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Antarctice Iceberg Melting : Antarctica का A23a आइसबर्ग तेजी से टूट रहा है जल्द होगा गायब Global Warming Impact

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Antarctica Iceberg: अंटार्कटिका से 1986 में टूटा विशाल आइसबर्ग A23a अब अपने अंतिम चरण में है. ब्रिटिश वैज्ञानिकों के मुताबिक यह लंदन जितने आकार तक सिमट चुका है और आने वाले हफ्तों में छोटे-छोटे टुकड़ों में बिखर …और पढ़ें

अंटार्कटिका में चुपचाप आई नई तबाही… गोवा जितना बड़ा आइसबर्ग टूटकर बिखरने लगाअंटार्कटिका का आइसबर्ग टूट रहा है.
भारत समेत दुनिया के अलग-अलग कोने में बाढ़ की तबाही देखी जा रही है. इसी बीच ग्लोबल वार्मिंग पर काम करने वाले वैज्ञानिकों ने एक ऐसी चीज देखी है, जो पूरी दुनिया को चिंता में डाल रही है. वैज्ञानिकों ने बताया है कि करीब 40 साल पहले अंटार्कटिका से टूटकर अलग हुआ विशाल आइसबर्ग A23a अब अपने आखिरी समय में है. वैज्ञानिकों का कहना है कि यह विशाल आइसबर्ग आने वाले कुछ ही हफ्तों में पूरी तरह गायब हो सकता है. ब्रिटिश अंटार्कटिक सर्वे (BAS) के वैज्ञानिकों का कहना है कि दुनिया के सबसे बड़े आइसबर्ग में गिने जाना वाला A23a अब कई टुकड़ों में टूट रहा है.

अंटार्कटिका की फिल्चनर-रोन (Filchner-Ronne) आइस शेल्फ से यह 1986 में अलग हुआ था. उस समय इसका वजन लगभग 1 ट्रिलियन टन माना जा रहा था. करीब 3,672 वर्ग किलोमीटर में ये फैला हुआ था. तुलना के लिए समझ लीजिए कि यह लगभग गोवा के बराबर है. इसे कई बार दुनिया का सबसे बड़ा आइसबर्ग कहा गया. 30 साल से ज्यादा समय तक वेडेल सागर की समुद्री जमीन पर अटका रहा. 2020 में यह धाराओं के साथ ‘आइसबर्ग ऐली’ नाम के समुद्री रास्ते पर आ गया. यह ऐसी जगह है, जहां अंटार्कटिका के ज्यादातर बड़े आइसबर्ग्स टूटकर खत्म हो जाते हैं.

पूरी तरह हो जाएगा खत्म

BAS के समुद्र वैज्ञानिक एंड्रयू मेयर्स का कहना है कि A23a अब तेजी से टूट रहा है और इसके बड़े-बड़े हिस्से अलग होकर खुद नए आइसबर्ग्स बन रहे हैं. फिलहाल इसका आकार सिकुड़कर सिर्फ 1,700 वर्ग किलोमीटर रह गया है, यानी लंदन शहर जितना. वैज्ञानिकों का कहना है कि यह एक तेज समुद्री धारा में फंस कर घूम रहा है. इस धारा में बहते हुए यह उत्तर-पूर्व री ओर जाएगी. वैज्ञानिकों के मुताबिक यह वही रास्ता है, जो A68 और A76 आइसबर्ग ने पकड़ा था. वह अंत में टूटकर पूरी तरह खत्म हो गए थे.

छोटे-छोटे टुकड़ों में टूट जाएगा आइसबर्ग

अब जब A23a टूटने लगा है तो दुनिया का सबसे बड़ा आइसबर्ग D15a हो गया है. इसका आकार करीब 3,000 वर्ग किमी है. A23a अभी दूसरे नंबर पर पहुंच गया है. वैज्ञानिक मानते हैं कि आने वाले हफ्तों में ये छोटे-छोटे टुकड़ों में बदल जाएगा, जिन्हें ट्रैक कर पाना और भी मुश्किल होगा. वैज्ञानिकों का कहना है कि बड़े आइसबर्ग का बनना और टूटना प्राकृतिक प्रक्रिया है. लेकिन हाल के दशकों में गर्म समुद्री पानी और बदलती धाराओं ने खरबों टन अंटार्कटिका की बर्फ को पिघला दिया है.

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Yogendra Mishra

योगेंद्र मिश्र ने इलाहाबाद यूनिवर्सिटी से जर्नलिज्म में ग्रेजुएशन किया है. 2017 से वह मीडिया में जुड़े हुए हैं. न्यूज नेशन, टीवी 9 भारतवर्ष और नवभारत टाइम्स में अपनी सेवाएं देने के बाद अब News18 हिंदी के इंटरने…और पढ़ें

योगेंद्र मिश्र ने इलाहाबाद यूनिवर्सिटी से जर्नलिज्म में ग्रेजुएशन किया है. 2017 से वह मीडिया में जुड़े हुए हैं. न्यूज नेशन, टीवी 9 भारतवर्ष और नवभारत टाइम्स में अपनी सेवाएं देने के बाद अब News18 हिंदी के इंटरने… और पढ़ें

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