व्यापार » म्‍यूचुअल फंड निवेशकों का बदल रहा मन, अब बड़ी और छोटी कंपनियों पर नहीं लगाते दांव, फिर कहां कर रहे निवेश

म्‍यूचुअल फंड निवेशकों का बदल रहा मन, अब बड़ी और छोटी कंपनियों पर नहीं लगाते दांव, फिर कहां कर रहे निवेश

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नई दिल्‍ली. म्‍यूचुअल फंड निवेशकों ने अब अपने प्‍लान में बड़ा बदलाव किया है. अब वे न तो बड़ी कंपनियों पर दांव लगाते हैं और न ही छोटी कंपनियों पर. फिर भी उन्‍हें लगातार मुनाफा रहा है. एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (एम्फी) ने आंकड़े जारी कर बताया है कि निवेशक अब मिड कैप वाली कंपनियों पर ज्‍यादा भरोसा दिखा रहे हैं. इसके अलावा फ्लेक्‍सी कैप वाले फंड भी निवेशकों की पहली पसंद बनते जा रहे हैं.

एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (एम्फी) ने बताया है कि म्यूचुअल फंड निवेशक अपने पोर्टफोलियो में विविधता लाने की मुहिम में जुटे हैं. आंकड़ों पर गौर करने से पता चलता है कि निवेशक अपने पोर्टफोलियो का विस्तार करने के लिए फ्लेक्सी कैप और मिड कैप फंडों का विकल्प चुन रहे हैं, जिस पर अब तक लार्ज कैप और स्मॉल कैप म्यूचुअल फंडों का दबदबा था.

क्‍या कहते हैं आंकड़े
एम्फी के आंकड़ों से पता चलता है कि फ्लेक्सी कैप म्यूचुअल फंड निवेश खींचने के मामले में सबसे ऊपर रहे. इसमें निवेश इस साल सितंबर में 7,029 करोड़ रुपये से बढ़कर अक्टूबर में 8,929 करोड़ रुपये हो गया. मिडकैप म्यूचुअल फंड में निवेश 3,807 करोड़ रुपये रहा, जो सभी इक्विटी फंडों में दूसरा सबसे ज्‍यादा है. इक्विटी म्यूचुअल फंड के शुद्ध निवेश में लगभग 19% की गिरावट आई है. इक्विटी म्यूचुअल फंड में सबसे ज्‍यादा नुकसान लार्जकैप और स्मॉलकैप फंडों को हुआ है, क्योंकि निवेशक फ्लेक्सीकैप और मिडकैप म्यूचुअल फंडों में निवेश करना ज्‍यादा पसंद कर रहे हैं.

फ्लेक्‍सी कैप फंड का दबदबा
एम्‍फी के आंकड़े साफ बताते हैं कि फ्लेक्सी कैप म्यूचुअल फंडों का दबदबा बना हुआ है, लेकिन मिड कैप म्यूचुअल फंड श्रेणी में लोगों की दिलचस्पी बढ़ रही है. चूंकि, मिडकैप भी फ्लेक्सी कैप पोर्टफोलियो का हिस्सा हैं, इसलिए बाजार विश्लेषकों का मानना ​​है कि यह श्रेणी अपने प्रदर्शन के लिए सबसे आगे है. निवेशकों ने हाल के दिनों में अपना निवेश भी इस कैटेगरी में सबसे ज्‍यादा बढ़ाया है.

किसने दिया ज्‍यादा रिटर्न
पिछले तीन वर्षों में निप्पॉन इंडिया ग्रोथ मिडकैप फंड ने 25.13% का शानदार रिटर्न दिया है. ऐसे समय में जब ज़्यादातर इक्विटी फंड पिछड़ रहे हैं. इसी अवधि में, यूटीआई मिडकैप फंड और डीएसपी मिडकैप फंड ने क्रमशः 21.22% और 18.44% रिटर्न दिया है. दिलचस्प बात यह है कि पिछले तीन वर्षों में विभिन्न एएमसी के 35 मिडकैप फंडों में से केवल पांच मिडकैप फंडों ने 20% से कम रिटर्न दिया है और सबसे कम रिटर्न 15% से ऊपर रहा है, जो मिडकैप फंड श्रेणी के ठोस प्रदर्शन को दर्शाता है.

मिड कैप का कैस प्रदर्शन
निप्पॉन इंडिया ग्रोथ मिड कैप फंड को ही ले लीजिए, जिसे 30 साल से भी ज्‍यादा पहले लॉन्च किया गया था. इस फंड ने अपनी शुरुआत से ही 22.28% की प्रभावशाली सीएजीआर की दर से रिटर्न दिया है. यह फंड उन कंपनियों में निवेश करता है जो औसत से ज्‍यादा ग्रोथ देती हैं और समय के साथ अच्छा रिटर्न देने की क्षमता रखती हैं. इस फंड की सफलता का कारण एक सुस्पष्ट निवेश प्रक्रिया, कठोर जोखिम प्रबंधन और गहन शोध है. इसकी तुलना में फ्रैंकलिन मिड कैप फंड, जिसने 1 दिसंबर को अपने 33 साल पूरे कर लिए हैं, ने अपनी शुरुआत से अब तक 19.21% का रिटर्न दिया है.

क्‍यों मिड कैप हैं पसंद
मिड कैप फंड लंबी अवधि के निवेश के लिए आदर्श होते हैं और चूंकि ये पूंजी वृद्धि को प्राथमिकता देते हैं, इसलिए निवेशकों को समय के साथ निवेश के मूल्य में लगातार वृद्धि मिलती है. इसके अलावा, मिड कैप फंड विभिन्न क्षेत्रों में विविधीकरण की सुविधा प्रदान करते हैं, जिससे जोखिम कम करने में मदद मिलती है. यही वजह है जो निवेशक लंबी अवधि के लिए अपना पैसा लगाना चाहते हैं, वह स्थिर रिटर्न के लिए मिडकैप की तरफ ही देखते हैं.

(Disclaimer: यहां बताए गए स्‍टॉक्‍स ब्रोकरेज हाउसेज की सलाह पर आधारित हैं. यदि आप इनमें से किसी में भी पैसा लगाना चाहते हैं तो पहले सर्टिफाइड इनवेस्‍टमेंट एडवायजर से परामर्श कर लें. आपके किसी भी तरह की लाभ या हानि के लिए लिए News18 जिम्मेदार नहीं होगा.)

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