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Bihar Chunav 2025: बिहार चुनाव 2025 में दुलरुआ, लाड़ला और ‘तड़ीपार’ की खूब चर्चा हो रही है. निशांत कुमार, तेजस्वी यादव और तेज प्रताप यादव में से कौन बिहार की राजनीति में अंडरडॉग प्लेयर बन सकते हैं? कौन सबसे बड़…और पढ़ें
बिहार चुनाव 2025 में किसका किस्मत चमकेगा?पटना. बिहार चुनाव 2025 में तीन चेहरों की खूब चर्चा हो रही है. पहला, पूर्व मुख्यमंत्री का दुलरुआ है तो दूसरा वर्तमान मुख्यमंत्री का लाड़ला है. जबकि, तीसरा पूर्व मुख्यमंत्री का ‘तड़ीपार’ बेटा है. दुलरुआ और लाड़ला खुलेतौर पर अब एक-दूसरे पर बयानबाजी करना शुरू कर दिया है, जो कि पहले नहीं किया करते थे. लेकिन, तीसरा शख्स फिलहाल पार्टी और परिवार से ‘तड़ीपार’ होकर नए वजूद की लड़ाई में जुटा है. ऐसे में सवाल उठता है कि इन तीनों में से किसका किस्मत चमकने वाला है? कौन बिहार की राजनीति का अंडरडॉग प्लेयर साबित हो सकता है? बिहार के वर्तमान और भूतपूर्व सीएम के इन तीनों लाड़लों में से दो ने तो सीएम बनने की इच्छा भी जता दिया है. लेकिन तीसरा शख्स अभी भी अपने पिता को ही सीएम बनाने की बात कर रहा है. ऐसे में इन तीनों राजकुमारों में से किसका मुराद पूरा हो सकता है?
निशांत कुमार:
नीतीश की विरासत का नया चेहरा निशांत कुमार बन सकते हैं. नीतीश कुमार के इकलौते बेटे हैं और अब तक सियासत से दूरी बनाए रखने के लिए जाने जाते थे. लेकिन हाल के महीनों में उनकी सक्रियता ने चर्चा को हवा दी है. अगस्त 2025 में पटना में जेडीयू कार्यालय के बाहर लगे पोस्टरों में कार्यकर्ताओं ने निशांत को चुनाव लड़ने की मांग की, जिसने उनके सियासी प्रवेश की अटकलों को बल दिया. निशांत ने सार्वजनिक रूप से कहा है कि उनका मकसद अपने पिता नीतीश को फिर से मुख्यमंत्री बनाना है न कि खुद सीएम बनना. मार्च 2025 में होली समारोह में निशांत को जेडीयू के वरिष्ठ नेताओं के साथ देखा गया, और पार्टी सूत्रों ने संकेत दिए कि वे जल्द नीतीश के उत्तराधिकारी के रूप में उभर सकते हैं. हालांकि, निशांत की राह आसान नहीं है. बिहार में मुख्यमंत्री पुत्रों का इतिहास रहा है, लेकिन कोई भी अपने पिता की तरह सफल नहीं हो पाया.
तेजस्वी यादव:
तेज प्रताप यादव:
लालू-राबड़ी के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव बिहार सियासत में एक अनिश्चित चेहरा रहे हैं. वे 2015 में महागठबंधन सरकार में स्वास्थ्य मंत्री रहे, लेकिन उनके बयान और फैसले अक्सर विवादों में रहे. हाल में तेज प्रताप ने तेजस्वी को “खुली चुनौती” दी, जिससे भाइयों के बीच तनाव की अटकलें तेज हुईं. तेज प्रताप ने अपनी अलग पार्टी बनाने के संकेत भी दिए, लेकिन इसका कोई ठोस आधार नहीं दिखता. उनकी सियासी महत्वाकांक्षा स्पष्ट नहीं है. वे न तो खुद सीएम बनने की बात करते हैं और न ही अपनी मां राबड़ी को सीएम बनाने की वकालत करते हैं.

भारतीय विद्या भवन से पत्रकारिता की पढ़ाई करने वाले रविशंकर सिंह सहारा समय न्यूज चैनल, तहलका, पी-7 और लाइव इंडिया न्यूज चैनल के अलावा फर्स्टपोस्ट हिंदी डिजिटल साइट में भी काम कर चुके हैं. राजनीतिक खबरों के अलावा…और पढ़ें
भारतीय विद्या भवन से पत्रकारिता की पढ़ाई करने वाले रविशंकर सिंह सहारा समय न्यूज चैनल, तहलका, पी-7 और लाइव इंडिया न्यूज चैनल के अलावा फर्स्टपोस्ट हिंदी डिजिटल साइट में भी काम कर चुके हैं. राजनीतिक खबरों के अलावा… और पढ़ें
August 19, 2025, 18:23 IST





