Last Updated:
हिंदी सिनेमा की दुनिया में 60 और 70 के दशक को अगर सुनहरे दौर के रूप में याद किया जाता है, तो उसकी सबसे चमकती सितारों में से एक नाम है साधना शिवदासानी. जिन्होंने देवानंद के साथ एक ऐसा गाना किया था, जो अमर हो गया था.

नई दिल्ली. 60- 70 के दशक की वो बला की खूबसूरत एक्ट्रेस साधना, जिन्होंने सिर्फ अपनी खूबसूरती और अदाकारी के दम पर ही अपने हेयरस्टाइल के लिए भी मिसाल कायम कर दी ती. ‘साधना कट’ ने उन्हें आम लड़कियों की रोल मॉडल बना दिया. मनोज कुमार के साथ तो वह कई हिट दे चुकी हैं.

साधना ने अपने करियर में कई बड़े सितारों के साथ काम किया है. एक्ट्रेस का नाम भी कई स्टार संग जुड़ा रहा और उन्होंने लगभग हर प्रमुख हीरो संग काम किया. मनोज कुमार संग साधना की जोड़ी बेहद पसंद की गई. फिल्म ‘हरीयाली और रास्ता’ में दोनों की जोड़ी ने दर्शकों के दिल जीत लिए. इस फिल्म के गाने और कहानी ने साधना को पारिवारिक दर्शकों की भी पसंद बना दिया.

साधना ने सुनील दत्त संग भी बड़ी हिट दी थी. फिल्म ‘वक्त’ को कौन भूल सकता है, जिसमें राजकुमार, सुनील दत्त और साधना जैसे सितारे एक साथ नजर आए. यश चोपड़ा की इस मल्टीस्टारर फिल्म में साधना की अदाकारी और उनकी दिलकश मुस्कान ने दर्शकों पर गहरी छाप छोड़ी.

भारतीय सिनेमा में कई ऐसी हस्तियां हैं जिनका नाम सुनते ही दिलों में एक अलग ही इज्जत और प्यार जाग जाता है. साधना शिवदासानी भी उनमें से एक हैं. लेकिन उनका सफर बिल्कुल भी आसान नहीं था. उन्होंने छोटी-सी उम्र में ही फिल्मी दुनिया में कदम रखा और शुरुआत राज कपूर की मशहूर फिल्म ‘श्री 420’ के एक गाने में बैकग्राउंड डांसर के रूप में की थी.

साधना शिवदासानी का जन्म 2 सितंबर 1941 को कराची शहर में हुआ था जो उस समय ब्रिटिश भारत का हिस्सा था लेकिन बाद में वह पाकिस्तान का हिस्सा बन गया. उनका परिवार एक सिंधी हिंदू परिवार था और वे अपने माता-पिता की इकलौती संतान थीं.

साधना का फिल्मी सफर एक अनोखे मौके से शुरू हुआ. 14 साल की उम्र में वे राज कपूर की फिल्म ‘श्री 420’ के मशहूर गीत ‘मुड़-मुड़ के ना देख मुड़-मुड़ के’ में बैकग्राउंड डांसर के रूप में दिखीं. यह भूमिका भले ही छोटी थी लेकिन यह उनके करियर की शुरुआत थी. उस समय वे केवल एक सामान्य लड़की थीं लेकिन इस फिल्म के सेट पर उनकी मेहनत और लगन ने हिंदी सिनेमा के दरवाजे खोल दिए. उस समय फिल्मों में आने के लिए काफी संघर्ष करना पड़ता था और साधना ने भी काफी संघर्षों का सामना किया.

फिल्म ‘अबाना’ उनकी पहली सिंधी फिल्म थी जिसमें उन्होंने एक छोटा रोल निभाया था. इसके लिए उन्हें केवल एक रुपये का टोकन अमाउंट मिला था. लेकिन इस छोटे से कदम ने उनकी मेहनत को सही दिशा दी. फिर 1959 में साधना ने बॉलीवुड में ‘लव इन शिमला’ फिल्म से डेब्यू किया जो उनके लिए सफलता की पहली सीढ़ी साबित हुई. इसके बाद उन्होंने कई हिट फिल्मों में काम किया जैसे ‘मेरा साया’, ‘वक्त’, ‘वो कौन थी’, ‘अनीता’, ‘इंतकाम’ और ‘राजकुमार’. इन फिल्मों में उनके अभिनय की खूब तारीफ हुई.

बता दें कि साधना ने मनोज कुमार संग वो कौन थी में बेहद दमदार रोल निभाया था. सुनील दत्त और साधना ने तीन फिल्मों मेरा साया (1966), गबन (1966) और गीता मेरा नाम (1974). मेरा साया एक सस्पेंस-थ्रिलर फिल्म थी. देवानंद के साथ उनका फिल्म असली और नकली का गाना तेरा मेरा प्यार अमर…. तो आज भी लोगों का फेवरेट है. साधना ने इस गाने को अमर कर दिया था.
September 02, 2025, 07:00 IST





