परिवार के सदस्यों ने बताया कि हमलावरों में से एक स्थानीय तृणमूल कांग्रेस नेता का पूर्व ड्राइवर था, जबकि एक अन्य संदिग्ध एक तस्वीर में सत्तारूढ़ पार्टी के एक विधायक के साथ नजर आ रहा है. संजय की मां ने कहा, “उन्होंने पहले भी मेरे बेटे पर हमला किया है. तृणमूल के लोग पास के क्लब रूम में रहते थे, शराब पीते थे और उत्पात मचाते थे. इस बार वे रात में आए, उसे घसीटकर बाहर ले गए और बेरहमी से पीटा.”
भाजपा नेताओं ने सत्तारूढ़ दल पर हमला तेज कर दिया है. विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने आरोपियों को तृणमूल विधायकों से जोड़ते हुए तस्वीरें प्रसारित कीं और कहा, “बंगाल में करीब तीन सौ भाजपा कार्यकर्ताओं की हत्या कर दी गई है. सत्तारूढ़ दल डर के बल पर शासन करने की कोशिश कर रहा है.” प्रदेश भाजपा अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने आरोप लगाया कि पुलिस इस मामले में धीमी गति से काम कर रही है.
तृणमूल कांग्रेस ने इस पर पलटवार किया. तृणमूल विधायक मुकुट मणि अधिकारी ने कहा, “कोई भी मौत दुखद होती है, लेकिन इसमें कोई राजनीतिक पहलू नहीं है. पुलिस दोषी के खिलाफ कार्रवाई करेगी.” एक अन्य तृणमूल नेता एवं बांकुरा के सांसद अरूप चक्रवर्ती ने भाजपा पर ‘आदतन हत्या का रोना रोने’ का आरोप लगाया और 2022 में भाजपा कार्यकर्ता के एक मामले का हवाला दिया, जिसकी जांच में आत्महत्या का निष्कर्ष निकला था.
उन्होंने कहा, “तृणमूल हिंसा और हत्या की राजनीति में विश्वास नहीं करती. राजनीतिक रूप से, हम भाजपा को हर हाल में हराएंगे.” पुलिस अधिकारियों ने कहा कि प्रारंभिक जांच से पता चलता है कि यह शराब के नशे में हुआ झगड़ा था, न कि कोई राजनीतिक साज़िश.





