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CJI BR Gavai News: भारत में कानून का शासन, बुलडोजर नहीं… आखिर कब और क्यों बोले सीआई बीआर गवई?

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CJI BR Gavai News: भारत के चीफ जस्टिस बीआर गवई ने विदेश की धरती से देश में कानून के शासन को लेकर बड़ा अपडेट दिया है. उन्होंने मॉरीशस की धरती से बुलडोजर एक्शन पर बयान दिया किया है.

भारत में कानून का शासन, बुलडोजर नहीं... आखिर कब और क्यों बोले सीआई बीआर गवई?बुलडोजर एक्शन पर विदेश की धरती से क्या बोले सीजेआई बीआर गवई.

CJI BR Gavai on Bulldozer: भारत के चीफ जस्टिस बीआर. गवई ने शुक्रवार को मॉरीशस से भारत में कानून के शासन की बात कही. उन्होंने मॉरीशस विश्वविद्यालय के सर मौरिस रॉल्ट मेमोरियल लेक्चर के दौरान कहा कि लोकतंत्र का मतलब कानून को अपने मन की शक्ति बनाने के बजाय न्याय प्रदान करना होता है. अपने संबोधन में बीआर गवई ने ‘सबसे बड़े लोकतंत्र में कानून का शासन’ विषय पर अपना व्यख्यान दिया.

उन्होंने गुलामी और जनजातियों को निशाना बनाने वाले औपनिवेशिक कानूनों का उदाहरण देते हुए कहा, ‘केवल किसी कानून लीगल कर देने से निष्पक्षता या न्याय प्रदान नहीं हो जाता है. यह याद रखना ज़रूरी है कि किसी चीज को वैध बना देने का मतलब यह नहीं कि वह न्यायसंगत है. इतिहास इस दर्दनाक सच्चाई के अनगिनत उदाहरण हैं.’

भारत के कानून की यात्रा पर क्या बोले 

अपने संबोधन में उन्होंने भारतीय संवैधानिक यात्रा की भी बात की. उन्होंने महात्मा गांधी के ताबीज़ और डॉ. बी.आर. अंबेडकर की संवैधानिक दृष्टि को शासन के नैतिक दिशासूचक के रूप बताया. उन्होंने कहा, ‘कानून का शासन केवल नियमों का समूह नहीं है. यह एक नैतिक और मोरल फ्रेमवर्क का डिजाइन है, जिसे समानता बनाए रखने, मानवीय गरिमा की रक्षा करने और एक विविध एवं जटिल समाज में शासन का मार्गदर्शन करने के लिए डिजाइन किया गया है.’

बुलडोजर का नियम नहीं

मुख्य न्यायाधीश गवई ने अवैध तोड़फोड़ पर अपने ही 2024 के फैसले का भी चर्चा किया. जिसे ‘बुलडोजर केस’ के नाम से जाना जाता है. कोर्ट ने सरकारी फैसले जिसमें दंड के रूप में अभियुक्तों के घरों को ध्वस्त करने में कार्यपालिका के अतिक्रमण के विरुद्ध सुरक्षा उपाय निर्धारित किए थे।. इस फैसले के बारे में बात करते हुए, जिसमें इस बात पर जोर दिया गया था कि कार्यपालिका एक साथ न्यायपालिका, जूरी और जल्लाद की भूमिकाएं नहीं निभा सकती. चीफ जस्टिस ने कहा, ‘इस फैसले में एक स्पष्ट संदेश दिया गया है कि भारतीय न्याय व्यवस्था कानून के शासन से चलती है, बुलडोजर के शासन से नहीं.’ उन्होंने इस बात पर जो दिया कि सत्ता का प्रयोग निष्पक्ष रूप से किया जाए, न कि प्रतिशोध के साधन के रूप में.

मॉरीशस लिंक और सर मौरिस रॉल्ट को श्रद्धांजलि

अपने भाषण की शुरुआत से पहले चीफ जस्टिस गवई ने मॉरीशस के पूर्व मुख्य न्यायाधीश सर मौरिस रॉल्ट को श्रद्धांजलि अर्पित की. उन्होंने उनको प्रख्यात न्यायविद बताया. गवई ने कहा, ‘उन्होंने हमें याद दिलाया कि अनियंत्रित शक्ति संस्थाओं को नष्ट कर देती है तथा व्यक्तिगत इच्छा नहीं, बल्कि कानून ही सर्वोच्च रहना चाहिए.’

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Deep Raj Deepak

दीप राज दीपक 2022 में न्यूज़18 से जुड़े. वर्तमान में होम पेज पर कार्यरत. राजनीति और समसामयिक मामलों, सामाजिक, विज्ञान, शोध और वायरल खबरों में रुचि. क्रिकेट और मनोरंजन जगत की खबरों में भी दिलचस्पी. बनारस हिंदू व…और पढ़ें

दीप राज दीपक 2022 में न्यूज़18 से जुड़े. वर्तमान में होम पेज पर कार्यरत. राजनीति और समसामयिक मामलों, सामाजिक, विज्ञान, शोध और वायरल खबरों में रुचि. क्रिकेट और मनोरंजन जगत की खबरों में भी दिलचस्पी. बनारस हिंदू व… और पढ़ें

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