विदेश » 2100000 KMph की रफ्तार से आ रही तबाही, इस तूफान को देख घबरा गए वैज्ञानिक, NASA भी चौकन्ना

2100000 KMph की रफ्तार से आ रही तबाही, इस तूफान को देख घबरा गए वैज्ञानिक, NASA भी चौकन्ना

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दुनिया भर के वैज्ञानिकों की नजरें इन दिनों एक तूफान पर टिकी है. यह कोई ऐसा-वैसा तूफान नहीं, बल्कि 21 लाख किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से पृथ्वी की तरफ बढ़ रहा है. दरअसल यह सौर तूफान है जो सोमवार देर रात धरती के चुंबकीय क्षेत्र से टकराया. वैज्ञानिकों के मुताबिक, इस झटके ने अचानक से पृथ्वी के मैग्नेटोस्फेयर पर भारी दबाव डाल दिया, जिससे तीव्र भू-चुंबकीय गतिविधि (Geomagnetic Storms) शुरू हो गई.

यह घटना एक दुर्लभ ‘कैनिबल CME’ (कोरोनल मास इजेक्शन) के कारण हुई, जिसमें सूरज से निकला एक CME दूसरे को ओवरटेक कर एक शक्तिशाली विस्फोट में तब्दील हो गया. इससे दुनिया भर की पावर ग्रिड, सैटेलाइट्स और संचार प्रणालियों पर भी खतरा मंडरा रहा है.

कैसे शुरू हुआ यह सौर तूफान?

यह नाटकीय घटना 30 अगस्त को शुरू हुई, जब सूरज के सक्रिय क्षेत्र AR 4199 ने एक लंबी अवधि की M2.7-क्लास सौर ज्वाला (सोलर फ्लेयर) उत्पन्न की. इसके बाद कई CMEs एक के बाद एक निकले. इनमें से तेज गति वाला CME धीमे CME को पीछे छोड़ते हुए एक विशाल ‘कैनिबल CME’ में तब्दील हो गया, जो 1 सितंबर की देर रात पृथ्वी से टकराया. NOAA और NASA के अंतरिक्ष मौसम विशेषज्ञों ने इस टक्कर की भविष्यवाणी की थी, लेकिन इसका प्रभाव अनुमान से कहीं अधिक तीव्र रहा.

इस तूफान से कैसा खतरा?

इस टक्कर ने सौर हवाओं की गति को अचानक बढ़ा दिया और पृथ्वी के मैग्नेटोस्फीयर को संकुचित कर दिया. नतीजतन, G1 (मामूली) से G3 (मजबूत) स्तर के जियोमैग्नेटिक तूफान शुरू हो गए. इन तूफानों के कारण उत्तरी अमेरिका, यूरोप और एशिया में सामान्य से बहुत नीचे के अक्षांशों पर ऑरोरा का शानदार नजारा देखने को मिल सकता है. लेकिन इसके साथ ही कई तकनीकी जोखिम भी सामने आए हैं:

पावर ग्रिड: उच्च अक्षांशों पर वोल्टेज में उतार-चढ़ाव का खतरा, जिससे बिजली आपूर्ति प्रभावित हो सकती है.
सैटेलाइट्स: बढ़ा हुआ ड्रैग सैटेलाइट्स की कक्षा को प्रभावित कर सकता है.
संचार प्रणाली: हाई-फ्रीक्वेंसी रेडियो और GPS सिग्नल्स में व्यवधान की आशंका.
Kp इंडेक्स: जियोमैग्नेटिक गड़बड़ी का मापक Kp इंडेक्स 6 से ऊपर जाने की उम्मीद, जो तूफान की तीव्रता को दर्शाता है.

कैनिबल CME क्यों इतना खतरनाक?

कैनिबल CME को वैज्ञानिक बेहद खतरनाक बताते हैं. इसमें मजबूत चुंबकीय क्षेत्र और घना प्लाज्मा होता है, जो पृथ्वी के अंतरिक्ष पर्यावरण पर गहरा असर डालता है. यह लंबे समय तक चलने वाले और जियोमैग्नेटिक तूफानों को जन्म दे सकता है. विशेषज्ञों का कहना है कि सौर चक्र 25 अपने चरम की ओर बढ़ रहा है, जिसके चलते आने वाले महीनों में ऐसी घटनाएं और आम हो सकती हैं.

अंतरिक्ष मौसम वैज्ञानिक और तकनीकी ऑपरेटर इस तूफान के प्रभावों पर नजर रखे हुए हैं. NASA और NOAA की टीमें लगातार मॉनिटरिंग कर रही हैं, जबकि सैटेलाइट ऑपरेटर संभावित रुकावटों से निपटने के लिए तैयार हैं.

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