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9 करोड़ रुपये के चेक बाउंस मामले में अंतरिम जमानत मिलने के बाद राजपाल यादव और उनके परिवार ने राहत की सांस ली. राजपाल यादव की भतीजी की शादी है, ऐसे में परिवार एक्टर को जमानत मिलने से खुश हैं. हाईकोर्ट के आदेश के बाद उनके भाई चंद्रपाल भावुक दिखे और बोले, ‘हमारे अच्छे दिन आने वाले हैं.’ अब इस मामले में अगली सुनवाई 18 मार्च को होगी.

राजपाल यादव की भतीजी की शादी 19 फरवरी को है.
राजपाल यादव के लिए ही नहीं उनके पूरे परिवार के लिए ये पिछले 11 दिन बेहद कष्टकारी रहे. एक तरफ घर में बेटी की शादी की तैयारियां और दूसरी तरफ भाई सलाखों के पीछे. एक्टर को जमानत मिलने के बाद परिवार काफी खुश है. जमानत मिलने के बाद कोर्ट के बाहर मीडिया से बात करते हुए राजपाल के भाई चंद्रपाल यादव ने हाथ जोड़कर राहत व्यक्त की.
‘अब हमारे अच्छे दिन आने वाले हैं’
राजपाल के भाई चंद्रपाल यादव ने कहा, ‘हमें किसी से कोई शिकायत नहीं है. जो भी दिन थे, वो हमारे दिन थे. अब हमारे अच्छे दिन आने वाले हैं. अभी बस यही कहेंगे.’ जब उनसे बॉलीवुड से सपोर्ट के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा, ‘ये सब भाई साहब ही बताएंगे.’ सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल हो रहा है, जहां चंद्रपाल खुशी से भरे नजर आ रहे हैं. राजपाल जल्द ही प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस मामले पर बात करेंगे. 19 फरवरी को उनकी भतीजी की शादी है. परिवार और फैंस खुश हैं.
कोर्ट ने क्या कहा?
दिल्ली हाई कोर्ट की जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने राजपाल की सजा पर अंतरिम रोक लगाई और उन्हें 18 मार्च तक जमानत दी. शर्तों में 1 लाख रुपये का बेल बॉन्ड जमा करना, एक जमानतदार मुहैया कराना, पासपोर्ट सरेंडर करना और देश छोड़ने पर पहले अनुमति लेना शामिल है. कोर्ट ने पहले 1.5 करोड़ रुपये जमा करने का आदेश दिया था, जिसकी पुष्टि शिकायतकर्ता एम/एस मुरली प्रोजेक्ट्स के वकील ने की। राजपाल ने सोमवार को 1.5 करोड़ रुपये कंपनी के बैंक खाते में जमा किए (कुल अब तक 2.5 करोड़ जमा, जिसमें पहले के 75 लाख शामिल). कोर्ट ने कहा कि अगली सुनवाई 18 मार्च को होगी, जहां राजपाल को फिजिकली या वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से पेश होना होगा.
क्या है मामला
यह मामला 2010 का है, जब राजपाल ने अपनी डायरेक्टोरियल डेब्यू फिल्म ‘अता पता लापता’ (2012 में रिलीज) के लिए दिल्ली स्थित एम/एस मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड से 5 करोड़ रुपये उधार लिए थे. फिल्म बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप रही और राजपाल राशि चुकाने में असमर्थ रहे. सात चेक बाउंस होने पर 2018 में मजिस्ट्रेट कोर्ट ने उन्हें और उनकी पत्नी राधा को नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट की धारा 138 के तहत दोषी ठहराया और 6 महीने की सजा सुनाई. 2019 में सेशंस कोर्ट ने फैसले को बरकरार रखा. दिल्ली हाई कोर्ट में अपील पर 2024 में सजा पर रोक लगी थी, लेकिन बकाया राशि बढ़कर 9 करोड़ हो गई. कोर्ट ने राजपाल से ‘ईमानदार कोशिश’ करने को कहा था. 2 फरवरी 2026 को कोर्ट ने उन्हें सरेंडर करने का आदेश दिया, क्योंकि उन्होंने बार-बार भुगतान का वादा तोड़ा. 5 फरवरी को राजपाल ने तिहाड़ जेल में सरेंडर किया और करीब 11 दिन जेल में बिताए.अब अंतरिम जमानत मिलने से राजपाल को राहत मिली है.
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शिखा पाण्डेय News18 Digital के साथ दिसंबर 2019 से जुड़ी हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में उन्हें 12 साल से ज्यादा का अनुभव है. News18 Digital से पहले वह Zee News Digital, Samachar Plus, Virat Vaibhav जैसे प्रतिष्ठ…और पढ़ें
Noida,Gautam Buddha Nagar,Uttar Pradesh
February 17, 2026, 10:25 IST





