पशुपालक और डेयरी एक्सपर्ट रिंकी सुधन बताती हैं कि कई लोग करीब 2-3 लाख रुपये से बेसिक सेटअप के साथ शुरुआत कर लेते हैं और डायरेक्ट कस्टमर को दूध बेचें तो मार्जिन और भी स्ट्रॉन्ग हो जाता है. इसके अलावा दही, पनीर, घी जैसे वैल्यू-ऐडेड प्रोडक्ट्स (Dairy business plan) में मांग हाई रहती है. राज्य स्तर पर डेयरी को बढ़ावा देने के लिए अनुदान/ब्याज सब्सिडी जैसी योजनाएं भी चलती रहती हैं, स्थानीय पशुपालन विभाग या बैंक से लेटेस्ट गाइडलाइंस ज़रूर चेक करें.
डेयरी फार्मिंग Dairy Farming) के लिए शहर या क़स्बे से 5-10 किमी के भीतर लोकेशन बढ़िया रहती है ताकि डिलीवरी आसान हो. शेड हवादार और सूखा होना चाहिए, फर्श स्लोप वाला हो ताकि पानी और मूत्र आसानी से निकल सके. साफ पानी, चारा स्टोरेज, छोटा दवाई/फर्स्ट-एड किट और बिजली कनेक्शन जैसे बेसिक इंतज़ाम ज़रूरी हैं. 2-5 गाय या भैंस से शुरुआत करना बेहतर रहता है. पशु खरीदते समय दूध देने का रिकॉर्ड, हेल्थ कार्ड और वैक्सीनेशन हिस्ट्री ज़रूर देखें. प्रेग्नेंट (इन-काफ) या हाल ही में बछड़ा देने वाली पशु से शुरुआती दूध प्रोडक्शन स्थिर रहता है.
शुरुआती लागत कितनी?
अगर आप 2-5 दुधारू पशुओं के साथ बिजनेस को स्टार्ट करना चाहते हैं तो एक रफ आइडिया (Dairy farm setup cost) से समझते हैं कि शुरुआती लागत कितनी होगी. प्रति गाय/भैंस लगभग 45-75 हज़ार रु. (नस्ल और दूध-रिकॉर्ड के अनुसार), शेड/फीडर/वॉटर ट्रफ की लागत लगभग 35-55 हज़ार रु. चारा यानी फीड (1-2 महीने का स्टॉक) लगभग 25-40 हज़ाक, दूध तोलने का उपकरण, बाल्टियां,कैन, टेस्टिंग किट जैसों में खर्च लगभग 6-15 हज़ार रु. कुल मिलाकर, 2 से 3 लाख में एक छोटा-सा डेयरी बिजनेस शुरू किया जा सकता है.





