एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि गृह मंत्रालय ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के निर्देश पर आईएमसीटी का गठन किया. इसमें कहा गया है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित राज्यों के लोगों की कठिनाइयों को कम करने के लिए उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है.
बयान में कहा गया है कि एक आईएमसीटी और एक बहु-क्षेत्रीय टीम पहले ही हिमाचल प्रदेश का दौरा कर चुकी है. बयान में कहा गया कि केंद्रीय टीम का नेतृत्व गृह मंत्रालय या राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) के संयुक्त सचिव स्तर के अधिकारी द्वारा किया जाएगा. इन टीम में व्यय, कृषि एवं किसान कल्याण, जल शक्ति, विद्युत, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग और ग्रामीण विकास मंत्रालयों/विभागों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे.
केंद्रीय गृह मंत्री द्वारा अगस्त 2019 में लिए गए निर्णय के अनुसार, गृह मंत्रालय किसी भी गंभीर आपदा की स्थिति में नुकसान का तत्काल मूल्यांकन करने के लिए बिना किसी ज्ञापन की प्रतीक्षा किए तुरंत अंतर-मंत्रालयी केंद्रीय टीम का गठन करता है.
बयान में कहा गया है कि मूल्यांकन पूरा होने के बाद, केंद्र सरकार स्थापित प्रक्रियाओं के तहत राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया कोष से प्रभावित राज्यों को अतिरिक्त वित्तीय सहायता प्रदान करती है. इसमें कहा गया है कि 2025-26 वित्तीय वर्ष के दौरान, केंद्र ने राज्य आपदा प्रतिक्रिया कोष (एसडीआरएफ) में 24 राज्यों को 10,498.80 करोड़ रुपये जारी किए हैं, ताकि वे प्रभावित लोगों को राहत सहायता प्रदान कर सकें.





