विदेश » शांति समझौते के बीच हमास का खूनी खेल! फिलिस्तीनियों को सरेआम मारी गोली, Video भी बनाया

शांति समझौते के बीच हमास का खूनी खेल! फिलिस्तीनियों को सरेआम मारी गोली, Video भी बनाया

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गाज़ा से एक डरावना वीडियो सामने आया है, जिसमें दिख रहा है कि कुछ फिलिस्तीनी युवकों को हथियारबंद लड़कों ने घुटनों के बल बैठाकर गोली मार दी. पीछे से भीड़अल्लाहु अकबरके नारे लगा रही है और मृतकों कोसहयोगीयानी इजरायल का साथ देने वाला बता रही है. वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और इससे शांति समझौते को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं.

हमास के एक सूत्र ने वीडियो की वास्तविकता की पुष्टि की है. इस क्लिप के आने के बाद चिंता बढ़ गई है कि क्या ट्रंप की मध्यस्थता से हुए शांति समझौते पर खतरा मंडरा रहा है.

शांति समझौता और हमास की स्थिति
कुछ दिन पहले अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और अन्य मध्यस्थों ने गाज़ा युद्ध को खत्म करने के लिए शांति समझौता किया था. समझौते के तहत हमास ने अपने कब्ज़े में रखे सभी जीवित इजरायली बंधकों को रिहा करने का वादा किया. हालांकि, जिनकी मौत हो चुकी थी, उनमें से केवल चार के शव ही लौटाए गए हैं.

इजरायल में परिवारों में गुस्सा है. कई लोगों ने उम्मीद की थी कि उनके प्रियजन वापस आएंगे, लेकिन उन्हें पता चला कि वे मर चुके थे. इस मुद्दे ने समझौते को लेकर उठते सवालों को और बढ़ा दिया है.

हमास का ‘साफ-सफाई’ अभियान
वीडियो के सामने आने के साथ ही हमास ने अपने करीब 7 हजार लड़ाकों को सक्रिय किया. उनका उद्देश्य गाज़ा के उन इलाकों पर दोबारा नियंत्रण पाना है, जो हाल ही में इजरायली सेना ने छोड़े थे.

हमास ने अपने लड़ाकों को संदेश भेजा—“हम गाज़ा को अपराधियों और इजरायल के सहयोगियों से साफ करेंगे. सभी को 24 घंटे में अपनी तय जगहों पर पहुंचना होगा.” इस अभियान में हिंसा बढ़ गई है और कई लोग मारे जा चुके हैं.

डुगमूश परिवार के साथ झड़पें
गाज़ा में हमास और स्थानीय डुगमूश परिवार के बीच पुरानी रंजिश है. हाल की झड़पों में अब तक 27 लोगों की मौत हो चुकी है. इनमें 19 डुगमूश परिवार के सदस्य और आठ हमास के लड़ाके शामिल हैं.

स्थानीय लोग पहले ही इजरायल के साथ हुए युद्ध में परेशान थे. अब उन्हें अपने ही लोगों के डर से भागना पड़ रहा है. एक निवासी ने कहा- पहले लोग इजरायली हमले से भागते थे, अब अपने ही लोगों से भाग रहे हैं.”

हमास का दबदबा और नागरिकों की मुश्किलें
हमास पिछले दो साल से गाज़ा में युद्ध और हमलों के बाद कमजोर हुआ था. लेकिन शांति समझौते के बाद उन्होंने धीरे-धीरे अपने लड़ाकों को सड़कों पर भेजना शुरू कर दिया. साथ ही, उन्होंने महत्वपूर्ण रास्तों और घरों की मरम्मत के लिए कर्मियों को तैनात किया.

हालांकि, हिंसक वीडियो और हालिया झड़पों ने दिखा दिया है कि हमास अभी भी अपने हथियार छोड़ने को तैयार नहीं है और शक्ति बनाए रखने के लिए हिंसा का सहारा ले रहा है.

शांति समझौते की मुश्किलें
समझौते में यह भी लिखा है कि गाज़ा को पूरी तरह हथियार मुक्त किया जाएगा और हमास प्रशासन का हिस्सा नहीं होगा. क्षेत्र की रोजमर्रा की जिम्मेदारी एक अस्थायी, तकनीकी सरकार को सौंपी जाएगी.

लेकिन नए वीडियो और हाल की घटनाओं ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या हमास वाकई हथियार छोड़ देगा या फिर सत्ता बनाए रखने के लिए हिंसा और डर का इस्तेमाल करेगा.

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