भारत » ये छुटकू मिसाइल तो कमाल है, सैनिक को बना दिया चलता फिरता मिसाइल, चीन-PAK बॉर्डर पर दुश्‍मनों में पैदा कर रहा दहशत – Why Spike missile gamechanger in war India Buy from Israel Now DRDO Preparing soldier can destroy Tank alone

ये छुटकू मिसाइल तो कमाल है, सैनिक को बना दिया चलता फिरता मिसाइल, चीन-PAK बॉर्डर पर दुश्‍मनों में पैदा कर रहा दहशत – Why Spike missile gamechanger in war India Buy from Israel Now DRDO Preparing soldier can destroy Tank alone

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नई दिल्‍ली. इजरायल की हथियार तकनीक दुनिया भर में मशहूर है। इसी कड़ी में स्पाइक मिसाइल (Spike ATGM – Anti-Tank Guided Missile) एक ऐसा हथियार है जो पल भर में युद्ध की स्थिति बदल सकता है। इसे युद्धक्षेत्र में क्रांति लाने के लिए भी जाना जाता है। यही वजह है कि यह मिसाइल दुनिया के 30 से ज्‍यादा देशों की सेनाओं में शामिल है। साल 2019 में भारत ने पाकिस्तान और चीन से संभावित खतरे को देखते हुए इमरजेंसी परचेज के तहत इसे खरीदा था।

इजरायल संग इंडिया में बन रही स्‍पाइक मिसाइल
भारत ने त‍ब लगभग 210 स्पाइक मिसाइलें और 12 लॉन्चर इजरायल से खरीदे थे. इसकी कीमत करीब ₹280 करोड़ थी. भारत और इज़रायल मिलकर स्‍पाइक मिसाइल का भारत में निर्माण भी करने की योजना बना रहे हैं. इसके लिए DRDO और इजरायल की Rafael कंपनी की साझेदारी में “मेक इन इंडिया” के तहत काम चल रहा है. हालांकि भारत स्वदेशी नाग (Nag ATGM) और हेलिना जैसी मिसाइलें भी बना रहा है.

मिसाइल का वेट-हाइट
लंबाई: लगभग 1.2 मीटर
वजन 28 किलो (मिसाइल: 14 KG + लॉन्चर 12-14 KG)

पैदल सैनिक को स्‍पाइक बनाती है टैंक डिस्‍ट्रॉयर
स्पाइक मिसाइल आधुनिक युद्ध का एक गेमचेंजर हथियार है. इसकी सबसे बड़ी ताकत है – दूर से वार करने की क्षमता, बेहद सटीक गाइडेंस और मल्टी-प्लेटफॉर्म लचीलापन. जहां एक ओर यह पैदल सैनिक को “टैंक डेस्ट्रॉयर” बना देती है, वहीं दूसरी ओर एयरफोर्स और नेवी भी इससे दुश्मन पर दूर से सटीक वार कर सकती हैं यही वजह है कि आज यह मिसाइल न सिर्फ इज़रायल की सुरक्षा ढाल है, बल्कि दुनिया भर की सेनाओं के शस्त्रागार की शान भी बन चुकी है.

स्पाइक मिसाइल के कितने वैरिएंट्स?

Spike-SR (शॉर्ट रेंज) : 50 मीटर से 1.5 किलोमीटर तक.

Spike-MR (मीडियम रेंज) : 2.5 किलोमीटर तक.

Spike-LR (लॉंग रेंज) : 4 किलोमीटर तक.

Spike-LR II : 5.5 किलोमीटर तक, वायरलेस फायर-एंड-फॉरगेट गाइडेंस.

Spike-ER (एक्‍सटेंडेड रेंज) : 8 किलोमीटर तक.

Spike-NLOS (नॉन लाइन ऑफ साइट) : 25 किलोमीटर तक (हेलिकॉप्टर, ड्रोन और वाहन से दागी जा सकती है).

स्‍पाइक मिसाइल क्‍यों इतनी खास?

फायर-एंड-फॉरगेट : मिसाइल दागने के बाद ऑपरेटर को उसे गाइड करने की जरूरत नहीं रहती.

फायर-ऑब्जर्व-एंड-अपडेट : ऑपरेटर चाहे तो उड़ान के दौरान भी टारगेट बदल सकता है.

टॉप अटैक मोड : यह मिसाइल टैंक या बख्तरबंद वाहन के ऊपर से वार करती है, जहां कवच सबसे कमजोर होता है.

डे-नाइट ऑपरेशन: थर्मल इमेजिंग सीकर के जरिए दिन और रात दोनों में एक जैसी क्षमता.

मल्टी-प्लेटफॉर्म : इसे पैदल सेना, हेलिकॉप्टर, ड्रोन, नौसैनिक जहाज और बख्तरबंद वाहन से दागा जा सकता है.

हाई प्रिसिजन : यह मिसाइल GPS और इलेक्ट्रो-ऑप्टिकल गाइडेंस सिस्टम से लैस.

रियल-टाइम इंटेलिजेंस : Spike-NLOS कैमरा लाइव वीडियो भेज सकता है, जिससे युद्धक्षेत्र की निगरानी भी होती है.

कहां-कहां इस्तेमाल हुई स्‍पाइक मिसाइल

मध्य पूर्व : इज़रायल ने लेबनान, गाजा और सीरिया में कई ऑपरेशनों में स्पाइक का इस्तेमाल किया है.
अजरबैजान-आर्मेनिया युद्ध (2020) : नागोर्नो-काराबाख संघर्ष में अजरबैजान ने स्पाइक मिसाइल से आर्मेनियाई टैंकों और ठिकानों को निशाना बनाया.
यूरोप : लिथुआनिया, पोलैंड और रोमानिया जैसी सेनाएं रूस की आक्रामकता को देखते हुए इसका इस्तेमाल करती हैं.

किन-किन देशों के पास है?
भारत, जर्मनी, स्पेन, पोलैंड, लिथुआनिया, इटली, कोलंबिया, पेरू, सिंगापुर, फिलीपींस, वियतनाम, अज़रबैजान, चिली और दक्षिण कोरिया समेत 30 से ज्यादा देशों की सेनाओं में यह शामिल है.

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