भारत » अमेरिका में आ रही मंदी! 48 दिन में 86 लाख करोड़ रुपये बढ़ गया कर्ज, बचत का दावा करने वाले ट्रंप पानी की तरह बहा रहे पैसा

अमेरिका में आ रही मंदी! 48 दिन में 86 लाख करोड़ रुपये बढ़ गया कर्ज, बचत का दावा करने वाले ट्रंप पानी की तरह बहा रहे पैसा

Facebook
Twitter
WhatsApp

Last Updated:

Recession in American : अमेरिका में मंदी का खतरा बढ़ता जा रहा है. हालिया सर्वे से पता चला है कि उपभोक्‍ताओं का भरोसा अमेरिकी अर्थव्‍यवस्‍था पर कमजोर हो रहा, जबकि बेरोजगार बढ़ने के साथ देश पर कर्जा भी लगातार बढ़…और पढ़ें

अमेरिका में आ रही मंदी! 48 दिन में 86 लाख करोड़ रुपये बढ़ गया कर्जअमेरिकी अर्थव्‍यवस्‍था को लेकर उपभोक्‍ताओं का सेंटिमेंट कमजोर हो रहा है.
नई दिल्‍ली. अमेरिकी कॉन्‍फ्रेंस बोर्ड की तरफ से हाल में कराए गए एक सर्वे में दावा किया गया है कि अमेरिका तेजी से मंदी की तरफ बढ़ रहा है. वहां उपभोक्‍ताओं का भरोसा कम हो रहा और जॉब मार्केट भी दबाव में है. बचत और फिजूलखर्ची रोकने का दावा करके सत्‍ता में आने वाले राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप फिलहाल पानी की तरह पैसे बहा रहे और अमेरिका पर रोजाना 21 अरब डॉलर का कर्जा बढ़ता जा रहा है. आलम ये है कि पिछले 48 दिनों में ही उसका कर्ज करीब 1 ट्रिलियन डॉलर यानी 86 लाख करोड़ रुपये से भी ज्‍यादा बढ़ चुका है.

आंकड़े बताते हैं कि अमेरिका की मौजूदा सरकार अपनी सालाना जीडीपी का करीब 44 फीसदी खर्चा कर रही है, जो दूसरे विश्‍व युद्ध और साल 2008 की महामंदी से भी ज्‍यादा है. कोनाकाल में तो यह खर्चा जीडीपी का 54 फीसदी पहुंच गया था, जबकि पिछले 2 साल में ही अमेरिका पर कर्ज बढ़कर 37.2 ट्रिलियन डॉलर पहुंच गया है. ट्रंप के आने के बाद इसमें और बढ़ोतरी हो रही है, जो 48 दिनों में ही 1 ट्रिलियन डॉलर बढ़ गया है. अगस्‍त महीने के शुरुआती 3 सप्‍ताह में ही यह आंकड़ा 200 अरब डॉलर से ज्‍यादा बढ़ चुका है.

जुलाई में अंधाधुंध खर्च
अमेरिकी सरकार का खर्चा पिछले महीने जुलाई में 9.7 फीसदी बढ़कर 630 अरब डॉलर पहुंच गया है, जो जनवरी के बाद से सबसे अधिक है. दूसरी ओर, जुलाई में कमाई की बात करें तो सरकार का राजस्‍व 2.5 फीसदी ही बढ़ा और सिर्फ 338 अरब डॉलर रहा, जिसमें 30 अरब डॉलर टैरिफ से मिले हैं. ब्‍याज दरें ज्‍यादा होने की वजह से अमेरिकी सरकार को कर्ज के ब्‍याज का भुगतान ही काफी ज्‍यादा करना पड़ता है. अगर इसकी ब्‍याज दर 1 फीसदी भी कम हो जाए तो सरकार सालाना 291 अरब डॉलर की बचत कर सकती है.

सर्वे में कमजोर हुआ उपभोक्‍ताओं का नजरिया
अमेरिकी अर्थव्यवस्था को लेकर वहां के उपभोक्ताओं का नजरिया अगस्त में मामूली रूप से कमजोर हुआ है. कमजोर होते रोजगार बाजार को लेकर चिंता लगातार आठवें महीने बढ़ी है, जबकि कॉन्फ्रेंस बोर्ड ने बताया कि उसका उपभोक्ता विश्वास सूचकांक अगस्त में 1.3 अंक गिरकर 97.4 पर आ गया, जो जुलाई के 98.7 अंक से कम है. अमेरिकियों के बीच अपनी आय, कारोबारी हालात और रोजगार बाजार के लिए अल्पकालिक अपेक्षाओं का एक मापक 1.2 अंक गिरकर 74.8 पर आ गया. यह एक ऐसा संकेतक है, जो आने वाली मंदी की ओर इशारा कर सकता है.

authorimg

Pramod Kumar Tiwari

प्रमोद कुमार तिवारी को शेयर बाजार, इन्‍वेस्‍टमेंट टिप्‍स, टैक्‍स और पर्सनल फाइनेंस कवर करना पसंद है. जटिल विषयों को बड़ी सहजता से समझाते हैं. अखबारों में पर्सनल फाइनेंस पर दर्जनों कॉलम भी लिख चुके हैं. पत्रकारि…और पढ़ें

प्रमोद कुमार तिवारी को शेयर बाजार, इन्‍वेस्‍टमेंट टिप्‍स, टैक्‍स और पर्सनल फाइनेंस कवर करना पसंद है. जटिल विषयों को बड़ी सहजता से समझाते हैं. अखबारों में पर्सनल फाइनेंस पर दर्जनों कॉलम भी लिख चुके हैं. पत्रकारि… और पढ़ें

न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।
homebusiness

अमेरिका में आ रही मंदी! 48 दिन में 86 लाख करोड़ रुपये बढ़ गया कर्ज

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Share Market

Share Market

Gold & Silver Price

Should NEET exam be conducted again?

टॉप स्टोरी