भारत » हिमाचल का रोचक मामला: 1061 करोड़ नहीं…मीरबख्श को 92 बीघा जमीन ही देगी सुक्खू सरकार, अब विरोध में उतरे लोग, प्रशासन को चेताया

हिमाचल का रोचक मामला: 1061 करोड़ नहीं…मीरबख्श को 92 बीघा जमीन ही देगी सुक्खू सरकार, अब विरोध में उतरे लोग, प्रशासन को चेताया

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Himachal News: मीर बख्श को मंडी में 92 बीघा जमीन देने की सुक्खू सरकार की योजना का नाचन विधायक विनोद कुमार और स्थानीय लोगों ने विरोध किया, कोर्ट के आदेश पर जमीन या मुआवजा देना जरूरी है.

1000 करोड़ नहीं...मीरबख्श को जमीन ही देगी सुक्खू सरकार, अब विरोध में उतरे लोगहिमाचल प्रदेश के मंडी जिले का यह मामला है.
मंडी.  हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में मीर बख्श को सुक्खू सरकार की तरफ से 92 बीघा जमीन देने की कवायद होने लगी है. न्यायलय के आदेशों के बाद सुंदरनगर के बल्ह निवासी मीर बख्श को 92 बीघा जमीन दी जाएगी और इसे लेकर मंडी जिला प्रशासन जमीन कर रहा है. ऐसी दो जमीनें नाचन विधानसभा क्षेत्र के छातर और भौर में भी चिन्हित की गई हैं. लेकिन इन जमीनों को मीर बख्श को देने की योजना का अभी से विरोध शुरू हो गया है.

शनिवार को नाचन विधायक विनोद कुमार की अगुवाई में 12 पंचायतों, महिला मंडलों, पूर्व पंचायत प्रतिनिधियों और नाचन मंडल भाजपा के एक प्रतिनिधिमंडल ने एसडीएम सुंदरनगर के माध्यम से प्रदेश सरकार को अपना ज्ञापन भेजकर यहां की जमीन न दिए जाने की मांग उठाई. गौरतलब है कि 68 साल की लंबी लड़ाई के बाद यह केस मीरबख्स ने जीता था.

विधायक विनोद कुमार ने कहा कि छातर पंचायत में एग्रीकल्चर विभाग की जमीन है. यह जमीन हमारे पूर्वजों ने विभाग को दशकों पहले दान में दी थी, ताकि कृषि से संबंधित योजनाएं संचालित हो सके. अब इस जमीन पर राजीव गांधी डे बोर्डिंग स्कूल बनाने की योजना है. ऐसे में इस जमीन को मीर बख्श को देने की बातें सामने आ रही हैं. इन्होंने स्पष्ट कहा कि यह जमीन किसी को नहीं दी जाएगी. यदि मीर बख्श की जमीन बल्ह में गई है तो उसे बल्ह में ही जमीन उपलब्ध करवाई जाए, न कि दूसरे क्षेत्र में जमीन दी जाए.

भाजपा विधायक विनोद कुमार ने कहा कि भौर में सेरी कल्चर विभाग की जमीन है. जहां पर पूर्व सरकार के समय से ही इंडस्ट्रियल एरिया बनाने की योजना पर काम चल रहा है. इंडस्ट्रियल एरिया बनने से यहां क्षेत्र के लोगों को रोजगार मिलेगा और कई उद्योग स्थापित होंगे. इसलिए इस जमीन को देना भी तर्कसंगत नहीं है. उन्होंने स्पष्ट कहा कि वे कोर्ट के आदेशों पर सवाल नहीं उठा रहे बल्कि प्रशासन और सरकार को यही सलाह दे रहे हैं कि जिस व्यक्ति की जमीन जहां गई है उसे वहीं पर ही जमीन दी जाए. उन्होंने सरकार को चेताया कि अगर सरकार नहीं मानी तो फिर लोग सड़कों पर उतरकर इसका विरोध करने से गुरेज नहीं करेंगे.

क्या है पूरा मामला

गौरतलब है कि मंडी जिले के नेरचौक में मीर बख्श की जमीन पर सरकार ने मेडिकल कॉलेज सहित अन्य संस्थान बना दिए. कई साल से यह मामला लोकल से हाईकोर्ट तक चला. फिर बात सुप्रीम कोर्ट तक पहुंची और फिर कोर्ट ने अब सरकार को आदेश दिया है कि या तो मीर बख्श को उसकी 92 बीघा जमीन के बदले जमीन मुहैया करवाई जाए या फिर मुआवजा अदा किया जाए. यह मुआवजा राशि 1061 करोड़ से भी अधिक की बनती है. ऐसे में सरकार मीर बख्श के लिए जिला भर में जमीन ढूंढने में लगी हुई है.

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Vinod Kumar Katwal

Results-driven journalist with 13 years of experience in print and digital media. Proven track record of working with esteemed organizations such as Dainik Bhaskar, IANS, Punjab Kesari and Amar Ujala. Currently…और पढ़ें

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