मनोरंजन » राजपाल यादव की तिहाड़ में कैसे कट रहे दिन-रात, छोटा राजन वाली जेल में कैद एक्टर, मिल रही हैं कैसी सुविधा?

राजपाल यादव की तिहाड़ में कैसे कट रहे दिन-रात, छोटा राजन वाली जेल में कैद एक्टर, मिल रही हैं कैसी सुविधा?

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नई दिल्ली. बॉलीवुड कॉमेडियन और एक्टर राजपाल यादव का नाम जब भी आता है, लोगों के चेहरे पर मुस्कान आ जाती है. लेकिन इन दिनों चर्चा उनकी फिल्मों या कॉमिक टाइमिंग की नहीं, बल्कि तिहाड़ जेल में गुजर रहे वक्त की है. एक्टर ने हाल ही में तिहाड़ जेल में सरेंडर किया है. उन्हें करीब 9 करोड़ रुपये के चेक बाउंस मामले में दिल्ली हाई कोर्ट ने ये सजा सुनाई है, जिसके बाद उन्हें जेल जाना पड़ा. जेल की सलाखों के पीछे राजपाल यादव को अब बॉलीवुड की मदद मिल रही है, लेकिन फिलहाल तो वह आम कैदी की तरह तिहाड़ की जेल नंबर 2 में हैं.

सूत्रों के मुताबिक, राजपाल यादव को तिहाड़ के अंदर कोई वीआईपी ट्रीटमेंट नहीं दिया जा रहा है. ये वहीं जेल नंबर 2 है, जहां कभी छोटा राजन और नीरज बवाना जैसे गैंगस्टर्स को रखा गया था. बताया जाता है कि राजपाल यादव भी ज्यादातर वक्त शांत रहते हैं और कानूनी प्रक्रिया पर ध्यान दे रहे हैं.

जेल में कैसे कट रहे हैं रात-दिन?

तिहाड़ एशिया की सबसे बड़ी जेलों में गिनी जाती है और यहां कैदियों के लिए तय नियम बेहद सख्त होते हैं. किसी भी बंदी की तरह राजपाल यादव को भी जेल मैनुअल के अनुसार ही रहना पड़ रहा है. सूत्रों के मुताबिक, जेल में उन्हें आम कैदी की तरह जीवन जीना पड़ रहा है. सुबह तय समय पर उठना, हाजिरी, साफ-सफाई और निर्धारित रूटीन का पालन, इन सब में कोई ढील नहीं दी जाती.

राजपाल यादव को जेल नं 2 में हैं और जेल मैनुअल के मुताबिक दिन-रात काट रहे हैं.

सुबह से शाम तक क्या रहता है रूटीन?

सूत्रों के मुताबिक, सुबह ठीक 6 बजे उन्हें बैरक से बाहर निकलने दिया जाता है, जहां उन्हें नित्य क्रिया के बाद चाय और नाश्ता दिया जाता है. दिन भर जेल के अंदर रहने के बाद शाम 6 बजे उन्हें रात का खाना दिया जाता है. खाने-पीने की व्यवस्था जेल की ओर से तय मेन्यू के मुताबिक मिलती है, जिसमें दाल, सब्जी, रोटी और चावल शामिल होते हैं.

कैदी रहते हैं राजपाल से मिलने के लिए उत्सुक

हाई सिक्योरिटी वार्ड होने के कारण जेल के अन्य कैदी उनसे मिलने को उत्सुक रहते हैं, लेकिन सख्त सुरक्षा के चलते किसी को भी उनके पास नहीं आने दिया जा रहा है. नामी एक्टर का इस तरह जेल में होना उनके फैंस के लिए चौंकाने वाला जरूर है, लेकिन तिहाड़ में नियम सबके लिए समान माने जाते हैं. अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि कानूनी मोर्चे पर आगे क्या होता है और कब तक उन्हें राहत मिल पाती है.

क्यों जेल में बंद हैं राजपाल यादव

मामला 2010 का है, जब राजपाल ने अपनी डायरेक्टोरियल डेब्यू फिल्म ‘अता पता लापता’ के लिए मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड से करीब 5 करोड़ रुपये उधार लिए थे. फिल्म बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप रही, जिससे भारी नुकसान हुआ. लोन चुकाने में असमर्थ होने पर ब्याज और पेनल्टी बढ़ते गए और आउटस्टैंडिंग अमाउंट लगभग 9 करोड़ रुपये हो गया. राजपाल ने कई चेक जारी किए, लेकिन वे डिसऑनर हो गए, जिससे नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट के तहत क्रिमिनल केस दर्ज हुआ.

  1. अप्रैल 2018 में मजिस्ट्रेट कोर्ट ने राजपाल और उनकी पत्नी को दोषी ठहराया, 6 महीने की सजा सुनाई.
  2. 2019 में सेशंस कोर्ट ने फैसला बरकरार रखा.
  3. मामला दिल्ली हाई कोर्ट पहुंचा, जहां कई बार इंस्टॉलमेंट में पेमेंट के लिए एक्सटेंशन मिले.
  4. कोर्ट ने 7 केसों में हर केस में 1.35 करोड़ रुपये पे करने का निर्देश दिया.
  5. अक्टूबर 2025 में 75 लाख के दो डिमांड ड्राफ्ट जमा हुए, लेकिन बाकी अमाउंट बाकी रहा.
  6. जून 2024 में हाई कोर्ट ने कन्विक्शन सस्पेंड किया, लेकिन सेटलमेंट की कोशिशें नाकाम रहीं.
  7. 2 फरवरी 2026 को जस्टिस स्वर्णा कांता शर्मा ने राजपाल को 4 फरवरी शाम 4 बजे तक सरेंडर करने का आदेश दिया, उनकी बार बार वादा तोड़ने की कड़ी आलोचना की.
  8. 5 फरवरी को राजपाल कोर्ट में पेश हुए, 25 लाख का ड्राफ्ट देने की पेशकश की लेकिन कोर्ट ने मना कर दिया. कहा कि फेम के आधार पर स्पेशल ट्रीटमेंट नहीं मिल सकता.
  9. उसी दिन शाम को राजपाल ने तिहाड़ जेल में सरेंडर किया और सजा शुरू की.

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