भारत » ‘वोट चोरी’ पर अब क्या हो गया दूध का दूध और पानी का पानी… राहुल गांधी के आरोपों पर EC ने दे दिया कट टू कट जवाब-what is the truth behind vote theft election commission gave a cut to cut reply to rahul gandhi allegations

‘वोट चोरी’ पर अब क्या हो गया दूध का दूध और पानी का पानी… राहुल गांधी के आरोपों पर EC ने दे दिया कट टू कट जवाब-what is the truth behind vote theft election commission gave a cut to cut reply to rahul gandhi allegations

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नई दिल्ली. चुनाव आयोग ने रविवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी के हर उस सवाल का जवाब दिया, जो वह बीते महीनों से प्रेस कॉन्फ्रेंस और रैलियों में उठा रहे थे. चुनाव आयोग ने राहुल गांधी के वोट चोरी, डबल वोटिंग, दो इप‍िक कार्ड, बिहार में एसआईआर सहित पश्चिम बंगाल में एसआईआर कब शुरू होगा सहित हर सवाल का कट टू कट जवाब दिया. चुनाव आयोग ने अपनी तरफ से रविवार को वोट चोरी के आरोप पर दूध का दूध और पानी का पानी कर दिया. ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि चुनाव आयोग के इस जवाब के बाद क्या क्या राहुल गांधी या आरजेडी नेता तेजस्वी यादव अब इसे मुद्दा नहीं बनाएंगे? या फिर राहुल गांधी सहित विपक्षी नेता चुनाव आय़ोग को इसी तरह कटघरे में खड़ा करते रहेंगे तो क्या उन पर कानूनी कार्रवाई भी हो सकती है?

रविवार को बिहार के सासाराम में कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने अपनी ‘वोटर अधिकार यात्रा’ की शुरुआत करते हुए निर्वाचन आयोग और बीजेपी पर एक बार फिर से ‘वोट चोरी’ का गंभीर आरोप लगाया. उन्होंने दावा किया कि मतदाता सूची में हेरफेर कर लोकतंत्र को कमजोर किया जा रहा है. इस यात्रा का मकसद बिहार में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया के जरिए कथित तौर पर मतदाताओं के अधिकारों पर हो रहे हमले को उजागर करना था. लेकिन चुनाव आयोग ने राहुल की सभा के कुछ ही देर बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस कर उनके आरोपों का ‘कट टू कट’ जवाब दे दिया, जिसने अब सियासी हलकों में हंगामा मचा दिया है.

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने दिल्ली में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में राहुल गांधी के ‘वोट चोरी’ के दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया. उन्होंने कहा, ‘वोट चोरी जैसे शब्दों का इस्तेमाल संविधान का अपमान है. अगर राहुल गांधी के पास सबूत हैं तो वे शपथपत्र देकर कोर्ट में अपनी बात रखें, वरना देश से माफी मांगें.’ आयोग ने साफ किया कि मतदाता सूची की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी है और सभी राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंट्स ने ड्राफ्ट सूची को सत्यापित किया है.

राहुल गांधी के हर सवाल का ईसी ने दिया जवाब

बता दें कि राहुल गांधी ने 7 अगस्त 2025 को दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कर्नाटक के बेंगलुरु सेंट्रल लोकसभा क्षेत्र के महादेवपुरा विधानसभा का उदाहरण देते हुए दावा किया था कि वहां 1,00,250 फर्जी वोट डाले गए. उन्होंने आंकड़े पेश कर कहा कि डुप्लीकेट वोटर, गलत पते और फर्जी फोटो के जरिए वोटर लिस्ट में हेरफेर हुआ. लेकिन चुनाव आयोग ने इन दावों को बेबुनियाद करार दिया. यूपी के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने 7 अगस्त को एक एक्स पोस्ट में खुलासा किया कि राहुल द्वारा उल्लेखित दो वोटर, आदित्य श्रीवास्तव और विशाल सिंह, केवल कर्नाटक में ही पंजीकृत हैं, न कि लखनऊ या वाराणसी में, जैसा कि दावा किया गया था.

क्या फिर भी वोट चोरी का मामला गर्माएगा?

आयोग ने यह भी बताया कि बिहार में एसआईआर प्रक्रिया 2003 में भी सफलतापूर्वक हुई थी और अब भी सभी दलों के सहयोग से हो रही है. ज्ञानेश कुमार ने कहा, ‘हमारे दरवाजे सभी दलों के लिए खुले हैं. अगर कोई गड़बड़ी है, तो समय पर शिकायत करें. बिना सबूत के भ्रम फैलाना लोकतंत्र के लिए खतरनाक है.’ उन्होंने जोर देकर कहा कि आयोग किसी भी दल के प्रति पक्षपात नहीं करता और सभी के लिए समान है. सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर 65 लाख हटाए गए नामों का विवरण भी जिला स्तर पर साझा किया गया है.

राहुल के आरोपों और आयोग के जवाब ने बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से पहले सियासी माहौल को गरमा दिया है. जहां कांग्रेस और विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ इसे जनता के बीच ले जाने की कोशिश में हैं, वहीं बीजेपी ने इसे ‘मीडिया स्टंट’ करार दिया. अब सवाल यह है कि क्या राहुल गांधी कोर्ट में अपने दावों को साबित करेंगे या यह विवाद महज सियासी शोर बनकर रह जाएगा? अगर चुनाव आयोग पर इस तरह के आरोप लगते रहेंगे तो हो सकता है चुनाव आयोग एफआईआर दर्जा कर राहुल गांधी सहित विपक्षी नेताओं पर यह साबित करने का दवाब बनाए. बहरहाल, लोकतंत्र में बहस ज़रूरी है, लेकिन तथ्यों के साथ और इस बार चुनाव आयोग ने अपने जवाब से यही संदेश देने की कोशिश की है कि ‘अब हो गया है दूध का दूध और पानी का पानी’

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