डेनमार्क के शहीद जवानों के स्मारक पर एकत्र हुए, जहां उन्होंने श्रद्धांजलि दी. इसके बाद वे शांतिपूर्वक मार्च करते हुए पास स्थित अमेरिकी दूतावास पहुंचे और वहां मौन प्रदर्शन किया. नाटो के सदस्य देश डेनमार्क के पूर्व सैनिक खासतौर पर उस अमेरिकी बयान से नाराज हैं, जिसमें ग्रीनलैंड के आत्मनिर्णय के अधिकार को नजरअंदाज किया गया है. ग्रीनलैंड डेनमार्क का हिस्सा है. इसके साथ ही, वे ट्रंप के इस दावे का भी विरोध कर रहे हैं कि डेनमार्क आर्कटिक क्षेत्र में पश्चिमी देशों के सुरक्षा हितों की रक्षा करने में सक्षम नहीं है.
About the Author

योगेंद्र मिश्र ने इलाहाबाद यूनिवर्सिटी से जर्नलिज्म में ग्रेजुएशन किया है. 2017 से वह मीडिया में जुड़े हुए हैं. न्यूज नेशन, टीवी 9 भारतवर्ष और नवभारत टाइम्स में अपनी सेवाएं देने के बाद अब News18 हिंदी के इंटरने…और पढ़ें
February 01, 2026, 07:11 IST





