शम्मी कपूर हिन्दी सिनेमा के उन चंद सितारों में से थे, जिन्होंने अपने अनोखे अंदाज, मस्तीभरे स्वभाव और जोशीले डांस से 50 और 60 के दशक के दर्शकों का दिल जीत लिया. उनका डांस, उनका स्टाइल और उनका बेबाकपन उस दौर के दूसरे एक्टर्स से काफी अलग था और यही वजह है कि वे भीड़ से अलग खड़े नजर आते थे.
देव आनंद ने किया रिजेक्ट और चमकी शम्मी की किस्मत

कपूर खानदान में ऐसे कई स्टार्स हुए जिन्होंने एक से एक फिल्में दीं.
50 रुपये में शुरू किया करियर
शम्मी कपूर का जन्म 21 अक्टूबर 1931 को मुंबई में हुआ था. उनका असली नाम शमशेर राज कपूर था. पिता पृथ्वीराज कपूर पहले से थिएटर और फिल्मों की दुनिया में नाम बना चुके थे और भाई राज कपूर उस दौर में इंडस्ट्री का उभरता चेहरा थे. शम्मी कपूर की शुरुआती पढ़ाई कोलकाता में हुई, जहां पृथ्वीराज कपूर थिएटर किया करते थे. जब परिवार मुंबई लौटा, तो शम्मी भी पृथ्वी थिएटर से जुड़ गए. यहीं से उन्होंने एक्टिंग की शुरुआत की. यहां वह जूनियर आर्टिस्ट के तौर पर काम करते थे और उन्हें मासिक तनख्वाह महज 50 रुपए मिलती थी.
जब डायरेक्टर को पटाने डिनर पर ले गए शम्मी

शम्मी कपूर और गीता बाली ने 1955 में शादी कर ली. शादी के एक साल बाद गीता ने आदित्य राज कपूर और 5 साल बाद कंचन कपूर को जन्म दिया. 21 जनवरी 1965 में गीता बाली का चेचक के चलते निधन हो गया. गीता ने मरने से पहले तक काम किया. फिल्में करना नहीं छोड़ी.
सिनेमा को दिए सबसे यादगार गाने
1959 की ‘दिल देके देखो’ और फिर 1961 की ‘जंगली’ के साथ शम्मी कपूर का स्टारडम ऊंचाइयों पर पहुंच गया. ‘जंगली’ फिल्म का गाना ‘याहू!’ आज भी भारतीय सिनेमा का सबसे यादगार गाना है और ‘याहू’ लोग जोश के साथ बोलते हैं. इसके बाद ‘प्रोफेसर’ (1962), ‘कश्मीर की कली’ (1964), ‘जानवर’ (1965), ‘तीसरी मंजिल’ (1966), और ‘ब्रह्मचारी’ (1968) जैसी फिल्मों ने शम्मी कपूर को 60 के दशक का स्टाइलिश और एनर्जेटिक हीरो बना दिया.
उम्र-चोट और सेहत से जब हारे शम्मी कपूर

मालूम हो, शम्मी कपूर अ इस दुनिया में नहीं हैं. साल 2011 में 79 साल की उम्र में उनका निधन हो गया था.
फिल्मी रही शम्मी कपूर की शादी
पर्सनल लाइफ की बात करें तो 1955 में शम्मी कपूर ने एक्ट्रेस गीता बाली से बेहद फिल्मी अंदाज में शादी की. रऊफ अहमद के मुताबिक, शम्मी और गीता बाली की उम्र में अंतर था. गीता उनसे बड़ी थीं और उन्हें डर था कि माता-पिता इस शादी के लिए राजी नहीं होंगे. इसलिए उन्होंने जॉनी वॉकर की मदद ली. बता दें कि जॉनी ने भी खुद नूरजहां से गुपचुप शादी की थी. शम्मी गीता से शादी के लिए इतने उत्साहित थे कि वे मंदिर में जल्दबाजी के चक्कर में सिंदूर साथ ले जाना भूल गए थे, ऐसे में उन्होंने गीता की मांग लिपस्टिक से भरी थी.
शम्मी कपूर के निधन का क्या था कारण
शम्मी कपूर की आखिरी फिल्म ‘रॉकस्टार’ थी, जो 2011 में रिलीज हुई थी. इसमें रणबीर कपूर नजर आए थे. इस फिल्म में उन्होंने उस्ताद जमील खान का किरदार निभाया. 11 नवंबर को फिल्म रिलीज हुई, लेकिन उससे तीन महीने पहले, 14 अगस्त 2011 को किडनी फेल होने से शम्मी कपूर का निधन हो गया.





