व्यापार » 2025 में नहीं खरीद पाए घर? इस साल कैसी रहीं कीमतें और ट्रेंड? नए साल में क‍ितना महंगा होगा आश‍ियाना? जान लें

2025 में नहीं खरीद पाए घर? इस साल कैसी रहीं कीमतें और ट्रेंड? नए साल में क‍ितना महंगा होगा आश‍ियाना? जान लें

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Homes Prices in 2025: कभी घर खरीदने के लिए लाख रुपये भी बहुत बड़ी बात होते थे लेकिन दिल्ली-एनसीआर में ही नहीं बल्कि भारत के छोटे-छोटे शहरों में भी अब प्रॉपर्टी की कीमतें लाखों में नहीं बल्कि करोड़ों का आंकड़ा पार कर गई हैं. खत्म होने जा रहे साल 2025 का रियल एस्टेट ट्रेंड बताता है कि दिल्ली NCR के प्रीमियम हाउसिंग मार्केट में एक्टिविटी चौंकाने वाली है. देखा गया है कि इस पूरे साल में 1 करोड़ रुपये से ज्यादा कीमत वाली प्रॉपर्टीज को सालभर लगातार खरीदार मिले हैं. ऐसे में जो लोग इस साल घर नहीं खरीद पाए हैं और 2026 में अपना आश‍ियाना बनाने की कोश‍िश करेंगे, उनको अपना बजट करोड़ों में ही बनाना होगा.

सीबीआरई-एसोचैम की एक स्टडी बताती है कि 2025 की पहली छमाही में लग्जरी हाउसिंग की बिक्री में 85 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है, जिसमें एनसीआर का योगदान आधे से ज्यादा का रहा है. यह पूरी तेजी लग्जरी सेगमेंट में दिखी है. पिछले कुछ सालों तक तक 4 करोड़ रुपये की कीमत वाले घर जो कभी सिर्फ कुछ सेक्टरों तक ही सीमित थे अब बड़े क्षेत्र में लोगों को आकर्षित कर रहे हैं.

मार्केट रिपोर्ट्स बताती हैं कि अब हाई-एंड घरों की मांग कुछ समय से लगातार बढ़ रही है. एनारॉक का डेटा इस ग्रोथ के पैमाने को दिखाता है, जिसमें औसत लग्जरी कीमतें 2022 में लगभग 13,450 रुपये प्रति वर्ग फुट से बढ़कर 2025 में लगभग 23,100 रुपये प्रति वर्ग फुट हो गई हैं.

करोड़ों के घरों की ये भी है वजह
एनसीआर में खासतौर पर जब द्वारा एक्सप्रेसवे और यूईआर 2 चालू हो गए हैं तो आईजीआई एयरपोर्ट तक पहुंच काफी आसान हो गई है, और पश्चिम और उत्तरी दिल्ली से आने वाले यात्री गुड़गांव के कमर्शियल इलाकों में कम और ज्यादा अनुमानित यात्रा समय की रिपोर्ट कर रहे हैं.यही वजह है कि एक्सप्रेसवे के किनारे रियल एस्टेट का माहौल तेजी से बदला है. इंडस्ट्री डेटा पिछले पांच सालों में इस स्ट्रेच पर कीमतों में भारी बढ़ोतरी दिखा रहा है. कुछ अनुमानों के अनुसार यहां ग्रोथ साढ़े तीन गुना से ज्यादा है.
इस साल में उभरकर आया गोवा
सेविल्स इंडिया रिसर्च की एक हालिया रिपोर्ट कहती है कि गोवा में नई विला प्रॉपर्टी की कीमतें साउथ दिल्ली और साउथ मुंबई के अपार्टमेंट के बराबर हो गई हैं, जिनकी कीमत 7 करोड़ रुपये से 10 करोड़ रुपये के बीच है. गोवा बेस्ड जीएचडी ग्रुप के सीईओ धीरज शर्मा कहते हैं,’2025 में गोवा सबसे डायनामिक और चर्चित बाजारों में से एक बनकर उभरा है. राज्य में लग्जरी विला और हॉलिडे होम्स की डिमांड में तेजी से बढ़ोतरी देखी गई है, जिसमें नॉर्थ गोवा की जगहें जैसे पोरवोरिम और थिविम में सालाना कीमतों में 66 फीसदी तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है. इस साल एनआरआई और घरेलू खरीदारों सहित बड़ी संख्या में निवेशकों ने गोवा में एक्टिव रूप से इन्वेस्ट किया है.
बीपीटीपी के सीईओ मानिक मलिक कहते हैं कि 2025 भारतीय रियल एस्टेट के लिए एक अहम साल रहा है, जिसमें अनुशासित ग्रोथ और खरीदारों का बढ़ता भरोसा देखने को मिला. जैसे-जैसे मार्केट डायनामिक्स बदल रहे हैं, प्रीमियम और अपर-मिड सेगमेंट में मजबूत तेजी बनी हुई है, जिससे प्रमुख शहरों में वैल्यू-बेस्ड मोमेंटम मजबूत हो रहा है. NCR में गुरुग्राम एक लगातार अच्छा प्रदर्शन करने वाला शहर बनकर उभरा है. द्वारका एक्सप्रेसवे और गोल्फ कोर्स एक्सटेंशन रोड जैसे माइक्रो-मार्केट इस बात का सबूत हैं.

बूटेस के फाउंडर और मैनेजिंग डायरेक्टर दीपक राय कहते हैं कि 2025 रियल एस्टेट के लिए एक निर्णायक साल रहा है, जिसने हमें याद दिलाया कि प्रदूषण, बढ़ता तापमान, पानी की कमी और ज्यादा एनर्जी की खपत तुरंत की चुनौतियां हैं. जबकि मार्केट स्थिर रहा और मिड-इनकम और प्रीमियम कैटेगरी में खरीदारों का भरोसा मजबूत बना रहा. हालांकि सबसे बड़ा बदलाव सस्टेनेबल, क्लाइमेट-रिस्पॉन्सिबल घरों की बढ़ती मांग थी. अब ज्‍यादा खरीदार इको-फ्रेंडली मटीरियल, एनर्जी एफिशिएंसी और नेट-जीरो लिविंग को प्राथमिकता दे रहे हैं.

वोमेकी ग्रुप के चेयरमैन और फाउंडर गौरव के सिंह कहते हैं कि 2025 भारत के लिए मज़बूत आर्थिक स्थिरता का साल रहा है, जिसमें लगातार GDP ग्रोथ, स्थिर महंगाई दर और बिजनेस करने में आसानी में लगातार सुधार हुआ है. जबकि हेनम खनेजा, एडिशनल वाइस प्रेसिडेंट और हेड ऑफ कमर्शियल सेल्स, एलांते ग्रुप कहते हैं कि यह साल खत्म होने वाला है लेकिन यह साल रियल एस्टेट सेक्टर के लिए एक बदलाव वाला साल रहा है. आज के खरीदार ज्‍यादा जानकार हैं और इंटीग्रेटेड लिविंग, सस्टेनेबिलिटी और लॉन्ग-टर्म वैल्यू को प्राथमिकता दे रहे हैं. टियर-2 मार्केट में भी तेजी आई क्योंकि इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार और हाइब्रिड वर्किंग मॉडल ने नए ग्रोथ पॉकेट बनाए. साल 2026 में, उम्मीद है कि मार्केट काफी हद तक संतुलित रहेगा.

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