मुस्लिमों में नफरत फैलाने और समाज में अशांति फैलाने के लिए कुछ लोग इस हद तक जा सकते हैं कि उनके भावना से जान बुझकर खेलने लगते हैं. समाज में अशांति हो, लोग आपस में लड़ते और कटते रहें इस इरादे से संगठित रूप से काम किया जा रहा था. पुलिस ने 11 लोगों को गिरफ्तार किया है, जो दंगा भड़काने के इरादे से आसपास के कम से कम 9 मस्जिदों के गेट के बाहर सुअर के कटे सिर रख रहे थे. ये गैंग यहूदियों के भी धार्मिक भावना भड़काने की कोशिश कर रहे थे. चलिए जानते हैं पूरा मामला कहां का है?
प्रशिक्षित थे उत्पाती
सर्बियाई गृह मंत्रालय ने घोषणा की कि राष्ट्रीय सुरक्षा सेवाओं के सहयोग से बेलग्रेड और राजधानी से लगभग 100 किलोमीटर दक्षिण में स्थित वेलिका प्लाना कस्बे में ये गिरफ्तारियाँ की गईं. मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि बारहवां संदिग्ध अभी भी फरार है और उस पर “एक विदेशी खुफिया सेवा के निर्देश पर” समूह को प्रशिक्षण देने का आरोप है.
मस्जिदों के बाहर 9 सुअरों को सिर
फ्रांस में भी कई मस्जिदों को टारगेट किया जा रहा था. जांच करने वाले अधिकारी सितंबर की शुरुआत से ही सबूतों की तलाश में लगे हुए थे क्योंकि इस दौरान पेरिस और आसपास के कस्बों में मस्जिदों के बाहर नौ सुअरों के सिर पाए गए थे. इसके बाद से सामाजिक तनाव बढ़ गया था. इस्लाम में बेहद अपमानजनक माने जाने वाले इस कृत्य से असापास के इलाकों में तनाव बढ़ा दिया, साथ ही इससे अधिकारियों को डर सताने लगा कि मुस्लिम विरोधी नफरत से सामाजिक शांति को नुकसान पहुंच सकता है.
कई धार्मिक संस्थान टारगेट पर
अप्रैल और सितंबर के बीच इस गैंग ने होलोकॉस्ट मेमोरियल, कई मुस्लिम नमाज स्थल और एक यहूदी रेस्टोरेंट को टारगेट किया था. इन पर यहूदी रेस्टोरेंट पर हरा रंग फेंकने का भी आरोप है. वहीं, उन्होंने कथित तौर पर नरसंहार वाले यहूदी-विरोधी स्टिकर लगाए और कई मस्जिदों पर सुअर के सिर छोड़े, जिनमें से कुछ पर फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों का नाम भी लिखा था. फ्रांस ही नहीं जर्मनी में भी कई जगहों को टारगेट किया. इस गैंग ने बर्लिन के ब्रैंडेनबर्ग गेट पर भड़काऊ संदेश लिखे ‘कंक्रीट के कंकाल’ छोड़े थे.
विदेशी हाथ होने का शक
फ्रांस में माहौल को खराब करने की लगातार कोशिश की जा रही है. फ्रांस ने विदेशी तत्वों से जुड़ी मानी जाने वाली तोड़फोड़ की कई जांचें शुरू की हैं, जिनमें अक्सर मास्को पर शक जताया जाता है. सितंबर में आर्क डी ट्रायम्फ पर एक रूसी सैनिक की तस्वीर वाले पोस्टर चिपकाए गए थे, जिस पर लिखा था, ‘विजयी सोवियत सैनिक को धन्यवाद कहें.’
आरोपी किसी विदेशी ताकत के इशारों पर कर रहे थे काम
एएफपी के अनुसार , फ्रांस में पहले गिरफ्तार किए गए आरोपियों पर ‘किसी विदेशी ताकत के लिए काम करने का संदेह था. सर्बिया में हुई नई गिरफ्तारियों को यूरोप में यहूदी और मुस्लिम समुदायों को निशाना बनाकर चलाए जा रहे समन्वित अभियानों की व्यापक जांच का हिस्सा माना जा रहा है. आंतरिक मंत्रालय ने कहा कि 11 संदिग्धों को नस्लीय भेदभाव और जासूसी सहित अन्य आरोपों में अभियोजकों के समक्ष पेश किया जाएगा.





