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70 के दशक का वो सुपरस्टार जिन्हें फिल्मों की सफलता की गारंटी माना जाता था. एक्टर की एक मुस्कान पर लोग मर-मिटने को तैयार रहते थे. लेकिन जब उनके बेटे ने फिल्मों में कदम रखा, तो पासा उल्टा पड़ गया. सुपरस्टार के …और पढ़ें
स्टारकिड का बॉलीवुड करियर 4 फिल्मों के फ्लॉप होने के बाद तबाह हो गया था. रोमांस हो या सामाजिक मुद्दों पर बनी फिल्में, देवानंद हर फिल्म में खुद को ऐसे ढालते थे कि हर किरदार जीवित हो उठता था. एक्टर के नक्शे कदम पर चलते हुए उनके बेटे ने भी फिल्मी दुनिया में कदम रखा था. सुनील दत्त, धर्मेंद्र की तरह ही देवानंद ने भी अपने बेटे को फिल्मों में लॉन्च किया था, लेकिन उनका तरीका बेहद अनूठा था. जहां सुनील दत्त ने संजय दत्त को ‘रॉकी’ से और धर्मेंद्र ने सनी देओल को ‘बेताब’ से लीड रोल में लॉन्च किया था. वहीं देवानंद ने अपने बेटे को दर्शकों के बीच पहचान दिलाने के लिए सपोर्टिंग रोल चुना था.
देवानंद ने बेटे को साइड रोल में किया था लॉन्च
सुनील आनंद की लगातार 4 फिल्में हुईं फ्लॉप
सपोर्टिंग रोल में फ्लॉप होने के बाद देवानंद के बेटे ने दूसरी फिल्म में लीड रोल अदा करने का फैसला किया. वो फिल्म ‘कार थीफ’ में हीरो के तौर पर पर्दे पर आए. इस फिल्म में एक्ट्रेस विजयता पंडित उनके अपोजिट दिखी थीं. कमाई के मामले में इस फिल्म का भी बंटाधार हो गया. सुनील आनंद की पहली और दूसरी दोनों ही फिल्म बॉक्स-ऑफिस पर औंधे मुंह गिरी. मेकर्स के लागत तक वसूलने में पसीने छूट गए थे.

देवानंद और सुनील आनंद
देवानंद ने उठाया था बेटे को हीरो बनाने का जिम्मा
कई साल बाद लौटे सुनील आनंद का हो गया बंटाधार
लगातार चार फिल्मों के बैक-टू-बैक फ्लॉप होने के बाद सुनील आनंद ने थक-हारकर एक्टिंग से लंबा ब्रेक ले लिया. वो अपने हुनर को निखारने और तराशने के काम में जुट गए. कई साल के लंबे ब्रेक के बाद सुनील ने साल 2001 में मार्शियल आर्ट फिल्म मास्टर के साथ वापसी की. इस फिल्म में अहम किरदार अदा करने के साथ ही उन्होंने इसके निर्देशन की कमान भी संभाली, लेकिन अपने हाथों में लगाम लेने के बावजूद वो अपनी किस्मत नहीं बदल पाए. निर्देशक के तौर पर भी फ्लॉप होने के बाद सुनील आनंद ने इस बात को स्वीाकर कर लिया कि शायद उनकी किस्मत में फिल्मों में सफल होना नहीं था.
पिता की मौत के बाद बने प्रोड्यूसर
देवानंद की मौत से पहले तक सुनील उनके साथ बतौर असिस्टेंट काम करते थे. वो अपने पिता के प्रोडक्शन हाउस नवकेतन में असिस्टेंट डायरेक्टर थे, लेकिन साल 2011 में देवानंद की मौत के बाद सुनील ने बतौर प्रोड्यूसर नवकेतन फिल्म्स का जिम्मा उठाया, लेकिन अफसोस वो प्रोडक्शन भी पिता की विरासत को नहीं संभाल पाए.
New Delhi,New Delhi,Delhi
September 01, 2025, 14:56 IST





