Last Updated:
बॉलीवुड की वो फिल्म जो महज 44 करोड़ के बजट में बनी थी, लेकिन इसने बॉक्स-ऑफिस पर छप्परफाड़ कमाई की थी. फिल्म ने शानदार कलेक्शन दर्ज करने के साथ ही 4 नेशनल अवॉर्ड्स जीते थे. ये फिल्म लीड एक्टर और डायरेक्टर दोनों के करियर के लिए टर्निंग पॉइंट साबित हुई थी.

भारतीय सिनेमा में अब बड़े बजट की फिल्में आम होती जा रही हैं. आज कई प्रोजेक्ट्स 500 करोड़ रुपए या उससे ज्यादा की लागत में बन रहे हैं. भारी-भरकम बजट में बन रही इन फिल्मों की खासियत बड़े सितारे, भव्य सेट और हाई-एंड वीएफएक्स से है. नीतेश तिवारी की रामायण को अबतक की सबसे महंगी फिल्म बताया जा रहा है.

फिल्मों की कामयाबी सिर्फ बजट से तय नहीं होती है. कई कम बजट फिल्मों ने शानदार कलेक्शन दर्ज कर दमदार परफॉर्मेंस की. कई बार कम बजट की फिल्में भी दमदार कहानी और मजबूत प्रस्तुति के दम पर बड़ी सफलता हासिल कर लेती हैं.

कुछ फिल्में सीमित संसाधनों के साथ चुपचाप शुरू होती हैं, लेकिन रिलीज के बाद इतिहास बना देती हैं. ऐसी ही एक वॉर ड्रामा फिल्म है जिसे नए डायरेक्टर और उस दौर के उभरते लीड अभिनेता ने मिलकर बनाई थी. इसमें शानदार युद्ध दृश्य, बारीक एक्शन कोरियोग्राफी और बड़े स्तर के सीक्वेंस दिखाए गए थे. ये फिल्म ‘उरी: द सर्जिकल स्ट्राइक’ है.
Add News18 as
Preferred Source on Google

खास बात यह रही कि इतने भव्य प्रेजेंटेशन के बावजूद फिल्म बहुत कम बजट में तैयार हुई और बॉक्स ऑफिस पर शानदार सफलता हासिल करते हुए बड़ी कमर्शियल हिट साबित हुई. फिल्म ‘उरी: द सर्जिकल स्ट्राइक’ को आदित्य धर ने डायरेक्ट किया और विक्की कौशल ने लीड रोल निभाया.

2019 में रिलीज हुई इस फिल्म ने देशभक्ति के जज्बे और तेज डायलॉग्स के कारण दर्शकों का दिल जीत लिया. साथ ही, इंडस्ट्री के लोगों को भी इस बात ने प्रभावित किया कि फिल्म कितनी कुशलता से बनाई गई थी.

44 करोड़ के बजट में बनी ‘उरी: द सर्जिकल स्ट्राइक’ ने दुनियाभर में 342.73 करोड़ रुपए का कलेक्शन दर्ज किया था. ‘उरी’ उस साल की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्मों में शामिल थी.

पुराने इंटरव्यू में आदित्य धर ने शूटिंग के दौरान आई चुनौतियों के बारे में बताया था. उन्होंने कहा था कि उन्हें फिल्म के लिए उतना ही बजट मिला था जितना नए डायरेक्टर्स को रामांटिक फिल्मों के लिए मिला था. फिर भी, उन्होंने उसी बजट में युद्ध फिल्म बनाने का फैसला किया. कहानी में पांच बड़े एक्शन सीक्वेंस थे, जिसमें चंदेल, म्यांमार और उरी अटैक के हिस्से शामिल थे. लेकिन टीम के पास सिर्फ नौ स्टंट आर्टिस्ट थे, जिनसे ये मुश्किल सीन शूट करने थे.

इसका हल निकालने के लिए आदित्य धर ने स्मार्ट प्लानिंग की. वही नौ स्टंट परफॉर्मर्स कई सीक्वेंस में नजर आए. अलग-अलग दाढ़ी, चोट और मेकअप की मदद से उन्हें हर बार अलग किरदार के रूप में पेश किया गया. अगर ध्यान से देखें, तो कई सीन में वही चेहरे बार-बार दिखते हैं. इस तरह फिल्म को असल से कहीं ज्यादा बड़ा दिखाने में मदद मिली.

शूटिंग के बारे में बात करते हुए आदित्य धर ने कहा था, ‘हमने जंगलों में, बारिश में, कीचड़ में और कम तापमान में भी शूट किया. मौसम की स्थिति बहुत मुश्किल थी. टीम सीन को कोरियोग्राफ करती और डिटेल में रिहर्सल करती’.
February 17, 2026, 16:31 IST





