नई दिल्ली (Children’s Day 2025). भारत में 14 नवंबर को बच्चों का दिन यानी बाल दिवस खुशियों और उल्लास के साथ मनाया जाता है. यह दिन सिर्फ जश्न मनाने का नहीं, बल्कि बच्चों के अधिकारों, शिक्षा और बेहतर भविष्य की जरूरतों को याद करने का भी मौका है. भारत में भले ही बाल दिवस 14 नवंबर को मनाया जाता है, लेकिन दुनियाभर में ज्यादातर देश इसे 20 नवंबर को मनाते हैं. संयुक्त राष्ट्र (UN) ने इसी तारीख को ‘विश्व बाल दिवस’ के रूप में घोषित किया है.
International Children’s Day: 20 नवंबर को कहां-कहां बाल दिवस मनाते हैं?
भारत में 14 नवंबर को बाल दिवस मनाने का निर्णय 1964 में पंडित जवाहरलाल नेहरू के निधन के बाद लिया गया था. इससे पहले, भारत भी दुनिया के कई देशों की तरह 20 नवंबर को ही बाल दिवस मनाता था.
दुनिया में 20 नवंबर का महत्व
संयुक्त राष्ट्र ने 20 नवंबर को ‘सार्वभौमिक बाल दिवस’ (Universal Children’s Day) घोषित किया, जिसके पीछे 2 मुख्य कारण थे:
- 1959 में इसी दिन संयुक्त राष्ट्र महासभा ने ‘बाल अधिकारों की घोषणा’ (Declaration of the Rights of the Child) को अपनाया था.
- 1989 में इसी दिन ‘बाल अधिकार समझौता’ (Convention on the Rights of the Child) को भी अपनाया गया था, जो बच्चों के अधिकारों की रक्षा के लिए एक ऐतिहासिक समझौता है.
इन महत्त्वपूर्ण घटनाओं के कारण 20 नवंबर को बच्चों के अधिकारों के प्रति वैश्विक जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से चुना गया. दुनिया के कई देश, (जैसे कनाडा, मिस्र, इथियोपिया, फिनलैंड, स्वीडन, फ्रांस, यूनान और दक्षिण अफ्रीका), इसी तारीख को बाल दिवस मनाते हैं.
पड़ोसी देश बाल दिवस कब मनाते हैं?
भारत के पड़ोसी देशों में बाल दिवस मनाने की तारीखें अलग-अलग हैं, जो उनकी अपनी राष्ट्रीय परंपराओं और इतिहास पर आधारित हैं:
| पड़ोसी देश | बाल दिवस की तारीख |
| पाकिस्तान | पाकिस्तान भी संयुक्त राष्ट्र की घोषणा का पालन करते हुए 20 नवंबर को बाल दिवस मनाता है. |
| बांग्लादेश | बांग्लादेश भी 20 नवंबर को बाल दिवस मनाता है. |
| नेपाल | नेपाल में बाल दिवस भाद्र माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को बाल दिवस मनाया जाता है. 2026 में यह 14 सितंबर को मनाया जाएगा. |
| चीन | चीन में 1 जून को ‘अंतर्राष्ट्रीय बाल दिवस’ मनाया जाता है. |
| श्रीलंका | श्रीलंका 1 अक्टूबर को बाल दिवस मनाता है. |
Children’s Day Significance: बाल दिवस का क्या महत्व है?
इन अलग-अलग तारीखों के बावजूद इन सभी देशों का उद्देश्य एक ही है: बच्चों को सम्मान देना और उनके बेहतर भविष्य को सुनिश्चित करना. चाहे वह 14 नवंबर हो, 20 नवंबर या कोई अन्य दिन, बाल दिवस हमें याद दिलाता है कि बच्चे अनमोल हैं और उनका विकास ही हमारे समाज और राष्ट्र की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है. यह दिन हमें ‘चाचा नेहरू’ के उस विचार की याद दिलाता है कि बच्चों को प्यार और मार्गदर्शन मिलना चाहिए. तभी वे सही मायने में देश का भविष्य बन सकेंगे.





