गली-मोहल्ले से करें शुरुआत
अगर आप स्मार्ट खरीद और सही लोकेशन चुन लें तो 20-30 हजार रु. में भी काम चल सकता है. चलिए, बिल्कुल सीधी भाषा में पूरा खर्चा और सेटअप समझ लेते हैं. छोटी दुकान (गली और मोहल्ला) में भी ये बिज़नेस दौड़ेगा. इसमें बेसिक स्टॉक आ जाएगा लिपस्टिक, काजल, क्रीम, पाउडर, नेल पॉलिश, सिंदूर, छोटे ज्वेलरी आइटम वगैरह. यह मॉडल लो कॉस्ट पर किया जा सकता है. मीडियम लेवल स्टोर में लगभग 1 लाख रु. का खर्चा आता है. यहां आप वैरायटी बढ़ा सकते हैं और कुछ ब्रांडेड आइटम भी रख सकते हैं. दिखावट और डिस्प्ले थोड़ा बेहतर रखना होगा. वहीं, अगर आप बड़ी दुकान खोलेंगे तो इसमें लगभग 6-7 लाख रू. लग सकते हैं.
लिपस्टिक, काजल, फाउंडेशन, क्रीम, फेस वॉश, लोशन, पाउडर, नेल पॉलिश, हेयर ऑयल, सिंदूर, छोटे गहने. थोक कीमतें आम तौर पर 2 से 100 रु. प्रति पीस/पैक तक मिल जाती हैं. हर प्रोडक्ट की 1-2 दर्जन मात्रा उठाइए ताकि वैरायटी दिखे और पैसे भी कंट्रोल में रहें. ऐसे में बेसिक स्टॉक पर 10-20 हजार रु. आराम से मैनेज हो जाता है. रैक, काउंटर और डिस्प्ले में तकरीबन 15-20 हज़़ार रु. लग सकते हैं. पैकिंग मटेरियल और बैनर में 10 हज़ार की लागत आ सकती है. अगर आप स्टॉक 15,000-18,000 रु. का लेते हैं और ऊपर का सेटअप जोड़ दें, तो कुल शुरुआती खर्च लगभग 50 हजार रु. में आपकी छोटी दुकान खुल जाएगी.
इन बातों का भी रखें ध्यान
एक्सपर्ट आरती वशिष्ठ के मुताबिक, दुकान के लिए लोकेशन ऐसी चुनें जहां महिलाओं या लड़कियों की आवाजाही ज्यादा हो. जैसे-मार्केट, स्कूल और कॉलेज के पास या रिहायशी क्लस्टर. थोक खरीद के लिए दिल्ली का सदर बाजार, चांदनी चौक, करोल बाग, गांधी नगर जैसे मार्केट्स किफायती रहते हैं. यहां नॉन-ब्रांडेड से लेकर ब्रांडेड, दोनों तरह का माल मिल जाता है. शुरुआत में लोकल और बिना ब्रांड के अच्छे प्रोडक्ट रखें, बाद में ब्रांडेड आइटम जोड़ते जाएं. इससे कैश फ्लो बना रहता है.





