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Snake Bite Medicine: वैज्ञानिकों ने लामा और अल्पाका के एंटीबॉडी से ऐसा एंटीवेनम बनाया है जो 17 तरह के खतरनाक अफ्रीकी सांपों के जहर को बेअसर कर सकता है.
वेंकटेश्वर मंदिर में भगदड़ से 9 लोगों की मौत हो गई.सांप का नाम सुनते ही लोगों की रूह कांप जाती है. लेकिन अब वैज्ञानिकों ने ऐसा एंटीवेनम बना लिया है जो एक नहीं, बल्कि 17 अलग-अलग तरह के जहरीले सांपों के डंक से बचाव कर सकता है. ये खुलासा नेचर जर्नल में छपी एक नई रिसर्च में हुआ है.
कैसे बनी ये अनोखी दवा
इस एंटीवेनम को बनाने के लिए वैज्ञानिकों ने घोड़े नहीं, बल्कि लामा और अल्पाका का सहारा लिया. इन दोनों जानवरों के शरीर में ऐसे खास एंटीबॉडीज पाए गए जो जहरीले टॉक्सिन्स को पहचानकर उन्हें बेअसर कर देते हैं. वैज्ञानिकों ने 18 तरह के सबसे खतरनाक अफ्रीकी सांपों का जहर इन जानवरों को बहुत ही कम मात्रा में दिया, जिससे उनके शरीर ने ‘नैनोबॉडीज़’ नाम की छोटी लेकिन ताकतवर एंटीबॉडीज़ बनाईं.
क्या फर्क है पुरानी और नई दवा में
अब तक जो एंटीवेनम इस्तेमाल होते थे, वो ज़्यादातर घोड़े के खून से बनाए जाते थे. इसमें समस्या ये थी कि वो सिर्फ किसी एक खास सांप के जहर पर असर करते थे. इसके अलावा, इंसान के शरीर में रिएक्शन की संभावना भी ज्यादा रहती थी. सबसे बड़ी दिक्कत ये थी कि पुराना एंटीवेनम त्वचा को सड़ने या गलने से नहीं बचा पाता था.
नई ‘लामा-अल्पाका एंटीवेनम’ इन तीनों दिक्कतों का हल है. जब इसे चूहों पर आजमाया गया तो इसने 18 में से 17 खतरनाक सांपों के जहर को पूरी तरह निष्क्रिय कर दिया. इतना ही नहीं, त्वचा को होने वाले नुकसान को भी काफी हद तक कम किया.
अफ्रीका में उम्मीद की नई किरण
अफ्रीका के कई इलाकों में हर साल करीब तीन लाख लोग सांपों के डंक का शिकार बनते हैं. इनमें से लगभग 20 हजार लोगों की मौत हो जाती है और 10 हजार लोगों के हाथ-पैर काटने पड़ते हैं. ऐसे में ये नई खोज एक बड़ी राहत साबित हो सकती है, क्योंकि ये ‘वन-इन-ऑल’ टाइप का एंटीवेनम है, यानी चाहे सांप कोई भी हो, इलाज एक ही इंजेक्शन से हो सकेगा.
New Delhi,Delhi
November 01, 2025, 20:29 IST





