खेल » ‘हीरो आते लेट, फिर भी बड़ा कमरा… हीरोइने भुगते भेदभाव का दर्द, ट्विंकल खन्ना ने उजागर किया फिल्म दुनिया का सच

‘हीरो आते लेट, फिर भी बड़ा कमरा… हीरोइने भुगते भेदभाव का दर्द, ट्विंकल खन्ना ने उजागर किया फिल्म दुनिया का सच

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ट्विंकल खन्ना ने फिल्म इंडस्ट्री में हीरो और हीरोइन के बीच फीस और सेट पर भेदभाव का अनुभव साझा किया, साथ ही महिलाओं के संघर्ष पर भी बात की है.

'हीरो आते लेट, फिर भी बड़ा कमरा... हीरोइने भुगते भेदभाव का दर्द
हिंदी सिनेमा में मेल-फीमेल एक्टर में किए जाने वाले भेदभाव को लेकर कई स्टार्स ने रिएक्ट किया है. कई हीरोइनों ने बताया कि कैसे एक्टर के मुकाबले एक्ट्रेस को फीस कम मिलती है बल्कि हीरो लोगों के सेट पर खूब नखरे भी होते हैं. अब ऐसा ही कुछ खुलासा डिंपल कपाड़िया की बेटी और पूर्व एक्ट्रेस ट्विंकल खन्ना ने किया है. उन्होंने बताया कि जब वह फिल्मों में काम करती थीं तो उन्होंने फील किया है कि कैसे हीरो और हीरोइनों में भेदभाव किया जाता था.

ट्विंकल खन्ना फिल्म इंडस्ट्री के इतने बड़े परिवार से ताल्लुक रखती हैं. इसके बावजूद उन्होंने सेट पर उन्होंने भेदभाव को देखा है. हाल में ही अक्षय कुमार की पत्नी और लेखिका ट्विंक ने ‘ट्वीक इंडिया’ में राइटर, वकील और कार्यकर्ता बानू मुश्ताक के साथ बातचीत में इस बारे में खुलासा किया. उन्होंने कहा:

मैं बहुत ही खुशकिस्मत रही हूं कि मैंने कभी भी पितृसत्ता को नहीं झेला. ऐसा इसलिए भी हुआ क्योंकि मैं कभी पुरूषों के साथ रही ही नहीं. मैं ऐसे परिवार में बढ़ी हुई जहां मेरे आसपास कई महिलाएं थीं. जैसे मेरी दादी, मेरी मौसियां. मुझे तो काफी बड़े होने तक पता ही नहीं चला कि आखिर भेदभाव होता क्या है. मगर जब मैं फिल्म इंडस्ट्री में आई तो मैंने ये सब चीजें देखी.

सेट पर होता है हीरो-हीरोइनों में भेदभाव
ट्विंकल खन्ना ने खुद का एक्सपीरियंस भी शेयर किया. उन्होंने कहा कि उन्हें काफी वक्त भेदभाव को समझने में लगा. जैसे वह सेट पर समय से आती थीं तो 9 बजे ही मेकअप वगैरह करके बैठ जाती थीं. मगर उनका को-स्टार 12 बजे तक सेट पर आता. शुरुआत में उन्हें लगता था कि वह सीनियर हैं. मगर वह मेल-फीमेल के इस फर्क को समझ ही नहीं पा रही थीं.

30 की उम्र में समझ आने लगीं ये बातें
ट्विंकल खन्ना ने कहा कि मेरे को-स्टार को बड़ा रूम मिलता था और मुझे छोटा कमरा. पहले तो इस भेदभाव का ख्याल ही नहीं आता था. मुझे लगता था कि मैं नई हूं और वह सीनियर स्टार. मगर 30 साल तक होने पर ये सब बातें समझ आने लगी कि ये बातें बराबरी और हक की हैं.

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Varsha

न्यूज 18 हिंदी में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रहीं वर्षा का डिजिटल मीडिया में 8 सालों का अनुभव है। एंटरटेनमेंट रिपोर्टिंग, लेखन, फिल्म रिव्यू, इंटरव्यू और विश्लेषण इनकी विशेषज्ञता है। वर्षा ने जामिया मिल्…और पढ़ें

न्यूज 18 हिंदी में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रहीं वर्षा का डिजिटल मीडिया में 8 सालों का अनुभव है। एंटरटेनमेंट रिपोर्टिंग, लेखन, फिल्म रिव्यू, इंटरव्यू और विश्लेषण इनकी विशेषज्ञता है। वर्षा ने जामिया मिल्… और पढ़ें

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