भारत » राफेल की मम्मी से हो गई डील, बनाएगी भारत के 5th Gen फाइटर जेट का गुर्दा, F-35, Su-57… सबको पिलाएगी पानी

राफेल की मम्मी से हो गई डील, बनाएगी भारत के 5th Gen फाइटर जेट का गुर्दा, F-35, Su-57… सबको पिलाएगी पानी

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भारत ने अपना पांचवी पीढ़ी का लड़ाकू विमान (5th Gen Fighter Jets) बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठा लिया है. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बताया कि भारत अपने 5th जेन फाइटर जेट के लिए इंजन का निर्माण देश के भीतर ही करेगा. राफेल जेट के एम88 इंजन की ‘मम्मी’ यानी निर्माता कंपनी सैफ्रान अब भारत के एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (AMCA) प्रोग्राम के लिए हाई-थ्रस्ट इंजन विकसित करेगी. यह इंजन ही AMCA का ‘गुर्दा’ होगा, जो इसे स्टील्थ, सुपरक्रूज और हाई मैन्युवरेबिलिटी की ताकत देगा. विशेषज्ञों का मानना है कि यह तकनीक भारत को अमेरिका के एफ-35 और रूस के एसयू-57 जैसे 5th जेन फाइटर जेट्स से भी आगे ले जाएगी, और भारत की वायुसेना को दुनिया की सबसे मजबूत ताकतों में से एक बना देगी.

राजनाथ सिंह ने यह घोषणा ‘इकोनॉमिक टाइम्स वर्ल्ड लीडर्स फोरम’ में की. उन्होंने कहा, ‘भारत ने आज पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान के निर्माण की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है. हम फ्रांसीसी कंपनी सैफ्रान के साथ मिलकर भारत में ही फाइटर जेट इंजन का निर्माण शुरू करने जा रहे हैं.’

भारत की अपनी ‘स्टेल्थ’ ताकत

यह करार भारत के एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (AMCA) प्रोजेक्ट की दिशा में बड़ा कदम होगा. इस प्रोजेक्ट को एरोनॉटिकल डेवलपमेंट एजेंसी (ADA) लीड कर रही है और इसमें निजी कंपनी की भी अहम भागीदारी होगी.

AMCA को भारत का पहला स्वदेशी स्टेल्थ-हेवी मल्टी-रोल फाइटर जेट माना जा रहा है. यह 25 टन का ट्विन-इंजन एयरक्राफ्ट होगा, जिसमें 6.5 टन तक का इंटरनल फ्यूल कैपेसिटी होगी. इसमें सुपरक्रूज़ क्षमता, आंतरिक हथियार बे, सेंसर फ्यूज़न और नेक्स्ट-जेनरेशन एवियोनिक्स जैसी खूबियां होंगी.

**EDS: THIRD PARTY** In this image posted by @SpokespersonMoD via X on Feb. 11, 2025, a model of Advanced Medium Combat Aircraft (AMCA) on display at the Aero India 2025, in Bengaluru. (@SpokespersonMoD via PTI Photo) (PTI02_11_2025_000132B)

सरकार ने पहले ही AMCA के लिए 15,000 करोड़ रुपये की शुरुआती लागत को मंजूरी दे दी है. एक्सपर्ट मानते हैं कि इसका डिजाइन और तकनीक भारत को अमेरिकी F-35 और रूस के Su-57 जैसे पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमानों की बराबरी, बल्कि कुछ मामलों में उनसे आगे तक पहुंचा सकता है.

क्यों अहम है यह डील?

भारत लंबे समय से अपने लड़ाकू विमानों के लिए विदेशी इंजनों पर निर्भर रहा है. चाहे सुखोई-30MKI हों या तेजस, इंजन की निर्भरता पूरी तरह से बाहर रही. लेकिन अब राफेल के इंजन बनाने वाली सैफ्रान से साझेदारी के बाद भारत न केवल आत्मनिर्भर होगा, बल्कि भविष्य में इंजन तकनीक निर्यातक भी बन सकता है.

पिछले अप्रैल में पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ लॉन्च किया था. इसके बाद से ही वायुसेना के आधुनिकीकरण और स्वदेशी रक्षा उत्पादन पर ज़ोर बढ़ा है. AMCA और इंजन निर्माण की इस डील को उसी कड़ी का हिस्सा माना जा रहा है.

भारत के 5th Gen फाइटर जेट में होंगी क्या-क्या खूबियां?

  • वजन और क्षमता: 25 टन का ट्विन-इंजन एयरक्राफ्ट, जिसमें 6.5 टन इंटरनल फ्यूल कैपेसिटी है.
  • तकनीकी फीचर्स: स्टील्थ (रडार से बचाव), सेंसर फ्यूजन, इंटरनल वेपन्स बे, सुपरक्रूज (बिना आफ्टरबर्नर के सुपरसोनिक स्पीड), और नेक्स्ट-जनरेशन एवियोनिक्स.
  • रॉल: मल्टी-रॉल फाइटर, जो गहरे हमलों, एयर डिफेंस और इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर में सक्षम.
  • लागत: प्रोजेक्ट की शुरुआती लागत 15,000 करोड़ रुपये अनुमानित है.

F-35 और Su-57 को टक्कर

फ्रांस की सैफ्रान इंजन निर्माण में दुनिया की टॉप कंपनी मानी जाती है. यह न सिर्फ राफेल बल्कि कई सैन्य विमानों के लिए इंजन बनाती है. सैफ्रान का अनुभव और भारत की बढ़ती एयरोस्पेस क्षमता मिलकर भारत को आने वाले दशकों में दुनिया की सबसे आधुनिक वायु सेनाओं की कतार में खड़ा कर सकते हैं.

विशेषज्ञ मानते हैं कि AMCA का हाईटेक डिज़ाइन, सैफ्रान की इंजन तकनीक और विमान की स्टेल्थ क्षमता मिलकर इसे अमेरिका के F-35 और रूस के Su-57 जैसे विमानों से भी आगे ले जा सकती है. F-35 और Su-57 जैसे जेट्स की तुलना में AMCA की कम लागत और उन्नत फीचर्स भारत को हवाई युद्ध में ‘गेम-चेंजर’ बना देंगे. यही वजह है कि इसे लेकर रक्षा जगत में चर्चा है कि आने वाले समय में भारत का यह ‘देसी शिकारी’ वैश्विक आसमान पर वर्चस्व कायम कर सकता है.

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